एसीबी के हत्थे चढ़े घूसखोर—राजस्थान के भरतपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बिजली विभाग में व्याप्त रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में जूनियर इंजीनियर (JEN) और असिस्टेंट इंजीनियर (AEN) को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। JEN को एसीबी की भनक लगने पर स्कूटी से फरार होने की कोशिश की गई, लेकिन टीम ने करीब तीन किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया।
एसीबी के अनुसार शिकायतकर्ता केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट इंस्टॉल करता है। सोलर मीटर चालू होने के बाद मिलने वाली सब्सिडी को अप्रूव कराने के नाम पर अधिकारियों ने प्रति फाइल 5 हजार रुपये की मांग की थी। कुल पेंडिंग फाइलों को पास कराने के लिए 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेते समय एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की। JEN ने शिकायतकर्ता को भरतपुर की बिग्रेडियर घासी राम कॉलोनी स्थित अपने आवास पर बुलाया था। वहीं दूसरी ओर AEN को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के किरावली कस्बे से गिरफ्तार किया गया।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन कर्मचारी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
एसीबी के हत्थे चढ़े घूसखोर कौन हैं?
बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JEN) और असिस्टेंट इंजीनियर (AEN) को एसीबी ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी?
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत लगाए गए सोलर प्लांट से जुड़ी पेंडिंग फाइलों को अप्रूव करने और सब्सिडी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले।
प्रति फाइल कितनी रिश्वत तय की गई थी?
प्रति फाइल 5,000 रुपये की मांग की गई थी और कुल 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
गिरफ्तारी के समय कितनी रकम बरामद हुई?
एसीबी ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय आरोपियों को ट्रैप कर गिरफ्तार किया।
AEN को कहां से गिरफ्तार किया गया?
AEN को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के किरावली कस्बे से गिरफ्तार किया गया।










