डीग, 06 फरवरी। राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्राम उत्थान शिविरों की श्रृंखला के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत कासौट में एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का सघन निरीक्षण प्रभारी सचिव डीग एवं संभागीय आयुक्त भरतपुर
नलिनी कठोतिया
द्वारा किया गया। उनके साथ जिला कलेक्टर डीग
उत्सव कौशल
भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अमले की सक्रिय उपस्थिति ने शिविर को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर एक प्रभावी समाधान मंच का स्वरूप प्रदान किया।
प्रत्येक विभाग की जमीनी पड़ताल
ग्राम उत्थान शिविर के दौरान कुल 12 विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का निरीक्षण किया गया। संभागीय आयुक्त ने एक-एक स्टॉल पर पहुँचकर अधिकारियों से अब तक की प्रगति, लंबित प्रकरणों और लाभार्थियों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों का उद्देश्य केवल आँकड़े प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि पात्र व्यक्ति को वास्तविक लाभ दिलाना होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आमजन से सीधा संवाद किया और योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया। कई ग्रामीणों ने मौके पर ही अपनी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश जारी किए गए। यह संवाद प्रशासन और नागरिकों के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी के रूप में सामने आया।
मौके पर राहत : आवासीय पट्टों का वितरण
शिविर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि राजस्व विभाग की कार्यवाही के अंतर्गत आवासीय पट्टों का मौके पर वितरण रहा। प्रभारी सचिव नलिनी कठोतिया ने ग्राम पंचायत कासौट निवासी बत्ती पत्नी शिवचरन को 204.69 वर्ग मीटर तथा सौमोती पत्नी रामसिंह को 201.53 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के आवासीय पट्टे प्रदान किए। वर्षों से लंबित आवासीय अधिकार मिलने पर लाभार्थियों के चेहरों पर स्पष्ट राहत और संतोष दिखाई दिया।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त ने कहा कि भूमि संबंधी समस्याएं ग्रामीण जीवन की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक हैं और सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार को उसका वैधानिक अधिकार समयबद्ध तरीके से मिले।
पशुपालकों को संबल : मंगला पशु बीमा योजना
शिविर में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत पशुपालकों को बीमा पॉलिसियों का वितरण भी किया गया। प्रभारी सचिव ने पशुपालकों से संवाद कर योजना के लाभों की जानकारी दी और उन्हें पशुधन सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। पशुपालन विभाग के स्टॉल पर पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, प्राथमिक उपचार और कृमिनाशक दवाओं के वितरण की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बीमा पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अधिक से अधिक पशुपालकों को योजना से जोड़ा जाए, ताकि आकस्मिक क्षति की स्थिति में उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।
प्रगति प्रतिवेदन : आंकड़ों में असर
शिविर के दौरान प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार, जिले में अब तक आयोजित 39 ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से कुल 23,381 लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं। कृषि विभाग द्वारा 3,255 सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 7,754 मिनी किटों का सत्यापन पूरा किया गया है।
पशुपालन विभाग ने मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 2,295 पशुपालकों का पंजीकरण किया है तथा 8,627 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, राजस्व विभाग द्वारा 237 फार्मर रजिस्ट्री और पंचायती राज विभाग द्वारा 432 स्वामित्व कार्डों का वितरण पूर्ण किया जा चुका है।
समयबद्ध लाभ का निर्देश
संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष पात्र व्यक्तियों को भी चिन्हित कर योजनाओं से शीघ्र जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम उत्थान शिविर तभी सफल माने जाएंगे जब अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचे और किसी भी पात्र नागरिक को वंचित न रहना पड़े।
FAQ (क्लिक करने पर उत्तर दिखाई देगा)
ग्राम उत्थान शिविर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन, समस्याओं का समाधान और पात्र लाभार्थियों को सीधे लाभ प्रदान करना।
मंगला पशु बीमा योजना से किसे लाभ मिलता है?
राज्य के पंजीकृत पशुपालकों को, जिनके पशुधन की आकस्मिक क्षति की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाती है।
आवासीय पट्टा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह परिवार को भूमि पर वैधानिक अधिकार देता है, जिससे आवास, ऋण और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेना आसान होता है।






