1000 रुपये में सौदा : पत्नी से दुष्कर्म का आरोप, रिश्तों ने लांघी इंसानियत की हद

खिड़की के पास खड़ी एक महिला की सांकेतिक परछाईं, गंभीर और उदास माहौल दर्शाती हुई

✍️कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
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1000 रुपये में सौदा—यह महज शब्द नहीं, बल्कि उस आरोप की भयावह तस्वीर है जिसमें एक महिला ने अपने ही पति पर पैसों के लालच में उसे दो लोगों के हवाले करने का गंभीर आरोप लगाया है। बदायूं जिले से सामने आया यह मामला रिश्तों की मर्यादा और सामाजिक मूल्यों पर कठोर प्रश्न खड़े करता है।

1000 रुपये में सौदा की चर्चा इन दिनों बदायूं जिले के एक गांव में हो रही है, जहां एक महिला ने अपने पति पर चौंकाने वाला आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पैसों के लालच में उसके पति ने अपने दो परिचितों के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म की साजिश रची। यह घटना 6 फरवरी की सुबह की बताई जा रही है, जब महिला अपने पति के साथ घर से गैस कनेक्शन से जुड़े कागजात बनवाने के लिए निकली थी। उसे क्या मालूम था कि यह दिन उसके जीवन की सबसे दर्दनाक स्मृतियों में शामिल हो जाएगा।

रास्ते में हुई कथित सौदेबाज़ी

पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, जब वह अपने पति के साथ जा रही थी, तभी रास्ते में उसके पति के दो परिचित—पप्पू और बालकिशन—मिल गए। आरोप है कि उसी दौरान पति ने दोनों से एक हजार रुपये में कथित रूप से सौदा तय किया। इसके बाद पति ने अपनी पत्नी से यह कहकर अलग होने की बात कही कि उसे किसी अन्य काम से जाना है और वह पप्पू व बालकिशन के साथ मोटरसाइकिल से आगे बढ़ जाए। पति पर विश्वास करते हुए महिला उनके साथ चली गई, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि उसके साथ धोखा होने वाला है।

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जंगल की ओर ले जाकर वारदात

तहरीर में बताया गया है कि दोपहर करीब एक बजे दोनों आरोपियों ने महिला को बलकनपुर की ओर जाने वाले रास्ते के समीप स्थित एक सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। महिला का कहना है कि किसी तरह वह वहां से बचकर अपने घर पहुंची और जब उसने पति से इस पूरे घटनाक्रम के बारे में सवाल किया तो उसे कथित रूप से झकझोर देने वाला जवाब मिला। महिला का आरोप है कि पति ने कहा, “तुझसे मैं पैसा कमाऊंगा।” यह कथन ही इस मामले को और अधिक गंभीर बना देता है, क्योंकि इसमें विश्वास और वैवाहिक रिश्ते की मूल भावना को ही आघात पहुंचता है।

नेत्रहीन जेठ बने सहारा

घटना के बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती अपने जेठ को सुनाई। विशेष बात यह है कि उसके जेठ नेत्रहीन हैं। रात का समय होने के कारण वे तुरंत थाने नहीं पहुंच सके, लेकिन अगले दिन महिला ने उनका हाथ पकड़कर फैजगंज बेहटा थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। यह दृश्य अपने आप में संवेदनशील है—एक नेत्रहीन व्यक्ति, जो स्वयं देख नहीं सकता, लेकिन अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस दिखाता है। महिला ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की और अपने पति समेत अन्य आरोपियों को दंडित करने की अपील की।

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पुलिस कार्रवाई और जांच

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एफआईआर दर्ज की और पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। एसपी देहात हृदयेश कठेरिया के अनुसार, 9 फरवरी को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया। वहीं, महिला के पति की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि साजिश में पति की संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिश्तों पर उठे गंभीर सवाल

1000 रुपये में सौदा जैसे आरोप केवल एक आपराधिक घटना भर नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक और नैतिक ढांचे को भी झकझोरते हैं। विवाह जैसे पवित्र संबंध में विश्वास सबसे बड़ा आधार माना जाता है। जब उसी रिश्ते पर इस प्रकार का आरोप लगे, तो समाज में असुरक्षा और अविश्वास की भावना बढ़ना स्वाभाविक है। यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि घरेलू हिंसा और शोषण कई बार घर की चारदीवारी के भीतर ही छिपे रह जाते हैं।

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कानूनी दृष्टि से क्या कहता है कानून?

भारतीय दंड संहिता के तहत दुष्कर्म, आपराधिक षड्यंत्र और महिला की अस्मिता से जुड़े अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। यदि पति द्वारा साजिश या सहयोग का आरोप सिद्ध होता है, तो उसके खिलाफ भी गंभीर धाराओं में कार्रवाई संभव है। कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि किसी भी महिला की इच्छा के विरुद्ध किया गया कृत्य अपराध है, चाहे वह संबंध कोई भी क्यों न हो।

पीड़िता की मांग: सख्त सजा

महिला की एकमात्र मांग है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। उसने पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की अपील की है। इस मामले में सामाजिक संगठनों ने भी संवेदनशीलता बरतने और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।

यह पूरा प्रकरण बताता है कि आर्थिक लालच किस हद तक इंसान को अमानवीय बना सकता है। 1000 रुपये में सौदा जैसे शब्द केवल कानूनी दस्तावेज का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज के सामने एक कड़वा आईना हैं। अब नजरें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आरोपों की सच्चाई क्या है और दोषियों को किस प्रकार दंडित किया जाएगा।

समाचार दर्पण 24 के संपादक कार्य करते हुए, संयमित शब्द और गहरे असर वाली पत्रकारिता का प्रतीकात्मक दृश्य
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