
मालवीय चैलेंज कप फाइनल मुकाबला देवरिया जनपद के भाटपार रानी स्थित मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज के खेल मैदान पर खेला गया, जहां रोमांच, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना से भरपूर इस मुकाबले में गोरखपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आजमगढ़ को चार विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। दर्शकों से खचाखच भरे मैदान में खेले गए इस फाइनल ने साबित कर दिया कि क्षेत्रीय क्रिकेट में प्रतिभा और जुनून की कोई कमी नहीं है।
मालवीय चैलेंज कप फाइनल में आजमगढ़ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 149 रन बनाए, लेकिन अखिल की 79 रनों की विस्फोटक पारी के दम पर गोरखपुर ने 18 ओवर में लक्ष्य हासिल कर चार विकेट से खिताब जीत लिया।
फाइनल मुकाबले का रोमांच: आजमगढ़ बनाम गोरखपुर
मालवीय चैलेंज कप का यह फाइनल मुकाबला आजमगढ़ और गोरखपुर की मजबूत टीमों के बीच खेला गया। टॉस जीतकर आजमगढ़ ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। निर्धारित 20 ओवर में आजमगढ़ की टीम ने 8 विकेट खोकर 149 रन बनाए। टीम की ओर से ध्रुव तोमर और अमित भगत ने 33-33 रनों की अहम पारियां खेलीं, जिसने स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।
गोरखपुर के गेंदबाजों का प्रभावी प्रदर्शन
गोरखपुर की ओर से गेंदबाजी में शुभम ने शानदार लय दिखाई और चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर आजमगढ़ की रनगति पर लगाम लगाई। उनके अलावा अन्य गेंदबाजों ने भी अनुशासित लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए आजमगढ़ को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोके रखा।
लक्ष्य का पीछा: अखिल की ऐतिहासिक पारी
150 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गोरखपुर की टीम ने सधी हुई शुरुआत की। हालांकि शुरुआती ओवरों में कुछ विकेट गिरे, लेकिन अखिल ने एक छोर संभालते हुए आक्रामक और समझदारी भरी बल्लेबाजी की। अखिल ने 79 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। गोरखपुर ने 18 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
आजमगढ़ की गेंदबाजी कोशिशें
आजमगढ़ की ओर से सरवन ने दो विकेट लेकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन अखिल की लय को तोड़ने में टीम पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। लगातार दबाव में आती गेंदबाजी के कारण आजमगढ़ को अंततः हार का सामना करना पड़ा।
सम्मानित अतिथि और आयोजन की गरिमा
इस फाइनल मुकाबले के मुख्य अतिथि बिहार के बरौली से विधायक मनजीत सिंह रहे। उनके साथ मालवीय पीजी कॉलेज के प्रबंधक रघुवीर वीर विक्रम सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं लार ब्लॉक प्रमुख अमित सिंह बबलू, समाजसेवी मनवीर सिंह, भाटपार रानी नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय कुमार गुप्त, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लक्ष्मण खरवार, समाजसेवी ललन सिंह, राजस्थान से आए डी.के. सिंह, रूपेश श्रीवास्तव, पप्पू सिंह, त्रिशूल शाही उर्फ बिसेन, मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज के सतीश चंद्र गॉड सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विजेता-उपविजेता को मिले सम्मान
फाइनल मुकाबले में विजेता गोरखपुर टीम को विजेता कप भाटपार रानी के प्रसिद्ध बी.एन. पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया। वहीं उपविजेता आजमगढ़ टीम को इंडियन प्लाईवुड के प्रोपराइटर जावेद अंसारी की ओर से सम्मानित किया गया।
व्यक्तिगत पुरस्कारों की घोषणा
इस रोमांचक टूर्नामेंट में व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार अखिल को दिया गया। बेस्ट बैट्समैन का खिताब अमित भगत को मिला, बेस्ट बॉलर शुभम मल बने, बेस्ट फील्डर का पुरस्कार आयुष पांडे (फर्स्ट) को मिला, जबकि पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द सीरीज का सम्मान ध्रुव तोमर को दिया गया।
आयोजन समिति और व्यवस्थाएं
इस सफल आयोजन में अध्यक्ष बिजेंद्र यादव, उपाध्यक्ष शुभम गुप्ता एवं शिवम सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कम्युनिटी बॉक्स प्रभारी शिवेक सिंह बबल, करण यादव, स्कोरर राहुल चौरसिया, अंकित, निखिल सिंह, रितेश यादव, कॉमेंटेटर गोविंद जी सुमन, सूरज यादव, संजय यादव, विशाल यादव, ग्राउंड मैनेजर प्रिंस यादव, नूर आलम, अभिषेक, सचिन चौरसिया, अंपायर दिलीप साहनी एवं जींस श्रीवास्तव सहित पूरी टीम ने आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।
क्षेत्रीय क्रिकेट के लिए मील का पत्थर
मालवीय चैलेंज कप फाइनल न केवल एक खेल प्रतियोगिता था, बल्कि यह क्षेत्रीय युवाओं की प्रतिभा को मंच देने वाला आयोजन भी साबित हुआ। इस तरह के टूर्नामेंट ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में क्रिकेट संस्कृति को मजबूत करते हैं और आने वाले खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
“हम खबर को चीखने नहीं देंगे,
असर छोड़ने देंगे।”
— यह संपादकीय दृष्टिकोण
मालवीय चैलेंज कप दूसरा सेमीफाइनल
यहाँ पढ़ें





