करवाचौथ पर मचा मातम : प्रदेश में एक ही दिन 5 सुहागिनों के विधवा होने की वजह सबको चौंका दिया

"एक तरफ मृत हाथ और दूसरी तरफ करवा चौथ व्रत की पूजा थाली"

करवाचौथ पर मचा मातम : पत्नी से विवाद और मानसिक तनाव

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अब्दुल मोबीन सिद्दीकी की रिपोर्ट

💔 करवाचौथ पर खुशियों की जगह मातम छाया

कानपुर : करवाचौथ का दिन जहां सुहागन महिलाओं के लिए पति की लंबी उम्र की कामना का प्रतीक माना जाता है, वहीं इस बार कानपुर में यह पर्व दर्द और मातम की याद छोड़ गया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पांच पतियों ने आत्महत्या (करवा चौथ आत्महत्या) कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इन घटनाओं से पूरे शहर में सनसनी फैल गई।

🔹 रावतपुर : पूजा के बाद खाना खाया, फिर लगा लिया फंदा

रावतपुर के मथुरानगर निवासी 45 वर्षीय वीरेंद्र, जो पेशे से बिजली मिस्त्री थे, ने करवाचौथ की पूजा के बाद परिवार संग भोजन किया। देर रात कमरे से खटपट की आवाज आने पर परिवार ने देखा कि वीरेंद्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

परिवार के अनुसार, वीरेंद्र अलग कमरे में सोते थे, जबकि उनकी पत्नी गुंजा और दो बेटियां दूसरे कमरे में थीं। यह खबर सुनते ही पूरे इलाके में करवा चौथ आत्महत्या की चर्चा फैल गई।

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🔹 सेन पश्चिम पारा : पत्नी के घर ताला देख टूट गया मनोज का दिल

45 वर्षीय मनोज श्रीवास्तव, जो पेट्रोल पंप पर काम करते थे, लंबे समय से शराब की लत और पत्नी से विवाद में उलझे थे। पत्नी निर्मला उनसे अलग होकर किराये के मकान में रह रही थीं। करवाचौथ के दिन जब मनोज पत्नी से मिलने पहुंचे, तो कमरे पर ताला लगा मिला।

हताश होकर लौटे मनोज ने घर जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या (पति-पत्नी विवाद) कर ली। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी विवाद से उत्पन्न तनाव आत्महत्या की वजह प्रतीत होती है।

🔹 दामोदर नगर : तीन साल से अलग रह रही पत्नी, पति ने तोड़ दी सांसें

34 वर्षीय विकास साहू, जो बिजली मिस्त्री थे, बीते तीन साल से पत्नी पूजा से अलग रह रहे थे। उनकी छोटी बेटी हनी पिता के साथ रहती थी। करवाचौथ के दिन विकास दिनभर गुमसुम रहे और रात में फंदा लगाकर जान दे दी।

भाई विशाल ने बताया कि विकास लंबे समय से डिप्रेशन और पारिवारिक विवाद से जूझ रहे थे। करवा चौथ की रात उनके लिए बेहद भारी साबित हुई।

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🔹 गोविंद नगर : पत्नी बाजार गई, पति ने की आत्महत्या

गोविंद नगर के महादेव नगर कच्ची बस्ती निवासी 44 वर्षीय शीलू मजदूरी करते थे। करवाचौथ की तैयारियों के लिए उनकी पत्नी नीतू परिवार संग बाजार गई थीं। जब वह लौटीं, तो देखा कि शीलू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।

पड़ोसियों के अनुसार, शीलू कुछ समय से आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव में थे। यह करवा चौथ आत्महत्या की घटनाओं में चौथी घटना थी जिसने शहर को हिला दिया।

🔹 जूता व्यापारी ने ट्रेन से कटकर दी जान

शास्त्रीनगर के प्रभु आस्था अपार्टमेंट निवासी 55 वर्षीय अमरलाल गुरबानी, जो जूते-चप्पलों का व्यापार करते थे, करवाचौथ की शाम दुकान बंद कर घर के लिए निकले थे, लेकिन वे गोविंदपुरी स्टेशन पहुंच गए।

पुलिस के अनुसार, उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। परिवार आत्महत्या का कारण नहीं बता पा रहा है। माना जा रहा है कि वे तनाव और व्यापारिक दबाव से गुजर रहे थे।

🕯️ शहर में गम का माहौल, जांच में जुटी पुलिस

कानपुर पुलिस अब सभी मामलों की जांच (करवा चौथ आत्महत्या जांच) में जुटी है। अधिकांश घटनाओं में पति-पत्नी विवाद, मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह मुख्य कारण के रूप में उभरकर सामने आए हैं।

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मनोचिकित्सक विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के समय मानसिक दबाव और रिश्तों में असंतुलन कई बार घातक निर्णयों की ओर धकेल देता है।

🧠 सामाजिक संदेश : संवाद है रिश्तों की सांस

करवा चौथ जैसे पर्व, जो प्रेम और आस्था का प्रतीक हैं, अब समाज में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा की जरूरत को भी उजागर कर रहे हैं।

हर साल करवाचौथ पर कई जगह पति-पत्नी विवाद और आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवारों में संवाद की कमी और बढ़ती अपेक्षाएं इन दर्दनाक घटनाओं का कारण बनती जा रही हैं।

करवा चौथ का त्योहार जहां प्रेम, समर्पण और आस्था की मिसाल माना जाता है, वहीं कानपुर में करवाचौथ पर आत्महत्या की इन घटनाओं ने रिश्तों की सच्चाई और सामाजिक तनाव की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है।

पुलिस जांच जारी है, लेकिन यह घटनाएं समाज के लिए बड़ा सबक हैं कि रिश्तों में संवाद और मानसिक संतुलन ही असली करवा चौथ का संकल्प होना चाहिए। 

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