दिनांक 10 मार्च 2026 को आयोजित ग्राम चौपाल कार्यक्रम प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया। ग्राम पंचायत चंद्रामारा में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी महोदय तथा माननीय विधायक मानिकपुर ने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं, जरूरतों तथा विकास से जुड़ी मांगों को गंभीरता से सुना। ग्राम चौपाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक टीम ने गांव के विभिन्न मजरों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में आयोजित इस ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने सड़कों, आवागमन और जल निकासी से जुड़ी कई समस्याओं को सामने रखा। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे गांव के लोगों को दैनिक कार्यों के लिए भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
📌 ग्रामीणों ने रखी रपट निर्माण की मांग
ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष सुलभ आवागमन की समस्या को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में कई स्थानों पर जलधाराएं और नाले होने के कारण वर्षा ऋतु में रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं, जिससे बच्चों को स्कूल जाने, किसानों को खेत तक पहुंचने और आम लोगों को बाजार तथा अस्पताल जाने में कठिनाई होती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने चेकडैम कम रपटा चंद्रामारा-I, चेकडैम कम रपटा चंद्रामारा-II तथा चेकडैम कम रपटा शिवलिहा के निर्माण की मांग प्रशासन के सामने रखी। ग्रामीणों ने बताया कि इन स्थानों पर रपट का निर्माण होने से पूरे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और बरसात के समय भी रास्ते सुरक्षित रहेंगे।
🚧 मोटरसाइकिल से किया स्थलीय निरीक्षण
ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी महोदय और माननीय विधायक मानिकपुर ने तुरंत मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने का निर्णय लिया। दोनों जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मोटरसाइकिल से प्रस्तावित स्थलों तक पहुंचे और वहां की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूगोल, जल प्रवाह और संभावित निर्माण की तकनीकी स्थितियों को भी समझा। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि बरसात के मौसम में किस प्रकार इन स्थानों पर पानी भर जाता है और रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं।
📊 विकास योजना के तहत भेजा जाएगा प्रस्ताव
स्थलीय निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी महोदय और माननीय विधायक ने पाया कि ग्रामीणों की मांग पूरी तरह उचित है और इन स्थानों पर रपट का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत इन तीनों रपटों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजा जाए।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य नियमानुसार और गुणवत्ता के साथ कराया जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। प्रशासन का कहना है कि प्रस्ताव स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
🌾 ग्रामीणों में जगी उम्मीद
जिलाधिकारी और विधायक के इस निरीक्षण के बाद ग्रामीणों में विकास की नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रस्तावित रपटों का निर्माण हो जाता है तो न केवल आवागमन की समस्या समाप्त होगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय बाद उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इन परियोजनाओं को स्वीकृति मिलेगी और क्षेत्र में विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
ग्राम चौपाल जैसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल समस्याओं की पहचान होती है बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी ठोस पहल देखने को मिलती है।
❓अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
ग्राम चौपाल कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
ग्राम पंचायत मारचंद्रा में ग्राम चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें जिलाधिकारी और मानिकपुर विधायक ने भाग लिया।
ग्रामीणों ने किस निर्माण की मांग की?
ग्रामीणों ने चंद्रामारा-I, चंद्रामारा-II और शिवलिहा स्थानों पर चेकडैम कम रपट निर्माण की मांग की।
रपट निर्माण का प्रस्ताव किस योजना के तहत भेजा जाएगा?
इन रपटों के निर्माण का प्रस्ताव त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।










