304(2) बीएनएस मामले में बड़ी गिरफ्तारी, सिकरारा पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को दबोचा

304(2) बीएनएस मामले में सिकरारा थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार दो वांछित अभियुक्तों के साथ पुलिस टीम

✍️विकास पाठक की रिपोर्ट
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जनपद जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गैर इरादतन हत्या से जुड़े गंभीर मामले में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना सिकरारा पुलिस टीम द्वारा की गई, जो लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना सिकरारा के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि मु0अ0सं0-32/26 धारा 304(2) बीएनएस से संबंधित दो वांछित अभियुक्त थाना क्षेत्र में मौजूद हैं और कहीं बाहर निकलने की तैयारी में हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने तत्काल रणनीति बनाते हुए बताए गए स्थान पर दबिश दी और दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

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कौन हैं गिरफ्तार किए गए अभियुक्त

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस्तियाक उर्फ करिया अली पुत्र गुलाम मुस्तफा निवासी कठार थाना सिकरारा जनपद जौनपुर तथा लकी यादव पुत्र नन्हेलाल यादव निवासी मेंहदी थाना सिकरारा जनपद जौनपुर के रूप में हुई है। दोनों अभियुक्त इस मामले में काफी समय से वांछित चल रहे थे और पुलिस को इनकी तलाश थी।

किस मामले में थी तलाश

गिरफ्तारी मु0अ0सं0-32/26, धारा 304(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत की गई है। यह धारा गैर इरादतन हत्या से संबंधित है, जिसे कानून की नजर में एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस पर यह जिम्मेदारी होती है कि सभी तथ्यों, परिस्थितियों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचाया जाए।

₹20,400 नकद की बरामदगी

पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से कुल 20,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बरामद की गई धनराशि का संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से तो नहीं है। यदि जांच में यह राशि किसी अपराध से जुड़ी पाई जाती है तो इसे भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।

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अपराधिक इतिहास की गहन जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में अभियुक्तों के विरुद्ध ज्ञात आपराधिक इतिहास इसी मामले तक सीमित है, लेकिन एहतियातन उनके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। अन्य थानों और जनपदों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दोनों अभियुक्त पूर्व में किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या नहीं।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक विनोद कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल चन्द्रशेखर सिंह तथा कांस्टेबल जितेन्द्र यादव शामिल रहे। टीम की सतर्कता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई के चलते दोनों अभियुक्तों को बिना किसी अप्रिय स्थिति के गिरफ्तार कर लिया गया।

क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर संदेश

सिकरारा थाना पुलिस की इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की सक्रियता से न केवल वांछित अपराधियों पर दबाव बना है, बल्कि आम नागरिकों में भी यह संदेश गया है कि कानून से बचना आसान नहीं है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी

गिरफ्तार अभियुक्तों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े साक्ष्यों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान तथ्य स्पष्ट रूप से सामने रखे जा सकें। मामले की विवेचना लगातार जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

गिरफ्तारी किन धाराओं में हुई है?

यह गिरफ्तारी मु0अ0सं0-32/26, धारा 304(2) बीएनएस के अंतर्गत की गई है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम क्या हैं?

इस्तियाक उर्फ करिया अली और लकी यादव।

क्या कोई बरामदगी भी हुई है?

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से ₹20,400 नकद बरामद किए हैं।

क्या अभियुक्तों का अन्य आपराधिक इतिहास है?

फिलहाल पुलिस उनके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

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