प्रधानी चुनाव की आहट उत्तर प्रदेश के गांव-गांव में अब साफ सुनाई देने लगी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति के बीच
प्रदेश सरकार की ओर से बड़ा संकेत सामने आया है। बैलेट पेपर की छपाई पूरी हो चुकी है
और इन्हें सभी 75 जिलों तक पहुंचा दिया गया है। पंचायती राज मंत्री
ओम प्रकाश राजभर
ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जैसे ही अंतिम मतदाता सूची जारी होगी,
पंचायत चुनावों की घोषणा कर दी जाएगी।
हूक प्वाइंट | समाचार सार: पंचायत चुनाव को लेकर जो भ्रम बना हुआ था,
उस पर मंत्री के बयान ने काफी हद तक विराम लगा दिया है। 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट,
उसके बाद चुनावी घोषणा और समय पर मतदान—सरकार ने अपनी तैयारी सार्वजनिक कर दी है।
75 जिलों तक पहुंचे बैलेट पेपर
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर सबसे बड़ा संकेत
बैलेट पेपर की छपाई और वितरण को माना जा रहा है। पंचायती राज विभाग की ओर से यह प्रक्रिया
पूरी कर ली गई है और सभी 75 जिलों में बैलेट पेपर भेज दिए गए हैं।
चुनाव आयोग और प्रशासनिक स्तर पर इसे एक अहम पड़ाव माना जा रहा है,
क्योंकि बिना बैलेट पेपर के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा संभव नहीं होती।
सुलतानपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साफ कहा कि
सरकार पंचायत चुनावों को लेकर पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि
प्रशासनिक स्तर पर संभावित अड़चनों को दूर करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है,
ताकि चुनाव समय पर और व्यवस्थित तरीके से कराए जा सकें।
28 फरवरी को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि पंचायत चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची
28 फरवरी को जारी कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची जारी होने के बाद किसी भी तरह का भ्रम नहीं रह जाएगा
और इसके तत्काल बाद चुनावों की घोषणा कर दी जाएगी।
उन्होंने चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों को संदेश देते हुए कहा कि
अब समय आ गया है कि लोग पूरी गंभीरता से अपनी तैयारी में जुट जाएं।
सरकार की मंशा है कि पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही
नई ग्राम सरकार का गठन कर लिया जाए।
कार्यकाल समाप्ति का दबाव और राजनीतिक हलचल
प्रदेश की अधिकांश पंचायतों का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है।
ऐसे में सरकार पर यह दबाव लगातार बढ़ रहा है कि गांव की सरकार का चुनाव
समय रहते पूरा किया जाए। हालांकि अब तक औपचारिक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है,
लेकिन अंदरखाने तैयारियां पूरी होने के संकेत मिल रहे हैं।
गांवों में राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। संभावित प्रत्याशी
घर-घर संपर्क, बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं।
कई इलाकों में चुनावी खर्च को लेकर भी चर्चाएं आम हो गई हैं।
इसके बावजूद आम ग्रामीणों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि
चुनाव कब होंगे और क्या वे तय समय पर हो पाएंगे।
सरकार का भरोसा: समय पर होंगे पंचायत चुनाव
इन सभी सवालों पर विराम लगाने की कोशिश करते हुए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दो टूक कहा कि
किसी को भी भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है। पंचायत चुनाव समय पर होंगे और
पूरी तैयारी के साथ कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है,
ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।
मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब ग्रामीण स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
अब माना जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी
और गांव-गांव में चुनावी गतिविधियां खुलकर सामने आने लगेंगी।
प्रधानी चुनाव की आहट और आगे की राह
कुल मिलाकर, पंचायत चुनाव को लेकर सरकार के संकेत साफ हैं।
बैलेट पेपर की उपलब्धता, मतदाता सूची की तय तारीख और मंत्री का स्पष्ट बयान
इस बात की ओर इशारा करता है कि अब चुनाव प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है।
जो लोग प्रधानी या पंचायत प्रतिनिधि बनने का सपना देख रहे हैं,
उनके लिए यह समय रणनीति, संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने का है।
आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनावी घोषणा नजदीक आएगी,
प्रदेश के गांवों में सियासी सरगर्मी और तेज होने की पूरी संभावना है।





