देवरिया जनपद के लार थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में रहस्यमय हाल में वृद्ध का शव दरवाजे के पेड़ से लटका मिला तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने 72 वर्षीय बंका पुत्र भिखी को उनके ही दरवाजे पर स्थित चीकू के पेड़ की डाल से गमछे के सहारे लटका देखा। देखते ही देखते आसपास भीड़ जुट गई और घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
अकेले रह रहे थे वृद्ध
प्राप्त जानकारी के अनुसार बंका घर पर अकेले रहते थे। उनकी पत्नी लाल परी दो माह पूर्व अपने बेटों के पास मुंबई चली गई थीं। दोनों पुत्र भवसागर गुप्ता और नरेंद्र गुप्ता भी मुंबई में ही रहते हैं। परिवार से दूरी और लगातार अकेलेपन के कारण वह मानसिक रूप से अवसाद में चल रहे थे, ऐसी चर्चा ग्रामीणों के बीच है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
सुबह ग्रामीणों ने देखा लटकता शव
सुबह गांव के कुछ लोगों ने दरवाजे के सामने पेड़ से शव लटका देखा तो अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही लार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक परवेज आलम ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल देवरिया भेज दिया गया।
परिजनों को दी गई सूचना
मृतक की तीन बेटियां—किरन, सुमन और नेहा—विवाहित हैं और अपने-अपने ससुराल में रहती हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक की पत्नी और बेटों को दे दी है। परिजनों के गांव पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं।
पुलिस कर रही है जांच
उपनिरीक्षक परवेज आलम ने बताया कि लार थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में पेड़ से एक वृद्ध के लटकने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। किसी भी संदिग्ध बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
अकेलेपन की सामाजिक चुनौती
यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब बुजुर्गों का अकेलापन बढ़ता जा रहा है। बच्चे रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं और माता-पिता गांव में अकेले रह जाते हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक संवाद की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। यदि समय रहते परिजन और समाज सजग रहें तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






