देवरिया में दो नए ओवरब्रिज — जाम से राहत और विकास की नई रफ्तार

देवरिया के भीखमपुर और कसया ढाले रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद होने से लगा भारी जाम, दिन और रात में यातायात अव्यवस्था का दृश्य

✍️इरफान अली लारी की रिपोर्ट
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देवरिया में दो नए ओवरब्रिज के निर्माण को शासन से मिली मंजूरी को शहर के लिए बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से जाम, दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था से जूझ रहे देवरिया शहर को अब भीखमपुर रेलवे क्रॉसिंग और कसया ढाले पर बनने वाले रेल उपरिगामी सेतुओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बजट स्वीकृत होने के साथ ही इन बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है, जिससे न सिर्फ आवागमन सुगम होगा बल्कि शहरी और ग्रामीण विकास को भी नई गति मिलेगी।

हुक प्वाइंट: वर्षों से जिस जाम और फाटक बंद होने की समस्या ने देवरिया की रफ्तार रोकी हुई थी, अब वही स्थान शहर के विकास का प्रवेश द्वार बनने जा रहे हैं।

भीखमपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज: वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी

भीखमपुर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज को लेकर स्थानीय लोगों की मांग कोई नई नहीं थी। वर्षों से यह क्रॉसिंग देवरिया शहर के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। ट्रेन गुजरते ही फाटक बंद हो जाता था और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और आपातकालीन सेवाएं—सभी इस जाम से प्रभावित होते थे।

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अब इस समस्या के समाधान के रूप में देवरिया में दो नए ओवरब्रिज की योजना के तहत भीखमपुर रेलवे क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 72 करोड़ 3 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय स्वयं योगी आदित्यनाथ द्वारा लिया गया, जिसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भीखमपुर रोड पर स्थित यह क्रॉसिंग न सिर्फ शहरी यातायात का हिस्सा है, बल्कि आसपास के कई गांवों को शहर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी है। ओवरब्रिज के निर्माण से इन गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।

जाम से राहत के साथ व्यापार और आपात सेवाओं को मिलेगा लाभ

स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि भीखमपुर ओवरब्रिज बनने के बाद बाजारों तक पहुंच आसान होगी। अभी तक जाम के कारण कई बार सप्लाई चेन बाधित होती थी, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। वहीं, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाओं को भी फाटक बंद होने की स्थिति में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

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अब जब देवरिया में दो नए ओवरब्रिज बनने जा रहे हैं, तो यह उम्मीद की जा रही है कि शहर की आंतरिक सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और दुर्घटनाओं की संख्या में गिरावट आएगी।

कसया ढाले पर टू-लेन ओवरब्रिज: दुर्घटनाओं के हॉटस्पॉट पर बड़ा समाधान

देवरिया शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल कसया ढाला लंबे समय से जाम और सड़क हादसों के लिए कुख्यात रहा है। समपार संख्या 129 स्पेशल के रूप में चिन्हित यह रेलवे क्रॉसिंग ट्रैफिक दबाव के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील मानी जाती है। यहां ट्रैफिक वॉल्यूम यूनिट (TVU) 3 लाख 50 हजार 399 दर्ज किया गया है, जो इसकी व्यस्तता को साफ तौर पर दर्शाता है।

इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए शासन ने कसया ढाले पर टू-लेन रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 81 करोड़ 41 लाख 11 हजार रुपये तय की गई है। शासन स्तर से इसकी औपचारिक सूचना पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर को भेज दी गई है।

प्रशासनिक पुष्टि और विकास की दिशा

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने भी कसया ढाले पर ओवरब्रिज निर्माण की पुष्टि की है। प्रशासनिक स्तर पर परियोजना से जुड़े तकनीकी और औपचारिक पहलुओं को तेजी से पूरा करने की तैयारी की जा रही है, ताकि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी न हो।

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विशेषज्ञों का मानना है कि कसया ढाले पर ओवरब्रिज बनने से न सिर्फ जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि यह क्षेत्र दुर्घटनाओं के लिहाज से भी कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगा। पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और दोपहिया चालकों के लिए यह एक बड़ा राहत भरा कदम साबित होगा।

शहर की रफ्तार को मिलेगा नया आयाम

कुल मिलाकर देखा जाए तो देवरिया में दो नए ओवरब्रिज केवल यातायात परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि यह शहर के भविष्य की आधारशिला भी हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश के अवसर बढ़ेंगे, रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आएगी और आम नागरिकों का समय व ईंधन दोनों बचेगा।

शहरवासियों को अब उम्मीद है कि वर्षों से जिन समस्याओं को उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मान लिया था, वे जल्द ही इतिहास बन जाएंगी। देवरिया के विकास पथ पर यह एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

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देवरिया में दो नए ओवरब्रिज को मिली मंजूरी से भीखमपुर और कसया ढाले पर जाम व दुर्घटनाओं से राहत, यातायात सुगम और विकास को मिलेगी नई गति।

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