देवरिया में अवैध मजार ध्वस्तीकरण के बाद भाजपा विधायक को धमकी वाला वीडियो वायरल

देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की फाइल फोटो।

अर्जुन वर्मा की रिपोर्ट
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देवरिया में सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को खुलेआम धमकी दी जा रही है। वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है।

देवरिया जनपद में रविवार और सोमवार को गोठी-गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे स्थित सरकारी भूमि पर बनी अब्दुल गनी शाह मजार पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। यह कार्रवाई ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ संपन्न हुई। इसी कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक युवक का वीडियो सामने आया, जिसमें वह चलते हुए दिखाई देता है और उसके सामने विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की तस्वीर लगी है, जिस पर लाल रंग से कट का निशान बनाया गया है।

वीडियो में तस्वीर के साथ लिखा गया है—“अभी भी समय है, सुधर जाओ नहीं तो मुस्लिम अपने पे आया तो सुधार देगा।” इसके अलावा बैकग्राउंड में एक आवाज सुनाई देती है, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है—“इसकी बात इतनी चुभती है कि सामने आ जाए तो सिर कलम कर दूं… हुजूर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इस वायरल वीडियो की पुष्टि किसी स्वतंत्र स्रोत से नहीं हुई है।

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वायरल वीडियो पर पुलिस की सक्रियता

वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस टीम वीडियो के स्रोत, पोस्ट करने वाले अकाउंट और उसमें प्रयुक्त भाषा की जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि वीडियो में प्रयुक्त सामग्री किसी आपराधिक साजिश, धार्मिक उकसावे या सार्वजनिक शांति भंग करने के दायरे में आती है या नहीं।

सरकारी भूमि पर बनी मजार पर क्यों चली कार्रवाई

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, गोठी-गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे स्थित भूमि सरकारी है और वहां बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किया गया था। शिकायत के बाद राजस्व और नगर प्रशासन ने जांच की, जिसमें निर्माण को अवैध पाया गया। इसके बाद विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। बताया गया है कि इस अवैध निर्माण को लेकर पहले भी विवाद और आपत्तियां सामने आती रही थीं।

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विधायक का वीडियो संदेश और प्रशासन से मांग

मजार गिराए जाने के बाद विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अवैध मजार का विरोध करने के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राम नगीना यादव की निर्मम हत्या हुई थी और अब न्याय होने से उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। विधायक ने यह भी मांग की कि मजार कमेटी से जुड़े लोगों के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने और भू-माफिया गतिविधियों के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाए तथा वर्षों से हुए नुकसान की भरपाई वसूली जाए।

एमआईएम यूथ अध्यक्ष का विरोध प्रदर्शन

ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के यूथ अध्यक्ष अरशद सिद्दीकी ने सोमवार को सुभाष चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मजार के साथ लगी एक बड़ी मस्जिद को भी तोड़ा गया और यह कार्रवाई बिना न्यायालय के लिखित आदेश और नोटिस के की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

भारी पुलिस बल की तैनाती

ध्वस्तीकरण के दूसरे दिन भी इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। सदर कोतवाली, रामपुर कारखाना, बरियारपुर, मईल समेत कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। प्रशासन का कहना है कि यह तैनाती कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए की गई थी।

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ओवरब्रिज निर्माण की उठी मांग

अवैध निर्माण हटने के बाद स्थानीय लोगों ने उस स्थान पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग तेज कर दी है। शहरवासियों का कहना है कि यहां अक्सर जाम की समस्या रहती है और ओवरब्रिज बनने से यातायात सुगम होगा। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने की अपील की है।

क्लिकेबल सवाल-जवाब (FAQ)

क्या वायरल वीडियो की पुष्टि हो चुकी है?

नहीं, अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी ने वीडियो की पुष्टि नहीं की है। पुलिस जांच जारी है।

मजार पर बुलडोजर कार्रवाई क्यों की गई?

प्रशासन के अनुसार मजार सरकारी भूमि पर बिना वैध स्वीकृति के बनी थी, इसलिए इसे अवैध निर्माण मानते हुए हटाया गया।

क्या किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है?

फिलहाल पुलिस वीडियो और संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

ओवरब्रिज निर्माण को लेकर प्रशासन का क्या रुख है?

स्थानीय मांगों को देखते हुए प्रस्ताव तैयार करने की बात कही जा रही है, अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होगा।

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