शराब है हराम तो मुस्लिम कंट्री वालों ने अख्तियार किया कफ सीरप ; यूपी से दुबई तक जुड़े तार ड्रग माफिया के

रिपोर्ट – ठाकुर बख्श सिंह
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लखनऊ में कोडिनयुक्त फेन्सेडिल कफ सिरप की तस्करी का जाल अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल चुका है। एसटीएफ की छानबीन में खुलासा हुआ है कि शराबबंदी वाले इस्लामिक देशों में शराब हराम मानी जाती है, जिसके कारण नशे के सौदागरों ने कफ सीरप को नया विकल्प बनाकर एक खतरनाक ड्रग मार्केट तैयार किया। मोटे मुनाफे के लालच में तस्करों ने बांग्लादेश को केंद्र बनाकर इस सिरप को पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सऊदी अरब सहित अन्य देशों में भेजना शुरू किया।

🔹 140 से 600 रुपये — मांग बढ़ी तो बढ़ गए दाम

सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने शुरुआती दौर में इसकी कीमत 140 रुपये तय की थी। जैसे-जैसे इसका गैरकानूनी उपभोग बढ़ा, दाम बढ़ाकर 200 रुपये कर दिए गए। लेकिन काले बाजार में यह बोतल 500–600 रुपये में बेची जा रही थी। यही अत्यधिक लाभ तस्करों की सबसे बड़ी प्रेरणा बना और देखते ही देखते नेटवर्क कई देशों में फैल गया।

🔹 शराबबंदी वाले राज्यों और देशों में ज्यादा सप्लाई

एसटीएफ के अनुसार, गिरोह ने देश के उन राज्यों में अधिक सप्लाई की जहां शराबबंदी लागू है — जैसे गुजरात, बिहार, मिजोरम और नागालैंड। वहीं विदेशों में अफगानिस्तान और सऊदी अरब जैसे इस्लामिक देशों में तेजी से मांग बढ़ने के बाद सप्लाई चेन और मजबूत कर दी गई। पश्चिम बंगाल की सीमा और समुद्री रूट का फायदा उठाकर बांग्लादेश को मुख्य लॉजिस्टिक सेंटर बनाया गया।

🔹 दुबई में बैठकर चला रहा था पूरा नेटवर्क — शुभम जायसवाल मास्टरमाइंड

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि इस तस्करी रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल है, जो दुबई में छिपकर नेटवर्क चला रहा था। उसने भारत के अलग-अलग राज्यों में अपने लोग तैनात कर रखे थे, जिनके जरिए न सिर्फ सप्लाई बल्कि पैसों का लेन-देन और मार्ग तय किया जाता था। हवाला नेटवर्क और नकली फर्मों के जरिए पैसों की हेराफेरी की आशंका भी जताई जा रही है।

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🔹 जीएसटी रिकॉर्ड में करोड़ों की टैक्स चोरी के सबूत

गुरुवार को विभूतिखंड स्थित जीएसटी कार्यालय में एसटीएफ की टीम ने छापेमारी की। गिरफ्तार आरोपी अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की फर्म से जुड़े कागजात खंगाले गए, जिनमें करोड़ों की टैक्स चोरी उजागर हुई है। जांच के दौरान अभिषेक शर्मा की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है। एसटीएफ का अनुमान है कि कई और बड़े नाम इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं।

पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। meanwhile, गिरफ्तार आरोपी कोर्ट में जमानत पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जांच एजेंसियां इसे कड़े शब्दों में चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं ताकि पूरा नेटवर्क ध्वस्त किया जा सके।


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कफ सिरप तस्करी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक कैसे पहुंची?

शराबबंदी वाले देशों में नशे की मांग बढ़ी और कफ सीरप को शराब के विकल्प की तरह इस्तेमाल किया जाने लगा। तस्करों ने इसका फायदा उठाया।

इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है?

दुबई में बैठा शुभम जायसवाल पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जा रहा है।

किन देशों में कफ सीरप सप्लाई की गई?

पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सऊदी अरब सहित कई इस्लामिक देशों में सप्लाई की गई।

क्या गिरफ्तार आरोपियों ने जुर्म कबूल किया है?

हाँ, पूछताछ के दौरान विदेशों में सिरप सप्लाई की बात स्वीकार की गई है।

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