
आजमगढ़। शिक्षा और स्वास्थ्य के समन्वय का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए शहर के लक्षीरामपुर स्थित वेदांता स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस के भव्य प्रांगण में दसवां वेदांता महोत्सव अत्यंत गरिमामय, अनुशासित और सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल संस्थान की शैक्षणिक यात्रा के दस वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक बना, बल्कि इसने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल शिक्षा के सामाजिक महत्व को भी सशक्त रूप में रेखांकित किया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ मंडलायुक्त विवेक कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नन्हकू राम वर्मा, एसपी ग्रामीण चिराग जैन तथा वेदांता ग्रुप के चेयरमैन डॉ. शिशिर जायसवाल, डायरेक्टर विशाल जायसवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक जायसवाल एवं रित्विक जायसवाल द्वारा माँ सरस्वती और नर्सिंग की प्रेरणास्रोत फ्लोरेंस नाइटेंगल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर पूरा परिसर शैक्षणिक गरिमा और सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
अतिथियों का सम्मान, संस्थागत संस्कारों का परिचय
वेदांता ग्रुप द्वारा सभी आगंतुक अतिथियों का अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। यह केवल औपचारिक सम्मान नहीं था, बल्कि संस्थान की उस विचारधारा का प्रतीक था जिसमें अतिथि, शिक्षक और विद्यार्थी – तीनों को समान आदर दिया जाता है। मंच पर उपस्थित प्रशासनिक और चिकित्सा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस परंपरा की सराहना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महोत्सव के दौरान नर्सिंग और पैरामेडिकल विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कांतारा आधारित लोकनृत्य, अघोरी नृत्य की आध्यात्मिक प्रस्तुति, राजस्थानी और हरियाणवी लोकनृत्य, शिव तांडव की ऊर्जावान झलक, महाभारत पर आधारित नाट्य मंचन, ‘भूख’ जैसी सामाजिक चेतना से जुड़ी प्रस्तुति, ऑपरेशन सिंदूर, यमराज की अदालत, महिला क्रिकेट और सोशल मीडिया विषयक नाटकों ने मनोरंजन के साथ-साथ गहन सामाजिक संदेश भी दिया।
नर्सिंग विद्यार्थियों को दिलाई गई सेवा की शपथ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नन्हकू राम वर्मा ने नर्सिंग विद्यार्थियों को मानव सेवा, करुणा, समर्पण और नैतिक जिम्मेदारियों की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा सेवा कार्य है, जिसमें मरीज के जीवन की सबसे कठिन घड़ी में नर्स की भूमिका निर्णायक होती है।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिला सम्मान
शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को मंडलायुक्त विवेक कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक ऊर्जा का संचार किया।
स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान, मूल्यों को नमन
वेदांता ग्रुप द्वारा बलिया और गाजीपुर से आए स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया गया। यह पहल आने वाली पीढ़ी को देश के इतिहास, बलिदान और मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में सामने आई।
अतिथियों के विचार: शिक्षा और स्वास्थ्य समाज की रीढ़
मंडलायुक्त विवेक कुमार ने कहा कि वेदांता जैसे संस्थान समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं और वेदांता ग्रुप इन दोनों क्षेत्रों में सेवा को संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहा है। चेयरमैन डॉ. शिशिर जायसवाल ने नर्सों की भूमिका को डॉक्टरों से भी अधिक संवेदनशील बताते हुए उनके योगदान को समाज की असली ताकत कहा।
डायरेक्टर विशाल जायसवाल ने जानकारी दी कि वेदांता ग्रुप ने अपनी स्थापना के दस वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। वर्ष 2012 में पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के कर कमलों से इस संस्थान की नींव रखी गई थी। तब से लेकर आज तक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से यह महोत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
गरिमामय उपस्थिति और कुशल संचालन
कार्यक्रम में एडीएम राहुल विश्वकर्मा, एसपी सिटी मधुबन सिंह, सीओ सिटी शुभम तोंदी, सीओ सदर आस्था जायसवाल, एसीएमओ अरविंद चौधरी, एसीएमओ अलिंद कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक राजीव मिश्रा, प्रयागराज से प्रोफेसर डॉ. लाल चंद शुक्ल सहित कई प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का कुशल संचालन पूर्वांचल के लोकप्रिय एंकर अभय तिवारी ने किया, जबकि प्रोफेसर डॉ. रीना पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
पाठकों के सवाल
वेदांता महोत्सव का उद्देश्य क्या है?
इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और नैतिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
इस आयोजन में किन पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हुए?
बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हुए।
नर्सिंग शिक्षा समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
नर्सिंग स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ है, जो मरीज और चिकित्सक के बीच मानवीय सेतु का कार्य करती है।











