मथुरा के तीन गांवों में तड़के पुलिस का मेगा ऑपरेशन: 300 जवान, 3 IPS और 42 साइबर संदिग्ध हिरासत में

के के सिंह की रिपोर्ट

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यूपी के मथुरा जिले में गुरुवार की सुबह ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे स्थानीय लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। सूरज उगने से पहले ही तीन गांवों—देवसेरस, मालीपुरा और नगला अतिया—को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया। पूरे इलाके में अचानक सायरनों की आवाज़, दर्जनों गाड़ियों का काफिला और भारी पुलिस बल की मौजूदगी ने ग्रामीणों के बीच दहशत पैदा कर दी। किसी को अंदाज़ा तक नहीं था कि जिस शांत माहौल में लोग सुबह सो रहे हैं, वह कुछ ही मिनटों में बड़े स्तर की पुलिस कार्रवाई का मैदान बन जाएगा।

मथुरा पुलिस ने यह कार्रवाई साइबर अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए की। क्षेत्र लंबे समय से साइबर ठगी के मामलों में कुख्यात माना जाता है, और पुलिस द्वारा किए गए इंटेलिजेंस व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के बाद गुरुवार को यह बड़ा ऑपरेशन “टटलू ऑपरेशन” चलाया गया। इस विशेष अभियान में करीब 300 पुलिसकर्मी, तीन आईपीएस अधिकारी, पांच सीओ, कई थानों की टीमें और PAC शामिल रही।

सुबह 5 बजे तीनों गांवों की घेराबंदी, फरार होने के सभी रास्ते बंद

एसएसपी श्लोक कुमार ने साइबर अपराधियों के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में फुलप्रूफ प्लानिंग के साथ दबिश की रणनीति बनाई। ठीक सुबह 5 बजे पुलिस का काफिला गोवर्धन इलाके में दाखिल हुआ और देखते ही देखते देवसेरस, मुडसेरस, नगला अकातिया और दौलतपुर गांव को चारों ओर से सील कर दिया। पुलिस ने गांवों के अंदर-बाहर सभी रास्तों को इस तरह घेरा कि किसी भी संदिग्ध के भागने की गुंजाइश न रहे।

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घेराबंदी इतनी सख्त थी कि स्थानीय लोग भी अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाए। गांवों के चारों तरफ सशस्त्र पुलिस बल तैनात था और अंदर सादी वर्दी और फोर्स की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर तलाशी ले रही थीं।

दस घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन, जंगल की ओर भागे लेकिन पकड़े गए

ऑपरेशन शुरू होते ही गांवों के कुछ संदिग्ध युवक भागने के लिए जंगल की ओर दौड़े, लेकिन पुलिस पहले से घेराबंदी कर चुकी थी। इन्हें दौड़ाकर पकड़ा गया और हिरासत में लिया गया। पुलिस टीमों ने करीब दस घंटे तक घरों, खेतों, गली-मोहल्लों और जंगलों में तलाशी अभियान चलाया।

इस दौरान 42 संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें 8 ऐसे लोग थे, जो पहले से ही साइबर अपराध में वांछित चल रहे थे। पुलिस ने इनसे ढाई दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डिवाइस और कुछ असलहे भी बरामद किए।

बरामद मोबाइलों का डेटा सर्विलांस टीम खंगाल रही है ताकि बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जो आने वाले दिनों में बड़े खुलासे का संकेत दे रहे हैं।

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ऑपरेशन टटलू: मथुरा में साइबर ठगी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने इस अभियान को “ऑपरेशन टटलू” नाम दिया, जो स्थानीय भाषा में ठग को कहा जाता है। मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र के ये गांव लंबे समय से साइबर ठगों की गतिविधियों के केंद्र बने हुए थे। यहां से देशभर में फर्जी कॉल, KYC अपडेट, बैंकिंग ठगी, ऑनलाइन लोन ऐप फ्रॉड, ई-कॉमर्स ठगी और डिजिटल फिशिंग के कई मामले जुड़े पाए गए हैं।

ऑपरेशन टटलू ने इन साइबर नेटवर्क पर नकेल कसने की शुरुआत कर दी है। पुलिस बड़े गैंग लीडरों को पकड़ने के लिए अन्य गांवों में भी कार्रवाई कर रही है।

दो टीमों का गठन—IPS अधिकारियों ने खुद संभाला मोर्चा

इस बड़े मिशन के लिए मथुरा पुलिस ने दो विशेष टीमें बनाई थीं।

पहली टीम

  • नेतृत्व—एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत
  • सहयोग—एसपी सुरक्षा राज कुमार अग्रवाल
  • सीओ महावन संजीव राय, सीओ छाता भूषण वर्मा
  • चार इंस्पेक्टर, एक प्लाटून PAC

दूसरी टीम

  • नेतृत्व—एसपी अपराध अवनीश मिश्रा
  • सहयोग—एसपी यातायात मनोज यादव
  • सीओ मांट आशीष शर्मा, सीओ ट्रैफिक पीपी सिंह
  • चार इंस्पेक्टर, एक प्लाटून PAC

दोनों टीमों ने पूरी समन्वयता के साथ गांवों में प्रवेश किया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

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पांच नाबालिग पकड़े गए, जांच के बाद छोड़ दिए गए

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच नाबालिगों को भी पकड़ा था। पूछताछ और डिवाइस जांच में कोई ठगी या आपराधिक संलिप्तता न मिलने पर रात में ही सभी को छोड़ दिया गया।

एसपी देहात का बयान

एसपी देहात और प्रभारी एसएसपी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि कुल 42 संदिग्ध पकड़े गए हैं। उनकी लगातार पूछताछ की जा रही है और साइबर यूनिट बरामद मोबाइलों के डेटा को खंगाल रही है। पुलिस ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

सवाल–जवाब

➤ पुलिस ऑपरेशन किस समय शुरू हुआ?

पुलिस ऑपरेशन गुरुवार सुबह ठीक 5 बजे शुरू हुआ, जब सभी गांवों को चारों तरफ से घेर लिया गया।

➤ कुल कितने लोगों को पकड़ा गया?

पुलिस ने 42 संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनमें से 8 साइबर अपराध के पुराने मामलों में वांछित थे।

➤ क्या किसी नाबालिग को भी पकड़ा गया?

हाँ, पांच नाबालिग पकड़े गए थे, पर जांच में संलिप्तता न मिलने पर छोड़ दिया गया।

➤ पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

करीब ढाई दर्जन मोबाइल फोन, सिम कार्ड, संदिग्ध डिवाइस और कुछ असलहे बरामद किए गए।

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