अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान देवरिया जिले के रामपुर कारखाना कस्बे में जो कुछ हुआ, उसने पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान युवक को थानेदार के थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। घटना के बाद देवरिया पुलिस बैकफुट पर दिखाई दी और अधिकारियों ने जांच की बात कही है।
📌 समाचार सार: नाला निर्माण में बाधा बने अतिक्रमण को हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले के बीच एक युवक द्वारा वीडियो बनाए जाने पर थानेदार भड़क गए। सरेआम थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होते ही पुलिस की किरकिरी शुरू हो गई और जांच की घोषणा करनी पड़ी।
नाला निर्माण में बाधा बना अतिक्रमण
रामपुर कारखाना कस्बे में सड़क के दोनों किनारों पर नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। आरोप है कि कई दुकानदारों ने सड़क की पटरियों पर स्थायी कब्जा जमा रखा था, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। नगर पंचायत की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रशासनिक अमला अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचा।
प्रशासनिक टीम के साथ पुलिस बल मौजूद
अभियान के दौरान तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी रोहित पांडेय सहित नगर पंचायत और संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। पुलिस बल भी तैनात था ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। जेसीबी मशीन के जरिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। मौके पर रामपुर कारखाना थाने के प्रभारी देवेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
वीडियो बनाना पड़ा भारी
कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद एक युवक मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक केवल पूरी प्रक्रिया को कैमरे में कैद कर रहा था। लेकिन इसी बात पर थानेदार का पारा चढ़ गया। आरोप है कि उन्होंने युवक को पकड़ लिया और भीड़ के सामने ही थप्पड़ मारने लगे। आसपास खड़े लोगों में हलचल मच गई, मगर कोई खुलकर विरोध नहीं कर सका।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का एक अन्य व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कथित रूप से थानेदार युवक को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। वायरल होते ही मामला चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे और नागरिक अधिकारों को लेकर बहस छिड़ गई।
देवरिया पुलिस बैकफुट पर
वीडियो वायरल होने के बाद देवरिया पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई। सीओ सिटी संजय रेड्डी ने कहा कि मामला सोशल मीडिया के जरिए संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है।
कानूनी और नैतिक प्रश्न
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थान पर चल रही सरकारी कार्रवाई का वीडियो बनाना अपने आप में कोई अपराध नहीं है, जब तक कि वह कानून-व्यवस्था में बाधा न बने। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वीडियो बनाना युवक की गलती थी या पुलिस की प्रतिक्रिया अनुपात से अधिक थी? यह जांच का विषय है, लेकिन घटना ने पुलिस की छवि को झटका जरूर दिया है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है। वहीं यदि कोई अन्य पक्ष सामने आता है तो स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल यह मामला देवरिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान युवक को थानेदार के थप्पड़ की घटना ने प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस व्यवहार के बीच संतुलन की आवश्यकता को फिर उजागर कर दिया है। देवरिया पुलिस बैकफुट पर है और जांच की प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि इस प्रकरण का निष्कर्ष किस दिशा में जाता है।








