विद्यालय वार्षिकोत्सव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होता, बल्कि यह उस सामूहिक प्रयास, अनुशासन और रचनात्मकता का उत्सव होता है, जो पूरे शैक्षणिक वर्ष में विद्यालय की पहचान बनाता है। नई दिल्ली स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक बाल विद्यालय न. 2 (आईडी 1925051) में शनिवार को वंदे मातरम थीम पर आधारित विद्यालय वार्षिकोत्सव का आयोजन अत्यंत गरिमामय, अनुशासित और भावनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतिभा सम्मान समारोह और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से विद्यालय की शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक उपलब्धियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
🔹 समाचार सार: वंदे मातरम थीम पर आयोजित विद्यालय वार्षिकोत्सव में उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान, छात्रों की बहुआयामी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से विद्यालय की उपलब्धियों का सशक्त प्रदर्शन।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ प्रतिभा सम्मान समारोह
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रतिभा सम्मान समारोह रहा, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सर्वोत्तम शिक्षक पुरस्कार से खुशाल सिंह रावत को अलंकृत किया गया, जबकि उत्कृष्ट सेवा के लिए मोहन चंद, विनीत कुमार और कमलेश कुमार मीणा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नम्बर 2 बदरपुर के प्रधानाचार्य संतोष कुमार झा द्वारा प्रदान किए गए। इस अवसर पर विशेष अतिथि प्रधानाचार्य प्रताप सिंह आर्य, डॉक्टर जनार्दन शर्मा, मुकेश कुमार, धर्मराज मीणा, मॉर्निंग शिफ्ट की प्रधानाचार्य श्रीमती अंजू पवार, जिला खेल सचिव विनेश वासिष्ठ तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी मंचासीन रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बाँधा समां
विद्यालय वार्षिकोत्सव का सांस्कृतिक पक्ष अत्यंत समृद्ध और भावनात्मक रहा। छात्रों द्वारा प्रस्तुत लोकगीत, लोकनृत्य, एकल गीत, एकांकी प्रहसन, विविध नृत्य शैलियाँ, कव्वाली, मोनो एक्टिंग और मिमिक्री ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वंदे मातरम की थीम पर आधारित प्रस्तुतियों में देशभक्ति, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर समन्वय देखने को मिला। प्रत्येक प्रस्तुति छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय की सांस्कृतिक परंपरा को रेखांकित करती प्रतीत हुई।
वार्षिक रिपोर्ट में दिखी शैक्षणिक प्रगति की झलक
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रधानाचार्य संतोष कुमार झा द्वारा प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में शैक्षणिक उपलब्धियों, बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अनुशासनात्मक प्रयासों का विस्तृत विवरण दिया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सह-शैक्षिक गतिविधियों में निरंतर प्रगति दर्ज की है। यह प्रस्तुति न केवल अभिभावकों के लिए आश्वस्त करने वाली रही, बल्कि छात्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी।
अतिथियों ने की विद्यालय की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय के अनुशासन, छात्रों की प्रतिभा और शिक्षकों के समर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विद्यालय वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, मंचीय कौशल और सांस्कृतिक चेतना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, यह आयोजन विद्यालय और समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है।
सुदृढ़ व्यवस्थाओं ने बनाया आयोजन को यादगार
पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था प्रमुख राकेश कुमार पांडे के कुशल निर्देशन में सम्पन्न हुई। मंच संचालन की जिम्मेदारी राजकुमार हंस ने अत्यंत सुघड़ और प्रभावी ढंग से निभाई। मंच व्यवस्था और आयोजन की सफलता में सीमा नागर, सना खानम, सविता, भूपेश कुमार, पूरन लाल, इंद्रजीत, प्रेमचंद मीणा, संतोष कुमार, रामभरोसी मण्डल, मोहन चंद कौशिक, लोकेन्द्र, अशोक शर्मा, बलवीर सिंह, ब्रजवीर सिंह और महिपाल कौशिक का योगदान उल्लेखनीय रहा।
धन्यवाद ज्ञापन और समापन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य संतोष कुमार झा ने सभी अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण ही यह विद्यालय वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास और गरिमा के साथ सम्पन्न हो सका। विद्यालय में पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।
“हम खबर को चीखने नहीं देंगे,
असर छोड़ने देंगे।”





