हरदोई में टोटी चोर गिरोह इन दिनों पुलिस और प्रशासन दोनों के लिए सिरदर्द बन चुका है।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के
पिहानी कस्बे के मिश्राना मोहल्ले में
‘हर घर जल योजना’ के तहत लगाए गए कीमती नलों की टोटियों को एक ही रात में चोरों ने निशाना बना लिया।
सुबह जब लोग नलों पर पहुंचे, तो दर्जनों घरों में टोटियां गायब थीं और नल खुले होने के कारण सैकड़ों लीटर पानी सड़कों पर बहता मिला।
एक रात, दर्जनों घर और हजारों लीटर पानी की बर्बादी
स्थानीय निवासियों के अनुसार, चोरों ने सुनियोजित तरीके से पूरी रात मोहल्ले में घूम-घूमकर
सार्वजनिक और निजी नलों से टोटियां खोल लीं। अनुमान है कि अब तक 60 से 70 घरों की टोटियां चोरी हो चुकी हैं।
टोटी हटते ही नलों से पानी लगातार बहता रहा, जिससे न केवल पेयजल की भारी बर्बादी हुई, बल्कि कई गलियों में जलभराव जैसी स्थिति भी बन गई।
यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब एक ओर सरकार जल संरक्षण की अपील कर रही है और दूसरी ओर
सरकारी योजनाओं से जुड़ा पानी इस तरह सड़कों पर बह रहा है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नलों को बंद न किया गया होता,
तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
हर घर जल योजना पर सीधा प्रहार
मिश्राना मोहल्ले में लगाई गई ये टोटियां हर घर जल योजना के अंतर्गत जल निगम द्वारा स्थापित की गई थीं।
इस योजना का उद्देश्य हर परिवार तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।
लेकिन टोटी चोर गिरोह की इस वारदात ने योजना की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना तो अच्छी है, लेकिन यदि इस तरह की छोटी-छोटी चोरी को भी रोका नहीं गया,
तो करोड़ों की लागत से बनी योजनाएं धीरे-धीरे निष्प्रभावी हो जाएंगी।
कुछ लोगों ने आशंका जताई कि चोरी की गई टोटियां कबाड़ी बाजार में बेच दी जाती हैं,
जिससे चोरों को आसान कमाई और सरकारी संपत्ति को सीधा नुकसान होता है।
रात की गश्त नदारद, चोरों के हौसले बुलंद
मोहल्लेवासियों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि यदि रात में नियमित गश्त होती, तो इतनी बड़ी संख्या में टोटियों की चोरी संभव नहीं थी।
लोगों के अनुसार, चोरों को इस बात का पूरा भरोसा था कि रात में कोई पूछने वाला नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी आसपास के इलाकों में छिटपुट चोरी की घटनाएं हुई थीं,
लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। अब जब एक साथ दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचा है,
तब जाकर मामला प्रशासन की नजर में आया है।
पानी के लिए भटकते लोग, बढ़ती चिंता
टोटियां चोरी हो जाने के बाद कई परिवारों को पीने के पानी के लिए पड़ोस या हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।
महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सुबह-शाम पानी भरने की दिनचर्या अचानक अव्यवस्थित हो गई है।
साथ ही, लगातार बहते पानी से जलभराव और मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों को डर है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी,
तो संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगेगा।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
पीड़ितों ने पिहानी कोतवाली पुलिस से मामले की गहन जांच कर टोटी चोर गिरोह का पर्दाफाश करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि केवल रिपोर्ट दर्ज कर लेना काफी नहीं है,
बल्कि रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
कुछ नागरिकों ने सुझाव दिया कि जल निगम और पुलिस मिलकर नलों पर अस्थायी सुरक्षा उपाय अपनाएं,
ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सीसीटीवी कैमरे और मोहल्ला स्तर पर सतर्कता समितियों का गठन भी समाधान के रूप में सामने आया है।
आसपास के इलाकों में भी डर का माहौल
पिहानी कस्बे में हुई इस घटना की चर्चा आसपास के मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों तक फैल चुकी है।
अन्य क्षेत्रों के लोग भी आशंकित हैं कि कहीं यह गिरोह उनके इलाके में भी सक्रिय न हो जाए।
लोग अब रात में नलों को ढकने या अस्थायी रूप से बंद रखने जैसे उपाय करने को मजबूर हो रहे हैं।
यह घटना केवल चोरी की नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की सुरक्षा,
पानी जैसे बहुमूल्य संसाधन की बर्बादी और प्रशासनिक सतर्कता से जुड़ा एक बड़ा सवाल बन चुकी है।
सवाल वही—कब रुकेगा टोटी चोरों का आतंक?
हरदोई में टोटी चोर गिरोह की यह वारदात एक चेतावनी है कि यदि छोटी लगने वाली समस्याओं को समय रहते नहीं सुलझाया गया,
तो वे बड़े संकट का रूप ले सकती हैं।
अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं
और कब तक मिश्राना मोहल्ले के लोग बिना डर के अपने नलों से पानी भर पाएंगे।






