अयोध्या गुप्तारघाट पर्यटन विकास अब एक परियोजना मात्र नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का ऐसा संगम बनता जा रहा है,
जहां सरयू की लहरों के साथ त्रेता युग की स्मृतियां भी बहती प्रतीत होंगी।
उत्तर प्रदेश सरकार की रामराज्य की अवधारणा के अनुरूप गुप्तारघाट पर चल रहा विकास कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।
आने वाले दिनों में यह घाट रामायणकालीन वातावरण, सांस्कृतिक आयोजनों और विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं का प्रतीक बनने जा रहा है।
गुप्तारघाट: मोक्ष, आस्था और ऐतिहासिक चेतना का केंद्र
रामनगरी अयोध्या का गुप्तारघाट धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
लोक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने इसी घाट से जल समाधि लेकर परमधाम को प्रस्थान किया था।
इसी कारण यह घाट श्रद्धालुओं के लिए केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि रामकथा से जुड़ा जीवंत स्मारक है।
रामायणकालीन परिवेश रचने की योजनाबद्ध पहल
गुप्तारघाट को रामायणकालीन वातावरण में ढालने के लिए विकास कार्यों को विशेष थीम के साथ अंजाम दिया जा रहा है।
यहां बनने वाला ओपन एयर थियेटर रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मंचीय रूप देगा।
रावण वध का दृश्य, हनुमान जी की विराट प्रतिमा और जटायु की मूर्ति
श्रद्धालुओं को त्रेता युग की कथा में भावनात्मक रूप से जोड़ेंगी।
तीसरा चरण: 18.34 करोड़ की लागत से साकार होता सपना
परियोजना के तीसरे चरण में लगभग 18.34 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है।
इस चरण में पार्किंग क्षेत्र, पाथवे, टिकट घर, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक और किचन के फिनिशिंग कार्य प्रगति पर हैं।
साथ ही इंटरप्रिटेशन सेंटर, संरचनात्मक भित्ति चित्र और बाउंड्री वॉल का निर्माण भी तेजी से हो रहा है।
ओपन एयर थियेटर: जहां रामकथा मंच से उतरेगी
ओपन एयर थियेटर इस परियोजना का सबसे आकर्षक हिस्सा है।
यहां रामायण आधारित नाटक, रामलीला, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
फिलहाल थियेटर में फिनिशिंग, विद्युतीकरण और हॉर्टिकल्चर का कार्य जारी है।
परिसर में स्थापित की जा रही मूर्तियां पहले ही तैयार हो चुकी हैं।
पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण
अयोध्या गुप्तारघाट पर्यटन विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
पर्यटन बढ़ने से रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोक कलाकारों, हस्तशिल्प व सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच मिलेगा।
यह परियोजना अयोध्या को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।
फरवरी 2026 तक पूर्णता का लक्ष्य
यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा के अनुसार
अब तक 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
परियोजना लक्ष्य से लगभग दो महीने पीछे है, लेकिन फरवरी 2026 तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा।
होली मार्च तक ओपन एयर थियेटर और पूरा परिसर श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ गुप्तारघाट का धार्मिक महत्व क्या है?
✔ मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने यहीं से जल समाधि ली थी, इसलिए यह घाट मोक्ष स्थल माना जाता है।
❓ ओपन एयर थियेटर में क्या-क्या आयोजन होंगे?
✔ रामायण आधारित नाटक, रामलीला, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
❓ परियोजना कब तक पूरी होगी?
✔ फरवरी 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है, होली तक परिसर खोल दिया जाएगा।
❓ गुप्तारघाट को पर्यटन केंद्र के रूप में कैसे विकसित किया जा रहा है?
✔ सौंदर्यीकरण, पार्क, योग-ध्यान केंद्र, वॉटर स्पोर्ट्स और आधुनिक सुविधाओं के साथ।






