उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शक्ल पर शक, रिश्ते पर वार की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता पर अपने ही एक साल के मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या करने और शव को तालाब में फेंकने का आरोप लगा है। इस मामले ने न सिर्फ पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि संदेह और अविश्वास की उस मानसिकता को भी उजागर किया है, जो कभी-कभी अपराध का रूप ले लेती है। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पत्नी की शिकायत पर खुला राज
पुलिस के अनुसार, बरेली के भुता थाना क्षेत्र में रहने वाली रामबेटी नामक महिला ने थाने पहुंचकर अपने पति सोमपाल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। महिला ने बताया कि उसका पति उसके चरित्र पर लगातार शक करता था और अक्सर मारपीट करता था। दो महीने पहले वह अपने मायके पीलीभीत के बीसलपुर थाना क्षेत्र स्थित गांव बोनी चली गई थी। वहीं से इस दर्दनाक घटनाक्रम की शुरुआत हुई।
महिला के मुताबिक, बुधवार को उसका पति सोमपाल मायके पहुंचा और उसे जबरन साथ चलने के लिए दबाव बनाने लगा। जब उसने मना किया तो आरोपी दोनों बेटों—बड़े बेटे अरुण और एक वर्षीय वरुण—को अपने साथ ले गया। इसके बाद जो हुआ, उसने एक मां की दुनिया उजाड़ दी।
‘शक्ल नहीं मिलती’ बना हत्या का कारण?
पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी सोमपाल को अपने छोटे बेटे वरुण को लेकर संदेह था। उसे लगता था कि बच्चा उसकी औलाद नहीं है, क्योंकि उसकी शक्ल उससे नहीं मिलती। इसी शक ने धीरे-धीरे उसके मन में जहर घोल दिया। वह पत्नी को इस बात के लिए ताना देता और मारपीट करता था।
बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात आरोपी ने एक वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गांव के पास स्थित एक तालाब किनारे छुपा दिया। अगले दिन जब महिला को बेटे की मौत की जानकारी मिली तो वह तुरंत बरेली लौटी और पुलिस को सूचना दी।
तालाब से बरामद हुआ मासूम का शव
गुरुवार को पुलिस रामबेटी को साथ लेकर बताए गए स्थान पर पहुंची। तालाब किनारे तलाश करने पर बच्चे का शव बरामद कर लिया गया। मां ने शव की पहचान अपने बेटे वरुण के रूप में की। यह दृश्य इतना हृदयविदारक था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भुता थाना प्रभारी रविंद्र कुमार के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
शराब की लत और घरेलू कलह
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोमपाल शराब पीने का आदी है। महिला ने पुलिस को बताया कि पति अक्सर नशे की हालत में उससे मारपीट करता था और उसके चरित्र पर संदेह जताता था। घरेलू विवाद और संदेह की यह पृष्ठभूमि ही अंततः इस जघन्य अपराध की वजह बनी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार में लंबे समय से तनाव चल रहा था। हालांकि, किसी को यह अंदाजा नहीं था कि मामला इस हद तक पहुंच जाएगा कि एक पिता अपने ही बेटे की जान ले लेगा।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी जेल भेजा जा चुका है और मामले की विवेचना जारी है।
इस घटना ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या केवल शक के आधार पर कोई इतना बड़ा कदम उठा सकता है? क्या घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाया जा सकता था? विशेषज्ञ मानते हैं कि पारिवारिक संवाद की कमी, नशे की लत और अविश्वास जैसे कारक अक्सर गंभीर परिणामों का कारण बनते हैं।
समाज के लिए चेतावनी
बरेली की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी भी है। संदेह और असुरक्षा की भावना जब संवाद के बजाय हिंसा का रूप ले लेती है, तो उसका परिणाम बेहद भयावह हो सकता है। रिश्तों की बुनियाद विश्वास पर टिकी होती है; जब वही दरकती है तो परिवार बिखर जाते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, मासूम वरुण की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।








