शादी के 62 दिन बाद विवाहिता का आरोप : जैदपुर में दहेज प्रताड़ना, कमरे में बंद कर मारपीट और तीन तलाक

बाराबंकी के जैदपुर में दहेज प्रताड़ना और तीन तलाक का आरोप लगाने वाली विवाहिता की सांकेतिक तस्वीर।

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

IMG-20260212-WA0009
previous arrow
next arrow

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के जैदपुर क्षेत्र से सामने आया यह मामला न केवल घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना की गंभीर तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि कानून बनने के बावजूद समाज के कुछ हिस्सों में महिलाओं के अधिकारों को लेकर भय और अज्ञानता अब भी किस हद तक मौजूद है। शादी के महज 62 दिन बाद एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए अमानवीय प्रताड़ना, कमरे में बंद कर मारपीट और माता-पिता की मौजूदगी में तीन तलाक देने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।

कौन है पीड़िता और कहां का है मामला

यह पूरा मामला जैदपुर थाना क्षेत्र के नानपजान मोहल्ले की रहने वाली फातिमा खान से जुड़ा है। फातिमा की शादी 27 अक्टूबर को मोहम्मद फैज के साथ हुई थी। विवाह के शुरुआती कुछ दिन सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन पीड़िता के अनुसार शादी को एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था कि ससुराल में उसके लिए हालात तेजी से बदलने लगे।

इसे भी पढें  ग्राम प्रधान चंद्रा मारा में फर्जीवाड़े की हद! विकास कार्यों के नाम पर लाखों का खेल, प्रधान–सचिव की मिलीभगत उजागर

दहेज को लेकर शुरू हुई प्रताड़ना

फातिमा का आरोप है कि उसके पति मोहम्मद फैज, सास फरीदा और ससुर मोहम्मद शकील ने मिलकर उस पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। शुरुआत तानों और मानसिक उत्पीड़न से हुई, लेकिन जल्द ही यह शारीरिक हिंसा में बदल गई। पीड़िता का कहना है कि कई बार उसे कमरे में बंद कर दिया गया, मारपीट की गई और खाने-पीने जैसी बुनियादी जरूरतों तक को सीमित कर दिया गया।

कमरे में बंद कर दी गई, संपर्क से भी रोका गया

पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि ससुराल वालों ने जानबूझकर उसे बाहरी दुनिया से काटने की कोशिश की। फोन पर बात करने से रोका गया और मायके वालों से संपर्क करने पर और अधिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। फातिमा के अनुसार, यह सब इसलिए किया गया ताकि वह दहेज की मांगों के आगे झुक जाए।

“कानून कुछ नहीं कर सकता”—धमकियों का आरोप

फातिमा का दावा है कि जब उसने मायके पक्ष को पूरी स्थिति बताई और मदद मांगी, तो ससुराल वालों ने खुलेआम धमकी दी कि वे दूसरी शादी कर लेंगे और कानून उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। पीड़िता के अनुसार, आरोपी यह कहते रहे कि धर्म में चार शादियों की अनुमति है और उन्हें किसी कानून से डरने की जरूरत नहीं है।

इसे भी पढें  जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर बस अग्निकांड : 21 की मौत — लापरवाही, और इंतज़ाम की विफलता के बीच जली जिंदगी

29 दिसंबर को जैदपुर बुलाकर दिया गया तीन तलाक

पीड़िता की तहरीर के मुताबिक 29 दिसंबर को उसे जैदपुर बुलाया गया। उस समय उसके माता-पिता, सास-ससुर, पति और शादी कराने वाले मंझिया तथा उनके परिजन मौजूद थे। इसी दौरान पति मोहम्मद फैज ने सास-ससुर की सहमति से तीन बार तलाक कह दिया। फातिमा का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया न केवल अमानवीय थी, बल्कि कानूनन भी पूरी तरह अवैध है।

तीन तलाक कानून के बावजूद बेखौफ रवैया

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों को तीन तलाक को अपराध घोषित किए जाने के कानून का कोई भय नहीं था। उनके व्यवहार से साफ झलकता था कि वे कानूनी कार्रवाई को हल्के में ले रहे हैं। यही कारण है कि फातिमा ने आखिरकार पुलिस का सहारा लेने का फैसला किया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

जैदपुर थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मायके व ससुराल दोनों पक्षों से पूछताछ की जाएगी।

इसे भी पढें  यूपी भाजपा अध्यक्ष का पद खाली ; ज़रूरत, समय और पृष्ठभूमि के अनुकूल कैसे हो रहा है चुनाव❓

सामाजिक और कानूनी सवाल

यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की स्थिति, दहेज जैसी कुप्रथा और कानून के प्रति जागरूकता पर भी सवाल खड़ा करता है। तीन तलाक पर सख्त कानून होने के बावजूद यदि ऐसे मामले सामने आते हैं, तो यह सोचने पर मजबूर करता है कि कानून का डर जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी है।

पाठकों के सवाल (FAQ)

क्या तीन तलाक देना कानूनन अपराध है?

हां, भारत में तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित किया गया है और इसके लिए सजा का प्रावधान भी है।

दहेज प्रताड़ना के मामलों में कौन-सी धाराएं लगती हैं?

दहेज प्रताड़ना के मामलों में आईपीसी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई जाती हैं।

पीड़िता को क्या कानूनी सहायता मिल सकती है?

पीड़िता को पुलिस सुरक्षा, कानूनी कार्रवाई, भरण-पोषण और अन्य वैधानिक सहायता मिल सकती है।

पुलिस जांच में आगे क्या प्रक्रिया होती है?

जांच के दौरान बयान दर्ज किए जाते हैं, साक्ष्य जुटाए जाते हैं और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होती है।

मानिकपुर रेलवे पुल के पास खराब हुई 108 एंबुलेंस को लोग धक्का लगाकर सड़क से हटाते हुए, यातायात जाम की स्थिति।
रेलवे पुल के पास अचानक खराब हुई 108 एंबुलेंस को स्थानीय लोग धक्का लगाकर हटाते हुए, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। पूरी खबर पढने के लिए फोटो को क्लिक करें☝☝

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top