समाचार सार:बाराबंकी । महाशिवरात्रि एवं श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला-2026 के दौरान भारी भीड़ और कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने भारी व हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। यह डायवर्जन प्लान 12 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जिसमें आपातकालीन सेवाओं को पूर्ण छूट दी गई है।
✍️अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
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बाराबंकी। महाशिवरात्रि एवं श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से 5 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026 तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं की आस्था और यात्रा में कोई बाधा न आए, वहीं आम नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े।
यातायात प्रबंधन की व्यापक रणनीति
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, महाशिवरात्रि एवं श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और सामान्य यात्रियों की संख्या में असाधारण वृद्धि होती है। बीते वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक और व्यावहारिक रूप दिया गया है। भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय कर जाम, दुर्घटना और अव्यवस्था की संभावनाओं को न्यूनतम करने का प्रयास किया गया है।
लखनऊ से गोंडा की ओर जाने वाले वाहनों के लिए नया प्रावधान
लखनऊ से मसौली–रामनगर मार्ग होकर गोंडा जाने वाले वाहनों के लिए इस बार मार्ग परिवर्तन किया गया है। अब ऐसे वाहन अयोध्या मार्ग से होकर जाएंगे। रामनगर मोड़ से किसी भी भारी वाहन को मसौली–रामनगर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी क्रम में असैनी मोड़ से भारी वाहनों को पटेल चौराहे की दिशा में न भेजते हुए अयोध्या रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इसका उद्देश्य मेला क्षेत्र के आसपास अनावश्यक दबाव को रोकना है।
बहराइच जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट
महाशिवरात्रि एवं श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला-2026 के दौरान लखनऊ से मसौली–रामनगर होते हुए बहराइच जाने वाले वाहनों को रेउसा से चहलारी घाट (घाघरा पुल) होकर भेजा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस मार्ग के उपयोग से भीड़ संतुलित रहेगी और मेला क्षेत्र में ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव नहीं बनेगा।
देवा–फतेहपुर मार्ग पर भारी वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था
लखनऊ से देवा होकर फतेहपुर की दिशा में जाने वाले भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्जन तय किया गया है। ऐसे वाहन देवा से बाबा कुटी, बड्डूपुर थाना, महमूदाबाद (सीतापुर) और रेउसा होते हुए चहलारी घाट के रास्ते आगे बढ़ेंगे। यद्यपि यह मार्ग अपेक्षाकृत लंबा है, लेकिन इसे सुरक्षित और सुचारू यातायात के लिहाज से अधिक उपयुक्त माना गया है।
हल्के और निजी वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था लागू की गई है। लखनऊ से मसौली–रामनगर होकर बहराइच या गोंडा जाने वाले छोटे वाहन उधौली मोड़ से सिरौलीगौसपुर तहसील के सामने से चौकाघाट मार्ग का उपयोग करेंगे। इससे स्थानीय सड़कों पर दबाव कम होगा और यात्रा अपेक्षाकृत सहज रहेगी।
बहराइच और गोंडा से आने वाले वाहनों के निर्देश
बहराइच की ओर से आने वाले भारी वाहन टिकोरा मोड़ से चहलारी घाट होते हुए रेउसा की दिशा में भेजे जाएंगे। वहीं हल्के वाहनों को चौकाघाट–रामनगर–मरकामऊ–सफदरगंज चौराहा मार्ग से संचालित किया जाएगा। यह विभाजन ट्रैफिक को नियंत्रित रखने के लिए किया गया है।
आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम
किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने चार एम्बुलेंस तैनात की हैं। इनमें से दो एम्बुलेंस मेला क्षेत्र में, एक चौकी मोहम्मदपुर और एक थाना मसौली में तैनात रहेगी। इन एम्बुलेंस में डॉक्टरों की टीम, जीवन रक्षक दवाएं और आवश्यक मेडिकल उपकरण उपलब्ध रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डायवर्जन अवधि के दौरान एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को किसी भी स्थिति में नहीं रोका जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी प्रमुख मार्गों पर गश्त, पिकेट ड्यूटी, मोबाइल पुलिस यूनिट और पीआरवी वाहनों की तैनाती की गई है। चौपुला और रामनगर तिराहे पर क्रेन की व्यवस्था भी की गई है ताकि खराब या फंसे वाहनों को तत्काल हटाकर यातायात बहाल किया जा सके। प्रतिदिन श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संख्या का आकलन कर आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्जन तुरंत लागू किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित मार्गों की जानकारी अवश्य लें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करें। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से ही महाशिवरात्रि एवं श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला-2026 को शांतिपूर्ण और सफल बनाया जा सकता है।
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