मऊ मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी उर्फ लल्ली महाराज इन दिनों क्षेत्रीय राजनीति के केंद्र में हैं। एक गंभीर हादसे के कारण लगभग एक माह तक सक्रिय सार्वजनिक जीवन से दूर रहने के बाद, जैसे ही उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ, वे सीधे जनता के बीच लौट आए। यह वापसी केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं रही, बल्कि संवाद, संवेदना और विकास को साथ लेकर चलने की राजनीतिक शैली का स्पष्ट संकेत बनी।
चित्रकूट जिले की मऊ मानिकपुर विधानसभा में यह संदेश साफ़ दिखाई देने लगा है कि जनप्रतिनिधि यदि जनता से जुड़ा रहे, तो अस्थायी बाधाएं भी उसके जनसंपर्क को कमजोर नहीं कर सकतीं। यही कारण है कि विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी उर्फ लल्ली महाराज की वापसी को आम लोग केवल स्वास्थ्य लाभ के रूप में नहीं, बल्कि राजनीतिक सक्रियता की निरंतरता के रूप में देख रहे हैं।
हादसे के दौरान भी बना रहा जनता से भावनात्मक रिश्ता
दुर्घटना के बाद जब चिकित्सकीय सलाह के अनुसार विधायक को विश्राम करना पड़ा, तब भी जनता से उनका रिश्ता कमजोर नहीं पड़ा। प्रयागराज स्थित उनके आवास पर लगातार लोगों का आना-जाना बना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोग न केवल कुशलक्षेम पूछने आए, बल्कि अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं भी साझा करते नजर आए।
यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि मऊ मानिकपुर की राजनीति अब केवल मंचों और भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वास और संपर्क के धरातल पर खड़ी है।
स्वास्थ्य में सुधार होते ही मऊ लौटकर शुरू किया जनसंवाद
स्वास्थ्य में आंशिक सुधार के बाद विधायक लल्ली महाराज मऊ स्थित अपने आवास पहुंचे और वहीं से जनसंवाद की शुरुआत की। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उनसे मिलने पहुंचे। किसी ने सड़क की समस्या उठाई, तो किसी ने बिजली-पानी और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर बातचीत की।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि जनता ने उन्हें विधानसभा में भेजा है, इसलिए जनता से दूर रहना उनके दायित्व के विपरीत है। जनप्रतिनिधि का असली स्थान जनता के बीच ही होता है।
‘जीत आपकी – चलो गांव की ओर’ अभियान से जुड़ा सामाजिक विमर्श
इसी क्रम में ‘जीत आपकी – चलो गांव की ओर’ जागरूकता अभियान के संस्थापक अध्यक्ष संजय सिंह राणा अपने सहयोगियों के साथ विधायक से मिले। इस मुलाकात में विकास योजनाओं के साथ-साथ जातिगत मतभेद, सामाजिक तनाव और ग्रामीण चेतना जैसे विषयों पर खुली चर्चा हुई।
विधायक ने कहा कि समाज को बांटकर राजनीति करना आसान हो सकता है, लेकिन विकास के लिए भाईचारा अनिवार्य है। जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकता।
118 सड़कों का ज़िक्र और विकास की रफ्तार
विकास कार्यों पर बात करते हुए विधायक ने बताया कि मानिकपुर विकासखंड में लगभग 118 सड़कों से जुड़े कार्य पूर्ण हो चुके हैं या तेज़ी से प्रगति पर हैं। आने वाले समय में रामनगर ब्लॉक और मऊ ब्लॉक के गांवों में भी नए कार्य शुरू किए जाएंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें यह महसूस हो रहा है कि योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने लगी हैं।
कर्म, गीता और जनसेवा का दर्शन
बातचीत के दौरान विधायक ने कर्मयोग के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्पष्ट कहा है—जो जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल पाता है। यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता से छल करेगा, तो उसका राजनीतिक भविष्य स्वतः समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता का विश्वास और कर्मों का लेखा हमेशा जीवित रहता है।
विरोधियों पर टिप्पणी नहीं, जनता पर भरोसा
जब विरोधी नेताओं का सवाल उठा, तो विधायक ने किसी पर सीधा आरोप लगाने से बचते हुए कहा कि उनका धर्म जनता के बीच भाईचारा बनाए रखना और विकास करना है। यदि वह इस भरोसे को तोड़ेंगे, तो जनता भले तत्काल प्रतिक्रिया न दे, लेकिन समय अपना उत्तर अवश्य देगा।
आज मऊ मानिकपुर विधानसभा में यही संतुलित राजनीति चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने समर्थकों में उत्साह और विरोधियों में बेचैनी पैदा कर दी है।
जनता की मौजूदगी ने दिया राजनीतिक संदेश
हादसे के बाद विधायक की वापसी पर जिस तरह बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्र की राजनीति अब व्यक्ति नहीं, विश्वास के इर्द-गिर्द घूम रही है। जनता की यह मौजूदगी अपने आप में एक राजनीतिक संदेश है।
मऊ मानिकपुर में संवाद और विकास की यह राजनीति आने वाले समय में किस दिशा में जाएगी, यह तो भविष्य बताएगा, लेकिन फिलहाल विधायक की सक्रियता ने क्षेत्र की राजनीति को नई गति अवश्य दे दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हादसे के बाद विधायक की पहली प्राथमिकता क्या रही?
स्वास्थ्य में सुधार होते ही जनता से सीधा संवाद और क्षेत्रीय समस्याओं को सुनना उनकी पहली प्राथमिकता रही।
मऊ मानिकपुर में प्रमुख विकास कार्य कौन से हैं?
मानिकपुर विकासखंड में 118 सड़कों से जुड़े कार्य और आने वाले समय में रामनगर व मऊ ब्लॉक में नई परियोजनाएं प्रमुख हैं।
विधायक भाईचारे पर इतना ज़ोर क्यों देते हैं?
उनका मानना है कि सामाजिक एकता के बिना कोई भी विकास योजना स्थायी रूप से सफल नहीं हो सकती।
क्या विधायक ने विरोधी नेताओं पर सीधा हमला किया?
नहीं, उन्होंने व्यक्तिगत आरोपों से बचते हुए कर्म और जनसेवा के सिद्धांत पर भरोसा जताया।










