अवधी सिंगर संजय यदुवंशी नजरबंद किए जाने की खबर ने गोंडा (कैसरगंज) में अचानक सनसनी फैला दी। मौका था पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा आयोजित ‘राष्ट्र कथा’ कार्यक्रम का, जहां जैसे ही मशहूर अवधी लोकगायक संजय यदुवंशी के पहुंचने की सूचना फैली, वैसे ही हजारों की भीड़ कार्यक्रम स्थल की ओर उमड़ पड़ी।
अवधी सिंगर संजय यदुवंशी नजरबंद क्यों किए गए?
कार्यक्रम स्थल पर भीड़ इतनी तेजी से बढ़ी कि प्रशासन को कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका सताने लगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अवधी सिंगर संजय यदुवंशी नजरबंद करने का फैसला किसी दंडात्मक कार्रवाई के तहत नहीं, बल्कि पूरी तरह एहतियाती सुरक्षा उपाय के रूप में लिया गया। कलाकार और आम जनता—दोनों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता थी।
भीड़ नियंत्रण में क्यों आई प्रशासन को परेशानी?
‘108 पर लद के जाबा’ जैसे सुपरहिट अवधी गीतों से पहचान बना चुके संजय यदुवंशी को देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से लोग पहुंचे थे। मंच के आसपास धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनने लगी। ऐसे में यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो हालात गंभीर हो सकते थे।
सुल्तानपुर से सोशल मीडिया स्टार बनने तक
अवधी सिंगर संजय यदुवंशी नजरबंद की घटना से पहले भी अपने संघर्ष भरे सफर को लेकर चर्चा में रहे हैं। सुल्तानपुर जिले के धम्मौर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले संजय ने हनुमत इंटर कॉलेज से पढ़ाई की। आर्थिक तंगी के कारण UPSC का सपना अधूरा रह गया, लेकिन उन्होंने हालात से हार नहीं मानी।
स्मार्टफोन बना किस्मत बदलने वाला हथियार
साल 2020 में मिला एक साधारण स्मार्टफोन उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अवधी भाषा में बनाए गए देसी कॉमेडी वीडियो और गीत सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। ‘108 पर लद के जाबा’ ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई और देखते ही देखते वे डिजिटल स्टार बन गए।
Sanjay Yadav Comedy से मिली नई पहचान
‘Sanjay Yadav Comedy’ यूट्यूब चैनल के जरिए संजय और उनके बड़े भाई शिवा यादव ने मिलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। ग्रामीण जीवन, आम बोलचाल की भाषा और सामाजिक व्यंग्य उनके कंटेंट की पहचान बने।
राजनीतिक मंच और बढ़ती लोकप्रियता
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के कार्यक्रम में आमंत्रण के बाद अवधी सिंगर संजय यदुवंशी नजरबंद जैसी घटना सामने आई, जिसने यह साफ कर दिया कि उनकी लोकप्रियता अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही। राजनीतिक और सांस्कृतिक मंचों पर उनकी मौजूदगी भीड़ को स्वतः आकर्षित कर रही है।
संघर्ष से संपन्नता तक का सफर
यूट्यूब से हुई पहली कमाई से खरीदी गई रेंजर साइकिल से लेकर आज थार और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियों तक का सफर संजय की मेहनत की गवाही देता है। उनके पिता सियाराम यादव ने वर्षों तक हरियाणा में ऑटो चलाकर परिवार को संभाला।
परिवार को गर्व, गांव में खुशी
मां कौशल्या देवी और बहन पुनीता का कहना है कि संजय की सफलता पूरे परिवार के लिए प्रेरणा है। अवधी सिंगर संजय यदुवंशी नजरबंद की खबर से भले ही हलचल मची हो, लेकिन गांव में आज भी उनकी कामयाबी की चर्चा गर्व के साथ होती है।
नजरबंदी ने बढ़ाई पहचान
प्रशासन के लिए यह एक सुरक्षा निर्णय था, लेकिन इस घटना ने संजय यदुवंशी की लोकप्रियता को और विस्तार दे दिया। सोशल मीडिया पर उन्हें “जनता का गायक” कहकर संबोधित किया जाने लगा।
❓ FAQ
अवधी सिंगर संजय यदुवंशी नजरबंद क्यों किए गए?
भीड़ बेकाबू होने और सुरक्षा कारणों से उन्हें अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
क्या यह गिरफ्तारी थी?
नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं बल्कि पूरी तरह एहतियाती सुरक्षा कदम था।










