नारी के भीतर असीम शक्ति , कलम से समाज बदलने की क्षमता : डॉ सत्या पाण्डेय

नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम में मंच पर मुख्य अतिथि, साहित्यकार और अतिथिगण उपस्थित

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🖋 इरफान अली लारीकी रिपोर्ट

देवरिया। नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में महिलाओं की शक्ति, संघर्ष और सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ सत्या पाण्डेय, पूर्व महापौर गोरखपुर ने कहा कि प्रकृति ने नारी के भीतर असीम शक्ति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि संसार और समाज के लिए स्त्री और पुरुष दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, किंतु महिलाओं में जो त्याग, ममता, साहस और संवेदनशीलता का समन्वय देखने को मिलता है, वह पुरुषों में कम ही दिखाई देता है।

डॉ सत्या पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय परंपरा और इतिहास में नारी शक्ति के अनेक उदाहरण मिलते हैं। उन्होंने कहा कि स्त्री अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने में सक्षम है और आवश्यकता पड़ने पर वह शक्तिशाली शासकों से लेकर यमराज तक से भी संघर्ष करने की क्षमता रखती है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे मोबाइल की दुनिया से थोड़ा बाहर निकलकर अध्ययन और लेखन की ओर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की कलम में इतनी ताकत है कि वह समाज से क्रूरता और हिंसा को मिटाकर नई दिशा दे सकती है तथा सामाजिक समरसता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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समाज और राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

समारोह की विशिष्ट अतिथि और ब्लाक प्रमुख लार श्रीमती अनुभा सिंह ने कहा कि आज महिलाएं समाज और राष्ट्र के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक, साहित्य से लेकर सेना तक, महिलाएं अपने परिश्रम और प्रतिभा से नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि वह महिलाओं को उचित सम्मान और सहयोग प्रदान करे, ताकि वे और अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें।

प्रख्यात साहित्यकार डॉ पुष्पा सिंह बिसेन सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात साहित्यकार डॉ पुष्पा सिंह बिसेन को “महादेवी वर्मा नागरी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सभा के अध्यक्ष डॉ जयनाथ मणि त्रिपाठी, मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी, कार्यक्रम संयोजक डॉ शकुंतला दीक्षित तथा कार्यसमिति के सदस्यों द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र तथा सात हजार एक सौ रुपये की सम्मान राशि भेंट की गई।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ पुष्पा सिंह बिसेन ने अपनी कविता “सात फेरे क्या लिए तुम पति का ताज पहन लिए” प्रस्तुत करते हुए सभा को संबोधित किया और नागरी प्रचारिणी सभा के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी कविता ने उपस्थित श्रोताओं को भावुक कर दिया और महिलाओं के जीवन, संघर्ष तथा संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।

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दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह की औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और मां वीणापाणि के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। सभा के अध्यक्ष, मंत्री, संयोजक और समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात अंजलि अरोड़ा खुशबू ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और सुनीता सिंह सरोवर ने स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के दौरान कई साहित्यकारों और कवियों ने नारी की शक्ति, साहस और धैर्य पर केंद्रित कविताओं का पाठ किया। सौदागर सिंह, दयाशंकर कुशवाहा, गोपाल जी त्रिपाठी, रमेश सिंह दीपक और रामेश्वर तिवारी राजन ने अपनी रचनाओं के माध्यम से महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को रेखांकित किया।

महिला दिवस केवल तिथि नहीं, संघर्षों की पहचान

सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला दिवस केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह उन संघर्षों, उपलब्धियों और सपनों की कहानी है जिन्हें महिलाओं ने अपने परिश्रम और आत्मबल से साकार किया है। उन्होंने माताओं, बहनों और बहुओं को नमन करते हुए कहा कि यही महिलाएं समाज में ममता और संस्कार का वातावरण निर्मित करती हैं।

समारोह की संयोजक डॉ शकुंतला दीक्षित ने कार्यक्रम के दौरान महिला कवयित्रियों और श्रोताओं को दुकुल भेंट कर सम्मानित किया। अपने समापन वक्तव्य में उन्होंने कहा कि अक्सर यह प्रश्न उठता है कि आखिर महिला दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ती है। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि समाज में अभी भी कहीं न कहीं असमानता मौजूद है। इसलिए आवश्यक है कि यह भेद समाप्त हो और स्त्री-पुरुष दोनों को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।

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कवि गोष्ठी में गूंजा नारी सम्मान का स्वर

महिला दिवस सम्मान समारोह के बाद आयोजित द्वितीय रविवारीय कवि गोष्ठी में अनेक कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी शक्ति का गुणगान किया। इस अवसर पर रीना मिश्रा, आभा मिश्रा, प्रार्थना राय, क्षमा श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, श्वेता राय, रानी दुर्गावती, पार्वती देवी गौरा, नीरजा सिंह, कौशल किशोर मणि, सरोज कुमार पाण्डेय, इन्द्र कुमार दीक्षित, रविनंदन सैनी, नित्यानंद आनंद और योगेन्द्र तिवारी योगी सहित कई साहित्यकारों ने कविता पाठ किया।

कार्यक्रम का संचालन महिला दिवस सम्मान समारोह में प्रीति पाण्डेय ने किया, जबकि कवि गोष्ठी का संचालन सौदागर सिंह द्वारा किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं ने नारी सम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।


❓FAQ

नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?

इस कार्यक्रम का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति, संघर्ष और समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना तथा साहित्य और संवाद के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश देना था।

कार्यक्रम में किसे महादेवी वर्मा नागरी सम्मान दिया गया?

प्रख्यात साहित्यकार डॉ पुष्पा सिंह बिसेन को “महादेवी वर्मा नागरी सम्मान” से सम्मानित किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि कौन थीं?

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ सत्या पाण्डेय, पूर्व महापौर गोरखपुर थीं, जिन्होंने नारी शक्ति और शिक्षा पर जोर दिया।

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