पुलिस मुठभेड़ में पशु तस्कर गिरफ्तार</strong — उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में गौवंश तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भाटपार रानी और बनकटा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक पिकअप वाहन से चार राशि गौवंशीय पशुओं को बरामद करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के दौरान एक अभियुक्त द्वारा पुलिस पर फायरिंग किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके से दबोच लिया गया।
संदिग्ध वाहन चेकिंग के दौरान मिली सफलता
दिनांक 06 फरवरी 2026 को भाटपार रानी एवं बनकटा थाना पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि बनकटा–अमेठीया मार्ग पर एक पिकअप वाहन के माध्यम से अवैध रूप से गौवंशीय पशुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने ऐंठी गांव के पास घेराबंदी कर संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया।
पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में तस्कर घायल
वाहन रुकते ही उसमें सवार अभियुक्तों ने भागने का प्रयास किया। इसी दौरान एक अभियुक्त ने गिरफ्तारी से बचने के लिए देशी तमंचे से पुलिस बल पर फायर कर दिया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में अभियुक्त के पैर में गोली लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे तुरंत हिरासत में लिया गया और आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान
पुलिस पूछताछ में घायल अभियुक्त ने अपना नाम छोटे अली उर्फ कमरे आलम पुत्र इब्राहिम अली निवासी खगौरा, थाना धनौती, जनपद सिवान (बिहार) बताया। वहीं मौके से दो अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान अरविन्द पासवान उर्फ टेनी पुत्र श्रीकान्त मांझी निवासी बघड़ा, थाना मुफस्सिल, जनपद सिवान (बिहार) तथा अफरोज आलम उर्फ सुड्डू पुत्र शलाउद्दीन निवासी खगौरा, थाना धनौती, जनपद सिवान (बिहार) के रूप में हुई।
बरामदगी ने खोली तस्करी नेटवर्क की परतें
पुलिस द्वारा की गई तलाशी के दौरान मौके से एक पिकअप वाहन, एक अदद देशी तमंचा, दो कारतूस तथा चार राशि गौवंशीय पशु बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ये पशु अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के जरिए बिहार अथवा अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर ले जाए जा रहे थे।
अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका
तीनों अभियुक्तों का संबंध बिहार के सिवान जिले से होना यह संकेत देता है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा से जुड़े संगठित पशु तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन तस्करों के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इनके संपर्क किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में भाटपार रानी और बनकटा थाना पुलिस की अहम भूमिका रही। टीम का नेतृत्व उ0नि0 अभिषेक कुमार राय (थानाध्यक्ष भाटपार रानी) एवं उ0नि0 विशाल कुमार (थानाध्यक्ष बनकटा) ने किया। उनके साथ उ0नि0 दुग्रेश बरनवाल, उ0नि0 जय प्रकाश दुबे सहित कांस्टेबल अजय मौर्या, दिनेश सोनकर, शिवम सिंह, राकेश तिवारी एवं सज्जन चौहान शामिल रहे।
गौवंश तस्करी पर पुलिस का सख्त रुख
देवरिया पुलिस द्वारा लगातार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि गौवंश तस्करी जैसे अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ तस्करी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
कानूनी धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद पशुओं को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है, जबकि पिकअप वाहन और हथियार को सीज कर अग्रिम विवेचना की जा रही है। घायल अभियुक्त को उपचार के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय लोगों में पुलिस कार्रवाई की सराहना
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पशु तस्करी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई थीं, लेकिन इस मुठभेड़ के बाद तस्करों में पुलिस का डर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।






