अमन भैंसवाल गिरफ्तारी ने संगठित अपराध की दुनिया में यह साफ संदेश दे दिया है कि अब विदेश की पनाह भी कानून से बचने की गारंटी नहीं रही। हरियाणा के कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को अमेरिका से भारत लाकर गिरफ्तार कर लिया गया है। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसे हिरासत में लिया। यह वर्ष 2025 के बाद हरियाणा के लिए किसी भगोड़े अपराधी की छठी सफल अंतरराष्ट्रीय वापसी मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन: महीनों की निगरानी के बाद गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमन भैंसवाल की गिरफ्तारी एक लंबी और सुनियोजित प्रक्रिया का नतीजा है। इस कार्रवाई में हरियाणा पुलिस की एसटीएफ, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, अमेरिकी कानून प्रवर्तन संस्थाओं और इंटरपोल के बीच लगातार समन्वय बना रहा। तकनीकी निगरानी, दस्तावेजों की गहन जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आखिरकार अमेरिका में उसकी लोकेशन ट्रेस की गई।
यह अमेरिका की एजेंसियों के सहयोग से किया गया हरियाणा पुलिस का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन है, जिसे संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन है अमन भैंसवाल: अपराध और नेटवर्क का विस्तार
अमन भैंसवाल हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के अपराध जगत में एक जाना-पहचाना नाम रहा है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, खुलेआम फायरिंग और अवैध हथियार रखने जैसे कुल 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह सोनीपत, रोहतक, झज्जर और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फैले एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
जांच एजेंसियों का दावा है कि अमन भैंसवाल लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए स्थानीय स्तर पर वसूली, टारगेट किलिंग और डर का माहौल बनाने का काम संभाल रहा था। यही वजह रही कि वह लंबे समय से पुलिस के रडार पर था।
फरारी की पूरी कहानी: जाली दस्तावेजों से अमेरिका तक
अमन भैंसवाल गिरफ्तारी से जुड़ी जांच में सामने आया है कि वह 20 जून 2024 को भारत से फरार हो गया था। उसने पूर्वी दिल्ली के एक पते का इस्तेमाल कर जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया। इसके बाद वह पहले कुवैत पहुंचा और फिर अमेरिका चला गया। पहचान छिपाने के लिए उसने फर्जी नाम, बदला हुआ पता और अलग-अलग डिजिटल प्रोफाइल का सहारा लिया।
हालांकि, लुक-आउट सर्कुलर, लगातार खुफिया इनपुट और इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस ने उसकी चालाकी को ज्यादा दिन चलने नहीं दिया।
कानूनी शिकंजा: BNS, पासपोर्ट अधिनियम और रेड कॉर्नर नोटिस
सोनीपत के गोहाना थाने में अमन भैंसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज थे। उसे घोषित अपराधी भी करार दिया जा चुका था। इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
पुलिस का कहना है कि यह केस उन अपराधियों के लिए चेतावनी है, जो फर्जी पहचान और विदेशी पनाह के सहारे कानून से बचने की कोशिश करते हैं।
डीजीपी अजय सिंघल का सख्त संदेश
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने इस गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि जो लोग यह मानते हैं कि देश की सीमाओं के बाहर छिपकर वे कानून से बच सकते हैं, उन्हें यह भ्रम छोड़ देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधी चाहे भारत में हों या विदेश में, हरियाणा पुलिस उन्हें न्याय के कटघरे में लाकर ही दम लेगी।
डीजीपी के इस बयान को अपराधियों के लिए कड़ी चेतावनी और आम नागरिकों के लिए भरोसे का संदेश माना जा रहा है।
आगे की जांच और संभावित खुलासे
अमन भैंसवाल की गिरफ्तारी के बाद अब उससे गहन पूछताछ की तैयारी है। माना जा रहा है कि इस पूछताछ से न केवल लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर नई जानकारियां सामने आएंगी, बल्कि हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अन्य अपराधियों के नाम भी उजागर हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, अमन भैंसवाल गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई अब स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर लड़ी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमन भैंसवाल कौन है?
अमन भैंसवाल हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक कुख्यात गैंगस्टर है, जिस पर 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अमन भैंसवाल को कहां से लाया गया?
उसे अमेरिका से भारत लाकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया।
यह गिरफ्तारी कितनी अहम मानी जा रही है?
यह 2025 के बाद हरियाणा पुलिस की छठी सफल भगोड़ा वापसी और अमेरिका के सहयोग से किया गया दूसरा बड़ा ऑपरेशन है।
डीजीपी ने क्या चेतावनी दी?
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी देश में हों या विदेश में, कानून से बच नहीं सकते।










