
राजेश कुमार यादव की रिपोर्ट
लखनऊ/बंथरा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब दैनिक भास्कर के पत्रकार युवराज गौतम और उनके परिवार पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें सरोजिनी नगर सीएससी से मेडिकल ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों ने प्रदेश में मीडिया सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की पूरी कहानी: पत्रकार के परिवार पर दबंगों ने किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला 11 नवंबर 2025 की दोपहर को हुआ जब पत्रकार युवराज गौतम अपने घर पर मौजूद थे। अचानक कुछ क्षेत्रीय दबंग वहां पहुंचे और विवाद को लेकर परिवार पर लाठियों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में पत्रकार युवराज गौतम, उनकी छोटी बहन और भाई गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को एंबुलेंस के माध्यम से पहले सरोजिनी नगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए तीनों को मेडिकल ट्रॉमा सेंटर लखनऊ के लिए रेफर किया।
पूर्व से चली आ रही दुश्मनी बनी वजह
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद पुरानी रंजिश का नतीजा बताया जा रहा है। हमलावर उसी मोहल्ले के रहने वाले हैं जहां पत्रकार युवराज गौतम का घर स्थित है। बताया जा रहा है कि हमले के पीछे स्थानीय चेयरमैन प्रतिनिधि का भी संरक्षण है जो इन दबंगों को राजनीतिक छत्रछाया प्रदान कर रहा है। यह चौथा मौका है जब पत्रकार युवराज गौतम और उनके परिवार पर हमला हुआ है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ हमला, फिर भी नहीं की रोकथाम
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब यह हमला हुआ, तब थाना बंथरा पुलिस के दो अधिकारी मौके पर मौजूद थे। बावजूद इसके उन्होंने हमलावरों को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने सिर्फ घटना के बाद घायल पत्रकार और उनके परिवार को अस्पताल भिजवाने का काम किया। यह लापरवाही अब प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
पत्रकारिता पर चौथा हमला, न्याय की राह कठिन
पत्रकार युवराज गौतम पर यह चौथा हमला है। पहले भी उन्होंने पुलिस और प्रशासन को कई बार शिकायत दी थी, लेकिन हर बार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। सूत्रों का कहना है कि इस बार भी स्थानीय राजनेताओं के दबाव में पुलिस नरमी बरत रही है। फिलहाल पीड़ित परिवार ने अभी तक थाने में लिखित तहरीर नहीं दी है। परिवार का कहना है कि वे पहले अपने घायल परिजनों के इलाज में जुटे हैं, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे।
पत्रकार संगठनों में रोष, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद लखनऊ प्रेस क्लब, पत्रकार संघ और कई मीडिया संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर पत्रकारों को ही सुरक्षा नहीं मिलेगी तो आम नागरिकों का क्या होगा? वहीं विपक्षी दलों ने भी इस हमले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि यूपी में पत्रकारों पर हमले अब आम हो गए हैं।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने थाने में दी तहरीर, अब निगाहें पुलिस पर
सूत्रों के अनुसार, हमले के बाद बंथरा चेयरमैन प्रतिनिधि भी पुलिस थाने पहुंचे और अपनी ओर से लिखित तहरीर दी। अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच करता है या एक बार फिर राजनीतिक दबाव में मामला दबा दिया जाता है।
मेडिकल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती तीनों की हालत नाजुक
वर्तमान में पत्रकार युवराज गौतम, उनकी बहन और भाई लखनऊ के मेडिकल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने बताया कि तीनों की हालत गंभीर लेकिन स्थिर है। परिवार और समर्थक लगातार अस्पताल में मौजूद हैं।
जनता में रोष और प्रशासन की परीक्षा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्रकार पर हमला केवल एक परिवार पर नहीं बल्कि आवाज उठाने वाले हर नागरिक पर हमला है। अब यह देखना बाकी है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद पुलिस किस तरह कार्रवाई करती है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पत्रकार सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्रकार युवराज गौतम पर हमला क्यों बना राज्यव्यापी चर्चा का विषय?
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी आग की तरह फैल गई है। ट्विटर (X), फेसबुक और गूगल ट्रेंड्स पर #JournalistAttack #YuvrajGautam #LucknowNews जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं। जनता और पत्रकार समुदाय ने इसे प्रेस स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
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