
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि पंचायत क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए आधार कार्ड में जन्मतिथि से हेरफेर की जा रही है, जिसके जरिए 18 वर्ष से कम आयु के लोगों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल कर दिए गए हैं।
प्रमोद मिश्र का कहना है कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि एक सुनियोजित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें कुछ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों पर सीधा प्रहार बताते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परसपुर के लोहंगपुर का उदाहरण देकर लगाए गंभीर आरोप
कलेक्ट्रेट में दी गई शिकायत में प्रमोद मिश्र ने विशेष रूप से परसपुर विकासखंड के ग्राम लोहंगपुर का उल्लेख किया। उनका दावा है कि गांव की मतदाता सूची में कई ऐसे नाम दर्ज हैं, जिनकी उम्र कानूनी रूप से 18 वर्ष की मानक सीमा तक नहीं पहुंची है। इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची में शामिल कर दिए गए हैं, जो चुनावी नियमों का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक नहीं लगाई गई तो निष्पक्ष चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होंगे। लोकतंत्र की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है, जब मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और सत्यापित हो।

सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस पूरे मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। आरोप है कि जानबूझकर आधार कार्ड के विवरणों में बदलाव कर अपात्र लोगों को पात्र मतदाता के रूप में प्रस्तुत किया गया। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला है, बल्कि संभावित आपराधिक कृत्य भी हो सकता है।
झंझरी के बड़गांव से भी सामने आई गड़बड़ी
कांग्रेस नेता मो. इमरान खान ने भी झंझरी विकासखंड के बड़गांव ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि सूची में कई नाम ऐसे पाए गए हैं जिनके दस्तावेजों में विरोधाभास है। कहीं उम्र का अंतर है तो कहीं पहचान संबंधी विवरणों में असंगति देखी गई।
प्रशासन का पक्ष: जांच के बाद होगी कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ ठोस और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दावे और आपत्तियों का निस्तारण: 190 नाम होंगे बाहर
लेखपाल संघ के मंत्री आत्माराम वर्मा ने जानकारी दी कि सात ग्राम पंचायतों में दावे और आपत्तियों की जांच की गई। जांच में लगभग 150 मतदाता पात्र पाए गए, जबकि 190 अपात्र नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया में हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नारायण ने बताया कि निर्धारित मियाद के भीतर दावे और आपत्तियों का निस्तारण पूरा कर लिया गया है।
पाठकों के सवाल (क्लिक करें)
मतदाता सूची में नाम जुड़ने की न्यूनतम आयु क्या है?
भारत में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है।
गड़बड़ी पाए जाने पर शिकायत कैसे करें?
मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतें कलेक्ट्रेट, तहसील या निर्वाचन कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती हैं।










