ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग में सुविधाओं की मांग
समस्या समाधान नहीं होने पर 2 अप्रैल से आमरण अनशन की चेतावनी

ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर साधु-संत और ग्रामीण प्रशासन को ज्ञापन देते हुए


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रिपोर्टर: हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

डीग। ब्रज की पवित्र परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक मानी जाने वाली ब्रज 84 कोस परिक्रमा को लेकर एक बार फिर स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की कमी का मुद्दा उठ खड़ा हुआ है। कामवन क्षेत्र में स्थित ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर पदयात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और मार्ग से अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने की मांग को लेकर वैष्णो देवी मंदिर के महंत के नेतृत्व में ग्रामीणों और साधु-संतों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

बादली, विलौद और बौलखेड़ा गांव के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने कामां के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सुभाष यादव को ज्ञापन देते हुए परिक्रमा मार्ग से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि स्थानीय प्रशासन द्वारा समय रहते इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो साधु-संत और ग्रामीण 2 अप्रैल से एसडीएम कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।

अधिक मास की परिक्रमा से पहले बढ़ी चिंता

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में स्थित वैष्णो देवी मंदिर के महंत ब्रज बिहारी शरण उर्फ फरसा वाले बाबा ने ज्ञापन में बताया कि आगामी 17 मई से 15 जून तक अधिक मास के अवसर पर ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा पदयात्रा आयोजित होगी। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए ब्रज क्षेत्र की परिक्रमा करते हैं।

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महंत ब्रज बिहारी शरण ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अभी तक पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। खासतौर पर कामवन क्षेत्र में स्थित वैष्णो देवी मंदिर यात्रियों का प्रमुख पड़ाव है, लेकिन यहां पर ठहरने, पानी, शौचालय और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गंभीर अभाव है।

उन्होंने बताया कि इस कारण पदयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार बुजुर्ग श्रद्धालु और महिलाएं भी इन सुविधाओं के अभाव में परेशान हो जाती हैं, जिससे धार्मिक यात्रा का उद्देश्य भी प्रभावित होता है।

परिक्रमा मार्ग पर सड़क और धर्मशाला की मांग

ज्ञापन में प्रमुख मांगों में वैष्णो देवी मंदिर से लेकर परिक्रमा मार्ग तक पक्की सड़क बनवाने की मांग शामिल है। ग्रामीणों और साधु-संतों का कहना है कि वर्तमान में मार्ग की स्थिति काफी खराब है, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती है।

इसके अलावा मंदिर परिसर के पास यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला का निर्माण कराने की भी मांग की गई है। साथ ही स्वच्छता की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण भी आवश्यक बताया गया है।

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ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यात्रियों को बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अलग से विद्युत ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।

अतिक्रमण हटाने और मार्ग सुधारने की मांग

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के अंतर्गत कामवन क्षेत्र में लगभग 54 किलोमीटर लंबा परिक्रमा कॉरिडोर पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग के कई हिस्सों में अस्थायी अतिक्रमण हो गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को चलने में परेशानी होती है।

ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमणों को हटाकर रास्ते को सुचारू बनाया जाए। साथ ही कच्चे रास्तों पर बालू और मिट्टी डलवाकर मार्ग को समतल किया जाए ताकि पदयात्रियों को सुविधा मिल सके।

इसके अलावा परिक्रमा मार्ग में लगे कई हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि इन हैंडपंपों को जल्द ठीक कराया जाए ताकि यात्रियों को पेयजल की सुविधा मिल सके।

साधु-संतों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो साधु-संत और ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि 2 अप्रैल से एसडीएम कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

महंत ब्रज बिहारी शरण ने कहा कि यह मांग किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और ब्रज की धार्मिक परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए उठाई जा रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि समय रहते इन समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि अधिक मास की परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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ग्रामीण और संत समाज भी आंदोलन के समर्थन में

एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और साधु-संत उपस्थित रहे। इनमें ब्रज बिहारी दास, बीरबल, विजन, ज्ञानी, लाल सिंह, श्याम सुन्दर, शिवराम, जगराम, रामप्रसाद मुन्दर, हल्लू, मुरारी सहित कई अन्य लोग शामिल थे।

इन सभी ने प्रशासन से आग्रह किया कि ब्रज की इस ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा से जुड़े मार्ग को बेहतर बनाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई, तो श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

ब्रज 84 कोस परिक्रमा क्या है?

ब्रज 84 कोस परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े पवित्र स्थलों की परिक्रमा है, जो लगभग 250 किलोमीटर क्षेत्र में फैली होती है और इसे अत्यंत पवित्र धार्मिक यात्रा माना जाता है।

अधिक मास की परिक्रमा कब शुरू होगी?

अधिक मास के अवसर पर ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा पदयात्रा 17 मई से 15 जून तक आयोजित होने की संभावना है।

ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?

ग्रामीणों और साधु-संतों की मुख्य मांग परिक्रमा मार्ग पर सड़क, धर्मशाला, शौचालय, पेयजल, बिजली और अतिक्रमण हटाने जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करना है।

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