संतोष कुमार सोनी के साथ धर्मेन्द्र की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अक्सर लोग आवास, नौकरी, कॉलोनी, या आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हैं, लेकिन इस बार बांदा जिले की एक महिला ने ऐसी मांग की है जिसने सभी को हैरान कर दिया। महिला ने मुख्यमंत्री से न घर मांगा, न जमीन और न कोई सरकारी सुविधा—बल्कि उसने सिर्फ एक भैंस दिलाने की गुहार लगाई है।
यह अनोखी अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग कह रहे हैं कि यह महिला गरीबी और संघर्ष की उस सच्ची कहानी की मिसाल है जो सरकारी योजनाओं से परे किसी आम इंसान की वास्तविक जरूरत को सामने लाती है।
कर्ज लेकर खरीदी थी दो भैंसे, अब जीवन संकट में
बांदा जनपद की नरैनी तहसील के जबरापुर गांव में रहने वाली तकदिरन पत्नी अली हुसैन चार बच्चों के साथ मजदूरी कर अपना गुजारा करती है। परिवार की स्थिति इतनी खराब थी कि उसने गांव के ही कुछ लोगों से करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लेकर दो भैंसे खरीदीं। उसका सपना था कि दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करेगी, बच्चों को पढ़ाएगी और धीरे-धीरे कर्ज भी चुका देगी।
शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, लेकिन कुछ ही महीनों बाद दोनों भैंसों की अचानक मौत हो गई। भैंसों के मरने से जैसे तकदिरन की दुनिया ही उजड़ गई। परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन खत्म हो गया। महिला अब मजदूरी के सहारे बच्चों का पेट पालने की कोशिश कर रही है, लेकिन बढ़ती महंगाई में यह संभव नहीं हो पा रहा।
सीएम योगी से भैंस दिलाने की गुहार
तकदिरन ने कहा कि उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन भेजा है। उसने सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि विवेकाधीन कोष से उसे एक भैंस दिलवा दी जाए ताकि उसका परिवार भूखमरी से बच सके। महिला ने कहा — “सीएम योगी हर गरीब की सुनते हैं, इसलिए मुझे भी उम्मीद है कि वे मेरी फरियाद जरूर सुनेंगे।”
महिला का मानना है कि अगर मुख्यमंत्री से उसे एक भैंस मिल जाए तो वह फिर से दूध बेचकर परिवार का गुजारा कर सकेगी और बच्चों की पढ़ाई भी जारी रख पाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि तकदिरन के पास न कोई जमीन है, न कोई स्थायी आय का स्रोत। ऐसे में भैंस ही उसकी आजीविका का आधार बन सकती है।
गरीबी की असली तस्वीर बन गई तकदिरन की कहानी
तकदिरन की यह कहानी आज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है। जहां बड़े-बड़े घोटाले और भ्रष्टाचार की खबरें सुर्खियों में रहती हैं, वहीं यह गरीब महिला सिर्फ एक भैंस की मांग कर रही है ताकि उसका परिवार जिंदा रह सके। यह मामला न केवल मानवीय संवेदना को झकझोरता है बल्कि सरकार की गरीबी उन्मूलन योजनाओं की जमीनी सच्चाई को भी उजागर करता है।
लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि अगर सरकार वाकई गरीबों की मदद करना चाहती है तो ऐसे छोटे-छोटे अनुरोधों पर तुरंत कार्यवाही होनी चाहिए। क्योंकि तकदिरन जैसी सैकड़ों महिलाएं हैं जो सरकारी योजनाओं की फाइलों में कहीं गुम हो जाती हैं।
सीएम योगी की छवि ‘जनसुनवाई करने वाले मुख्यमंत्री’ की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में है जो जनसुनवाई में गरीबों की समस्याएं सुनते हैं और तत्काल समाधान का निर्देश देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से हजारों जरूरतमंदों की मदद की है। इसलिए तकदिरन और उसके परिवार को विश्वास है कि सीएम योगी उनके लिए भी कोई न कोई समाधान जरूर निकालेंगे।
अगर मुख्यमंत्री कार्यालय इस मामले पर संज्ञान लेता है और महिला को भैंस दिलवा देता है तो यह कदम न केवल एक गरीब परिवार की जिंदगी बदल देगा, बल्कि यह मिसाल भी बनेगा कि “सरकार सच में गरीबों की सरकार है।”
सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी ‘भैंस वाली गुहार’
“भैंस दिलाओ योगी जी” जैसे हैशटैग अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। लोग तकदिरन की पोस्ट को शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह मामला किसी सरकारी सहायता से कहीं अधिक मानवीय है। कई लोग स्थानीय प्रशासन से भी महिला की मदद करने की अपील कर रहे हैं।
बांदा के ग्रामीण क्षेत्रों में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। सभी की यही उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकदिरन की फरियाद जरूर सुनेंगे और मदद का हाथ बढ़ाएंगे।
गरीबी और उम्मीद की कहानी
तकदिरन की कहानी इस बात की सच्ची मिसाल है कि कभी-कभी “सपने” बहुत छोटे होते हैं—जैसे एक भैंस खरीदने का सपना। लेकिन जब गरीबी गहराती है, तो वही सपना जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष बन जाता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकदिरन की यह गुहार सुनकर उसके जीवन में नई उम्मीद की किरण जगा पाएंगे या नहीं।
सवाल-जवाब (FAQ)
1. बांदा की महिला ने मुख्यमंत्री योगी से क्या मांग की?
महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक भैंस दिलाने की गुहार लगाई है ताकि वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके।
2. महिला ने भैंस क्यों मांगी?
महिला ने कर्ज लेकर दो भैंसे खरीदी थीं, जिनकी अचानक मौत हो गई। अब उसके पास कोई आय का साधन नहीं है।
3. क्या महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आवेदन किया है?
हाँ, महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भेजा है और विवेकाधीन कोष से सहायता की मांग की है।
4. क्या सीएम योगी इस मामले में मदद करेंगे?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गरीबों की मदद के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे इस मामले पर सकारात्मक निर्णय लेंगे।









