दिखने में साधारण लेकिन दिमाग से शातिर — 50 हजार की इनामी महिला प्रियंका सिंह आखिरकार STF के हत्थे


प्रियंका सिंह ठगी केस: 50 हजार की इनामी महिला STF के हत्थे, जानें पूरा मामला | Thakur Bakhsh Singh Report

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

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उत्तर प्रदेश की विशेष कार्य बल (STF) ने प्रियंका सिंह ठगी केस में बड़ी सफलता हासिल की है।
लंबे समय से फरार चल रही और 50 हजार रुपए की इनामी ठग प्रियंका सिंह को लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह वही प्रियंका सिंह है जिसने निवेश और नौकरी का झांसा देकर यूपी के कई जिलों में लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगाया।
STF ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और ठगी के करीब 19 मुकदमे दर्ज हैं।

कैसे शुरू हुआ प्रियंका सिंह ठगी केस?

साल 2011 में प्रियंका सिंह ने जेकेवी लैंड एंड डेवलपर्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी नाम से एक फर्जी फर्म बनाई।
इस कंपनी के जरिए उसने निवेश के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठी।
लोगों को एजेंट बनाकर अच्छा कमीशन और नौकरी देने का लालच दिया गया।
लेकिन जब लोगों ने पैसे जमा कर दिए तो प्रियंका सिंह और उसके सहयोगी रातों-रात गायब हो गए।
यहीं से प्रियंका सिंह ठगी केस की शुरुआत हुई, जो देखते ही देखते कई जिलों तक फैल गया।

यूपी के नौ जिलों में दर्ज हैं ठगी के मामले

प्रियंका सिंह ठगी केस सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रहा।
इसमें आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, फतेहपुर, मऊ, महोबा, ललितपुर और लखनऊ के थानों में शिकायतें दर्ज हुईं।
हर जिले में पीड़ितों ने ठोस सबूतों के साथ बताया कि किस तरह प्रियंका सिंह ने निवेश और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की।
झांसी रेंज के आईजी ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
वर्षों तक फरार रहने के बाद आखिरकार STF ने इस शातिर महिला को पकड़ ही लिया।

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STF की गुप्त कार्रवाई और गिरफ्तारी

कई महीनों की खुफिया निगरानी के बाद STF ने प्रियंका सिंह की लोकेशन ट्रेस की।
लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में मंगलवार रात को टीम ने दबिश दी और आरोपी को हिरासत में लिया।
सूत्रों के अनुसार, प्रियंका सिंह पिछले कुछ वर्षों से फर्जी नामों से अलग-अलग जगह किराए के मकानों में रह रही थी।
उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
अब STF इस बात की जांच कर रही है कि प्रियंका सिंह ठगी केस में और कौन-कौन शामिल था।

STF कर रही है ठगी नेटवर्क की गहराई से जांच

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका सिंह से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।
STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी से जुटाई गई रकम कहां निवेश की गई और किन लोगों की मदद से आरोपी इतने वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बची रही।
प्रियंका सिंह ठगी केस के नेटवर्क की जड़ें अब कई राज्यों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

लोगों को निवेश के नाम पर चेतावनी

STF ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कंपनी या व्यक्ति पर निवेश के नाम पर भरोसा न करें।
प्रियंका सिंह ठगी केस ने यह साफ कर दिया है कि ऐसे लोग आम निवेशकों की मेहनत की कमाई को निशाना बनाते हैं।
यदि कोई व्यक्ति नौकरी या रिटर्न के नाम पर पैसे मांगता है, तो पहले उसकी कंपनी और पंजीकरण की सच्चाई जांच लें।

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पुलिस की सख्त कार्रवाई की तैयारी

STF अधिकारियों ने बताया कि आरोपी प्रियंका सिंह के खिलाफ ठोस सबूत मिल चुके हैं।
उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
इस प्रियंका सिंह ठगी केस को ‘मॉडल केस’ मानकर पुलिस अब पूरे नेटवर्क को तोड़ने की योजना बना रही है।
जो भी व्यक्ति या सहयोगी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

क्या प्रियंका सिंह अकेले काम कर रही थी?

जांच अधिकारियों के अनुसार, ऐसा नहीं लगता कि प्रियंका सिंह ने यह ठगी अकेले की हो।
उसके साथ कुछ पूर्व सहयोगियों के नाम सामने आ रहे हैं जो जेकेवी लैंड एंड डेवलपर्स इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्मचारी बताए जा रहे हैं।
STF अब उन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि प्रियंका सिंह ठगी केस की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है गिरफ्तारी की खबर

जैसे ही प्रियंका सिंह की गिरफ्तारी की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल होने लगी।
लोग इस प्रियंका सिंह ठगी केस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कई यूज़र्स ने इसे “लालच और धोखाधड़ी का क्लासिक उदाहरण” बताया है।
वहीं कुछ लोगों ने इसे “निवेश ठगी में नई सीख” बताया।

जनता के लिए सबक

प्रियंका सिंह ठगी केस यह बताता है कि सिर्फ बाहरी रूप या साधारण दिखने वाली महिला पर भरोसा कर लेना बहुत महंगा पड़ सकता है।
STF की सतर्कता और आधुनिक तकनीकी जांच से यह संभव हुआ कि आरोपी को पकड़ा जा सका।
अब जरूरत है कि जनता ऐसी घटनाओं से सबक ले और निवेश करने से पहले कंपनी की सच्चाई अवश्य जांचे।

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निष्कर्ष

लखनऊ में हुई यह गिरफ्तारी यूपी पुलिस और STF के लिए बड़ी उपलब्धि है।
प्रियंका सिंह ठगी केस ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि अपराधी चाहे कितना भी चतुर क्यों न हो, कानून के हाथों से नहीं बच सकता।
पुलिस अब उम्मीद कर रही है कि इस केस से जुड़े बाकी आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।


🔎 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रियंका सिंह ठगी केस क्या है?

यह एक ऐसा मामला है जिसमें लखनऊ की महिला प्रियंका सिंह ने 2011 में निवेश और नौकरी का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगे। STF ने अब उसे गिरफ्तार कर लिया है।

प्रियंका सिंह को कहां से गिरफ्तार किया गया?

STF टीम ने उसे लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

प्रियंका सिंह पर कितने मामले दर्ज हैं?

प्रियंका सिंह ठगी केस से जुड़े कुल 19 मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप शामिल हैं।

कौन-कौन से जिलों में प्रियंका सिंह पर केस दर्ज हैं?

आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, फतेहपुर, मऊ, महोबा, ललितपुर और लखनऊ जिलों में मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने लोगों को क्या चेतावनी दी है?

पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति या कंपनी पर निवेश के नाम पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

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