भाटपार रानी रेलवे स्टेशन एक बार फिर चर्चा में है। वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने सोमवार की शाम लगभग छह बजे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, यात्रियों के बैठने की सुविधा तथा बुनियादी ढांचे की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में स्टेशन अधीक्षक महेंद्र भूषण से विस्तृत बातचीत करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति और सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की पड़ताल
डीआरएम आशीष जैन ने सबसे पहले प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर की साफ-सफाई की स्थिति को देखा। उन्होंने प्रकाश व्यवस्था की भी समीक्षा की, ताकि शाम और रात के समय यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, प्रतीक्षालय की स्थिति तथा पेयजल की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि रखते हुए आवश्यक सुधार कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाए।
रेलवे प्रशासन के लिए यह निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भाटपार रानी रेलवे स्टेशन क्षेत्रीय स्तर पर एक प्रमुख स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों की लंबे समय से यह मांग रही है कि स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए।
व्यापार मंडल ने सौंपा मांगपत्र
निरीक्षण के अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला कमेटी तथा तहसील उद्योग व्यापार मंडल भाटपार रानी के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से डीआरएम को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्टेशन के समग्र विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। व्यापार मंडल का कहना है कि भाटपार रानी रेलवे स्टेशन को नवीन स्वरूप में विकसित किया जाए, ताकि यह क्षेत्र की बढ़ती जनसंख्या और यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप बन सके।
ज्ञापन में विशेष रूप से स्टेशन परिसर में पेय एंड यूज सुलभ शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए स्टेशन के पूर्वी छोर पर ऊपरगामी पुल (फुट ओवरब्रिज) के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। व्यापार मंडल का मानना है कि यह सुविधा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
ट्रेनों के ठहराव और विस्तार की प्रमुख मांगें
भाटपार रानी रेलवे स्टेशन पर कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। व्यापार मंडल ने मांग की कि पाटलिपुत्र-लखनऊ एक्सप्रेस तथा गोदान एक्सप्रेस का ठहराव भाटपार रानी स्टेशन पर सुनिश्चित किया जाए। इन ट्रेनों के ठहराव से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त भटनी जंक्शन से अयोध्या धाम जाने वाली ट्रेन का विस्तार सिवान जंक्शन से अयोध्या धाम जंक्शन तक किए जाने की मांग रखी गई। सिवान जंक्शन से भाटपार रानी होते हुए मऊ तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को वाराणसी तक विस्तारित करने का प्रस्ताव भी ज्ञापन में शामिल है।
व्यापार मंडल ने छपरा से गोरखपुर के बीच दो डेमू ट्रेनों के संचालन की मांग भी की है, जिनका समय प्रातः 5 बजे और 10 बजे निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही छपरा जंक्शन से वाराणसी तक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
यात्री सुविधाओं के विस्तार पर जोर
ज्ञापन में यात्रियों के लिए पर्याप्त प्रतीक्षालय, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तथा बैठने के लिए अतिरिक्त बेंच और शेड की मांग की गई। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में यात्रियों को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है, विशेषकर गर्मी और बरसात के मौसम में। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार समय की मांग है।
व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार जायसवाल, जिला संगठन मंत्री देवेश गुप्ता, तहसील अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल, तहसील महामंत्री पवन कुमार गुप्ता, नगर महामंत्री राजेश गुप्ता, युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता (पी.के. सर), डॉ. अजीत चौहान, श्रीराम वर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, विनोद रौनियार, परशुराम पटेल सहित कई पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे। स्टेशन मास्टर, जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।
स्थानीय विकास की दिशा में अहम कदम
डीआरएम आशीष जैन का यह औचक निरीक्षण स्थानीय स्तर पर सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यदि व्यापार मंडल की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाता है और आवश्यक कदम उठाए जाते हैं, तो भाटपार रानी रेलवे स्टेशन क्षेत्रीय विकास का एक सशक्त केंद्र बन सकता है। बेहतर यात्री सुविधाएं, ट्रेनों का ठहराव और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण न केवल यात्रियों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी गति देगा।
अब निगाहें रेलवे प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय जनता और व्यापार मंडल को उम्मीद है कि इस निरीक्षण के बाद भाटपार रानी रेलवे स्टेशन के विकास की प्रक्रिया तेज होगी और लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।








