डीएम की थिरकन से सजी शाम, एसडीएम ने भी मिलाई ताल —
समारोह में दिखा प्रशासन का मानवीय चेहरा

देवरिया के रुद्रपुर स्थित दुग्धेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि शिव जागरण के दौरान डीएम दिव्या मित्तल और एसडीएम दिशा श्रीवास्तव भक्ति भाव से नृत्य करती हुईं

✍️इरफान अली लारी की रिपोर्ट
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देवरिया। महाशिवरात्रि की पावन बेला पर आस्था, उत्सव और प्रशासनिक संवेदना का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने छोटी काशी कहे जाने वाले रुद्रपुर कस्बे को एक अलग ही पहचान दे दी। दुग्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित शिव जागरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का भक्ति भाव से झूमकर किया गया नृत्य न केवल उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए अप्रत्याशित था, बल्कि यह उस क्षण का प्रतीक बन गया जब प्रशासनिक पद की औपचारिकता पीछे छूट गई और सामने आया एक सहज, मानवीय चेहरा।

भक्ति, उत्साह और सहभागिता का अद्भुत संगम

महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और होली गीतों की स्वर लहरियाँ गूंज रही थीं। श्रद्धालु भक्ति में सराबोर थे, महिलाएं और पुरुष समान भाव से झूम रहे थे। इसी वातावरण में जब डीएम दिव्या मित्तल ने शिव भक्तों के साथ कदम मिलाए, तो पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा। उनके नृत्य में प्रदर्शन का भाव नहीं, बल्कि श्रद्धा और सहभागिता की सादगी झलक रही थी।

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एसडीएम दिशा श्रीवास्तव भी हुईं शामिल

डीएम को भक्ति में लीन देख सलेमपुर की एसडीएम दिशा श्रीवास्तव भी स्वयं को रोक नहीं सकीं। उन्होंने भी ताल से ताल मिलाई और कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रशासनिक अधिकारियों का यह सहज रूप उपस्थित लोगों के लिए सुखद आश्चर्य का कारण बना। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दोनों अधिकारियों का उत्साह और सहजता स्पष्ट दिखाई दे रही है, जिसे लोग सकारात्मक दृष्टि से देख रहे हैं।

सकारात्मक सोच और संवेदनशील प्रशासन की पहचान

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल पहले भी अपनी संवेदनशील कार्यशैली और सकारात्मक सोच के कारण चर्चा में रही हैं। जिले में आयोजित धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी उन्हें आम लोगों से जोड़ती है। इससे पूर्व बालाजी मंदिर में आयोजित अन्नकूट महोत्सव और देवरही मंदिर के कार्यक्रमों में भी उनका भक्ति भाव से शामिल होना चर्चा का विषय बना था।

शिव जागरण की इस शाम ने यह संकेत दिया कि प्रशासन केवल आदेश और निर्देश का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक धारा का भी सहभागी हो सकता है। जब अधिकारी जनता के साथ खड़े दिखाई देते हैं, तो दूरी कम होती है और विश्वास का दायरा व्यापक होता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डीएम और एसडीएम ने किस अवसर पर नृत्य किया?

महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर रुद्रपुर स्थित दुग्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित शिव जागरण कार्यक्रम में दोनों अधिकारियों ने भक्ति भाव से नृत्य किया।

क्या यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है?

हाँ, कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और लोग इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

डीएम दिव्या मित्तल पहले भी धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुई हैं?

हाँ, इससे पहले भी वह अन्नकूट महोत्सव और अन्य धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कर चुकी हैं, जिसकी सराहना हुई थी।


समाचार दर्पण 24 के संपादक कार्य करते हुए, संयमित शब्द और गहरे असर वाली पत्रकारिता का प्रतीकात्मक दृश्य
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