
🟥 हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
भरतपुर (राजस्थान)। महारानी श्री जया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भरतपुर के भौतिकी विभाग द्वारा अन्वेषिका फिजिक्स भारत यात्रा समारोह एवं क्वांटम मिशन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देना और क्वांटम विज्ञान में नवाचार को प्रोत्साहित करना था।
यह आयोजन इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (IAPT) और नेशनल अन्वेषिका नेटवर्क ऑफ इंडिया (NANI) की संयुक्त पहल अन्वेषिका फिजिक्स भारत यात्रा के अंतर्गत किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व प्रख्यात भौतिक विज्ञानी पद्मश्री प्रो. एच.सी. वर्मा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करना, भौतिकी को अनुभवात्मक बनाना और सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाना है।
12 नवंबर 2025 को यह यात्रा एम.एस.जे. कॉलेज, भरतपुर पहुंची, जहां पूरे उत्साह के साथ इसका स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजू तंवर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वाई.के. विजय (निदेशक, सेंटर फॉर इनोवेशन इन साइंस टीचिंग, आईआईएस विश्वविद्यालय जयपुर) उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में डॉ. एच.एस. मनेरिया (अन्वेषिका समन्वयक राजस्थान) और डॉ. आर.के. अवस्थी (अन्वेषिका समन्वयक उत्तर प्रदेश) शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विभागाध्यक्षों और संकाय सदस्यों द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। डॉ. सुनीता पांडे, विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र ने महाविद्यालय का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए वर्तमान में संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।
‘इनोवेशन इन क्वांटम साइंस टीचिंग थ्रू मॉडल’ पर हुआ व्याख्यान
कार्यक्रम समन्वयक प्रो. रविंद्र कुमार शर्मा ने अन्वेषिका यात्रा के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. वाई.के. विजय ने “Innovation in Quantum Science Teaching through Model” विषय पर उत्कृष्ट व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने डॉ. सी.वी. रमन, मेघनाद साहा और एस.एन. बोस जैसे महान वैज्ञानिकों के सिद्धांतों को सरल मॉडल्स के माध्यम से समझाया और उपस्थित विद्यार्थियों के सामने प्रयोगात्मक प्रदर्शन किए।
उन्होंने बताया कि क्वांटम साइंस भविष्य की तकनीकी क्रांति की आधारशिला है, और भारत में इसके क्षेत्र में शोध और शिक्षा को और अधिक प्रायोगिक बनाना आवश्यक है।
‘भौतिकी मशाल’ से बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच
कार्यक्रम में डॉ. एच.एस. मनेरिया ने “भौतिकी मशाल” महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अंजू तंवर को प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह मशाल पूरे भारत में घूमकर वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा की ज्योति जलाने का प्रतीक है। प्राचार्य डॉ. अंजू तंवर ने सभी आयोजकों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए छात्र-छात्राओं को फिजिक्स को गहराई से समझने और प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात उन्होंने यह मशाल डॉ. आर.के. अवस्थी को सौंपी, जिससे यह यात्रा उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ सके।
क्वांटम साइंस इनोवेशन हब की शुरुआत
कार्यक्रम के अंतर्गत एम.एस.जे. कॉलेज के भौतिकी विभाग में क्वांटम साइंस इनोवेशन हब की स्थापना की गई। इस हब के तहत क्वांटम साइंस के पांच प्रयोगात्मक सेटअप तैयार किए गए हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी प्रयोगात्मक तौर पर क्वांटम सिद्धांतों को समझ सकेंगे।
कार्यक्रम का समापन विभागाध्यक्ष प्रो. हेमंत कुमार महावर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, आयोजकों, और प्रतिभागियों का आभार जताया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक जैसे डॉ. शिवाली चौहान, डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. कृति शर्मा आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में यू.जी. और पी.जी. के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह आयोजन शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत सफल रहा।
प्राचार्य: डॉ. अंजू तंवर
मीडिया प्रभारी: प्रो. डॉ. अशोक कुमार गुप्ता
संस्थान: महारानी श्री जया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भरतपुर (राजस्थान)
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