बौराया मौसम : मॉनसून की वापसी के बीच बारिश, धूप और ठंड का अजब संगम

हरे भरे मैदान में बादल, बारिश, तेज़ धूप और हल्की ठंडक की धुंध का संयोजन

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जब मौसम भी बौराने लगे…

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

देशभर में इन दिनों बौराया मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ मॉनसून की वापसी शुरू हो चुकी है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में झमाझम बारिश लोगों को राहत भी दे रही है और परेशानी भी।

भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 2–3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार से पूरी तरह लौट सकता है। लेकिन इसके साथ ही देश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है — कभी धूप, कभी ठंड, कभी बारिश — यानी सचमुच बौराया मौसम।

🌦️ मॉनसून वापसी और बौराया मौसम का अजब मेल

मॉनसून की वापसी के इस दौर में भारत का मौसम चरम परिवर्तन की स्थिति में है।

IMD के अनुसार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून वापसी की स्थितियाँ बन रही हैं। मगर इन राज्यों में कभी-कभी बारिश का फटका अभी भी जारी है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के ऊपरी वायु चक्रवात अभी भी सक्रिय हैं।

इन्हीं कारणों से यह बौराया मौसम अब पूरे भारत में अपना रंग दिखा रहा है — कहीं बिजली गरज रही है तो कहीं ठंडी हवाएं चल रही हैं।

☀️ दिल्ली: दिन में धूप, रात में हल्की ठंड — राजधानी में बौराया मौसम

दिल्ली में 14 अक्टूबर तक आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

  • दिन का तापमान: 30–33 डिग्री सेल्सियस
  • रात का तापमान: 18–21 डिग्री सेल्सियस
  • हवा की गति: दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किमी/घंटा
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राजधानी में इस समय न तो पूरी गर्मी है, न पूरी ठंड — यही बौराया मौसम की असली झलक है। दिन में धूप की चुभन और रात में ठंडी हवा, लोगों को उलझन में डाल रही है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रांजिशन पीरियड है, जब मॉनसून वापसी के साथ हवा का तापमान अचानक बदल जाता है।

🌤️ उत्तर प्रदेश: मॉनसून विदा, लेकिन बौराया मौसम बरकरार

उत्तर प्रदेश में मॉनसून की वापसी की परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। अगले 2–3 दिनों में मॉनसून पूरी तरह लौट जाएगा।

फिलहाल अगले एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन हवा की दिशा में बदलाव और दिन-रात के तापमान में अंतर से बौराया मौसम की स्थिति बनी हुई है।

IMD के मुताबिक, 16 अक्टूबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। परंतु दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड ने आमजन को उलझन में डाल दिया है — न गर्म कपड़े ठीक से निकल रहे हैं, न पंखे बंद हो पा रहे हैं।

यह बदलाव दर्शाता है कि कैसे मॉनसून वापसी के दौरान बौराया मौसम अपने चरम पर होता है।

🌦️ बिहार: मॉनसून की विदाई, लेकिन मौसम का मूड अनिश्चित

बिहार में भी मॉनसून वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगले 2–3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के विदा होने के आसार हैं।

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इस दौरान राज्य का मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर बादल छाए रह सकते हैं।

  • दिन का तापमान: 31–33°C
  • रात का तापमान: 20–22°C
  • हवा की दिशा: उत्तर-पश्चिम

IMD का कहना है कि हवा में नमी घटेगी, जिससे हल्की ठंडक बढ़ेगी।

यानी यहां भी बौराया मौसम का असर साफ दिख रहा है — कभी उमस, कभी ठंडी हवा, कभी बूंदाबांदी। किसानों के लिए यह मौसम चुनौती भी है और राहत भी।

🌧️ दक्षिण भारत: भारी बारिश ने बढ़ाया बौराया मौसम का असर

तमिलनाडु, केरल, तटीय कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है।

IMD ने कहा है कि अगले 4–5 दिनों में दक्षिण भारत में ऊपरी वायु चक्रवात के कारण लगातार बारिश होगी।

यह बारिश मॉनसून वापसी से पहले का आखिरी बड़ा स्पेल माना जा रहा है, जो बौराया मौसम की स्थिति को और मजबूत करेगा।

केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में बिजली-गर्जन के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना भी जताई गई है।

⚠️ बौराया मौसम का असर : जनजीवन से लेकर खेती तक

कृषि पर प्रभाव

फसल कटाई के दौरान अचानक हुई बारिश खेतों में नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं, तापमान में उतार-चढ़ाव से बीज अंकुरण पर भी असर पड़ता है। इस बौराया मौसम में किसान सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

स्वास्थ्य पर असर

दिन-रात के तापमान में भारी अंतर से सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और एलर्जी जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह संक्रमण का समय है — यानी फिर वही बौराया मौसम जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता की परीक्षा लेता है।

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जनजीवन और ट्रैफिक

अचानक बारिश से सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। वहीं, कभी उमस तो कभी ठंडी हवा के कारण लोग असहज महसूस करते हैं।

🌡️ क्यों बौराया है मौसम? विशेषज्ञों की राय

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय भारत दो मौसमों के बीच के संक्रमण काल में है — एक ओर मॉनसून वापसी चल रही है, तो दूसरी ओर उत्तर-पश्चिमी हवाएँ सक्रिय हो रही हैं।

इससे तापमान और आर्द्रता में लगातार उतार-चढ़ाव होता है, जो बौराया मौसम का मुख्य कारण है।

IMD की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण भारत में निम्न दबाव क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायु चक्रवात और उत्तर भारत में सूखी हवाओं की टकराहट — ये सभी मिलकर मौसम को अस्थिर बना रहे हैं।

🌈 अब धीरे-धीरे सुधरेगा बौराया मौसम

भारत में इस समय बौराया मौसम चरम पर है — कहीं भारी बारिश, कहीं ठंडी हवा, तो कहीं तपती धूप। अगले कुछ दिनों में मॉनसून वापसी के साथ यह स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी।

दक्षिण भारत में बारिश की लहर के बाद जब हवा सूखेपन की ओर बढ़ेगी, तब यह बौराया मौसम स्थिर होकर ठंडी सुबहों में तब्दील हो जाएगा।

फिलहाल, मौसम विभाग की सलाह है —

  • दैनिक मौसम अपडेट पर नजर रखें
  • स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय करें
  • खेतों में अनावश्यक नमी से बचाव करें

यानी मौसम चाहे कितना भी बौराया क्यों न हो, समझदारी से उसका सामना करना ही बेहतर रास्ता है।

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