
गोंडा। देवीपाटन जोन में बिजली बकायेदार उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसते हुए पावर कॉर्पोरेशन ने
बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने करीब 1.60 लाख बकायेदार उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर
न सिर्फ उनके बकाये की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है, बल्कि सरकार की
बिजली बिल राहत योजना के तहत दी जा रही छूट का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया है। इस योजना के तहत
उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत ब्याज माफी के साथ-साथ 25 प्रतिशत मूलधन में छूट दी जा रही है, जिससे
वर्षों से चले आ रहे भारी भरकम बिल अब अपेक्षाकृत कम राशि देकर निपटाए जा सकते हैं।
शिविरों का निरीक्षण, मौके पर ही निस्तारण के निर्देश
बुधवार को देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने छितौनी और मल्लापुर क्षेत्रों में आयोजित
बिजली बिल राहत शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को
स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र उपभोक्ताओं का पंजीकरण कराया जाए और कोशिश की जाए कि
उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण मौके पर ही कर दिया जाए। उद्देश्य यह है कि उपभोक्ता चक्कर काटने के
बजाय एक ही स्थान पर बिल सुधार, बकाया समायोजन, किस्त निर्धारण और अन्य शिकायतों का समाधान पा सकें।
मुख्य अभियंता ने शिविरों में मौजूद उपभोक्ताओं से सीधे संवाद कर योजना की बारीकियां समझाईं और बताया कि यह
सीमित अवधि की राहत योजना है, इसलिए जो भी बकायेदार योजना के दायरे में आते हैं, उन्हें
समय रहते रजिस्ट्रेशन कराकर लाभ उठा लेना चाहिए। विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे
घर-घर नोटिस वितरण की गति तेज करें ताकि किसी भी पात्र उपभोक्ता को जानकारी के अभाव में नुकसान न उठाना पड़े।
नौ लाख से अधिक उपभोक्ता राहत योजना के दायरे में
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ के अनुसार देवीपाटन जोन में नौ लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जो सरकार
की बिजली बिल राहत योजना के दायरे में आते हैं। इनमें वे उपभोक्ता शामिल हैं जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद कभी
भी बिल जमा नहीं किया या मार्च 2025 के बाद किसी कारण से उनका बकाया लंबित है। ऐसे उपभोक्ताओं पर
लगातार बढ़ते ब्याज और सरचार्ज के कारण कुल देनदारी इतनी बढ़ गई थी कि भुगतान करना उनके लिए लगभग असंभव-सा
हो गया था।
योजना के तहत इन उपभोक्ताओं को ब्याज की पूरी माफी और मूलधन पर 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
इससे वर्षों से जमा बकाया राशि अब लाखों से घटकर हजारों में सिमट रही है। पावर कॉर्पोरेशन का मानना है कि
यदि उपभोक्ता समय पर आगे आएं तो उनके लिए भी राहत है और विभाग के लिए भी बकाया वसूली आसान हो जाती है।
खास बात यह है कि बिजली चोरी के मामलों में पकड़े गए कई उपभोक्ताओं को भी योजना के तहत मौका दिया जा
रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का भी पंजीकरण कर उनकी देनदारी को योजना की शर्तों के अनुसार समायोजित किया जा रहा है।
विभाग इसे उपभोक्ताओं को कानूनी विवादों से निकालकर नियमित भुगतान की मुख्यधारा में लाने की सकारात्मक
पहल के रूप में देख रहा है।
पहले चरण में ही सभी बकायेदारों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य
लंबे समय से भुगतान न होने के कारण बड़ी संख्या में कनेक्शनों पर बकाया राशि बेहद बढ़ गई थी। पावर कॉर्पोरेशन
ने इस योजना के पहले चरण में ही लक्ष्य तय किया है कि सभी बकायेदार उपभोक्ताओं तक नोटिस के माध्यम
से पहुंच बनाई जाए। इसी के तहत नोटिस वितरण का कार्य तेज कर दिया गया है। प्रत्येक नोटिस में उपभोक्ता के
नाम, कनेक्शन की श्रेणी, बकाये की मौजूदा स्थिति, ब्याज की राशि और योजना के बाद देय संशोधित राशि का
विस्तृत ब्यौरा दिया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई उपभोक्ता जानकारी के अभाव में यह मानकर बैठे हुए थे कि उनकी
देनदारी अब चुकता नहीं हो सकेगी, लेकिन जैसे ही नोटिस के साथ नई देनदारी का ब्योरा सामने आया, उनमें
रुचि और भरोसा दोनों बढ़ा है। शिविरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना के लाभ के बारे में
पूछताछ कर रहे हैं और मौके पर ही पंजीकरण व भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
गोंडा में सर्वाधिक 70 हजार नोटिस, अन्य जिलों में भी अभियान तेज
मुख्य अभियंता ने जानकारी दी कि गोंडा जिले में सबसे अधिक 70 हजार उपभोक्ताओं को नोटिस भेजा गया है।
यह आंकड़ा स्वयं इस बात का संकेत है कि जिले में बिजली बिल बकाये की समस्या कितनी व्यापक है। वहीं
बहराइच जिले में 30 हजार उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में
यह संख्या मिलाकर कुल 60 हजार तक पहुंच गई है।
सभी जिलों के उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय रहते अपने बकाये का भुगतान कर योजना का लाभ
उठा लें। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि योजना की अवधि समाप्त होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ
कड़ी कार्यवाही की जा सकती है, जिसमें कनेक्शन काटना, रिकवरी की कानूनी प्रक्रिया और अन्य दंडात्मक
कदम भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए यह अवधि उपभोक्ताओं के लिए सुनहरा मौका मानी जा रही है, जब वे
राहत के साथ अपना पुराना बकाया चुकता कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है रास्ता और कैसे मिलेगा फायदा?
बिजली बिल राहत योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को सबसे पहले मिले हुए नोटिस को ध्यान से पढ़ना
होगा। नोटिस में दर्ज बकाया राशि, ब्याज माफी और संशोधित देय राशि की जाँच करने के बाद वे निकटतम
राहत शिविर या अपने सब-डिवीजन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। वहां मौजूद कर्मचारी उपभोक्ता के
कनेक्शन से जुड़ी जानकारी सिस्टम पर देखकर अंतिम देनदारी की पुष्टि करते हैं और आवश्यक हो तो किस्तों में
भुगतान की सुविधा भी बताते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देती है, बल्कि भविष्य में समय पर बिल भरने
की संस्कृति को भी मजबूत करती है। उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि बिजली अब हर परिवार की मूल
आवश्यकता बन चुकी है और नियमित भुगतान से ही आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रखी जा सकती है। इसलिए विभाग और
उपभोक्ता, दोनों के लिए यह योजना विन-विन स्थिति लेकर आई है।
सवाल-जवाब: बिजली बिल राहत योजना से जुड़े सामान्य प्रश्न
सवाल 1: बिजली बिल राहत योजना के तहत क्या-क्या छूट मिल रही है?
साथ ही, मूलधन (प्रिंसिपल राशि) पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इससे कुल देनदारी में भारी
कमी आती है और उपभोक्ता अपेक्षाकृत कम राशि अदा कर बकाया निपटा सकते हैं।
सवाल 2: इस योजना का लाभ किन उपभोक्ताओं को मिल सकता है?
मार्च 2025 के बाद से चला आ रहा है, योजना के दायरे में आते हैं। इसके अलावा बिजली चोरी के मामलों
में फंसे कई उपभोक्ताओं का भी पंजीकरण कर उन्हें योजना के तहत राहत दी जा रही है।
सवाल 3: नोटिस मिलने के बाद उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
ध्यान से देखना चाहिए। इसके बाद नजदीकी राहत शिविर या बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचकर
अपना पंजीकरण करवाना चाहिए। वहां पर अंतिम बिल तैयार कर बताया जाता है कि योजना के बाद उसे कितनी राशि
जमा करनी होगी और आवश्यकता पड़ने पर किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी जा सकती है।
सवाल 4: योजना का लाभ न लेने पर आगे क्या हो सकता है?
तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है। इसमें बिजली कनेक्शन काटना, राजस्व वसूली की कानूनी
कार्यवाही व अन्य दंडात्मक कदम शामिल हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते
योजना का लाभ लेकर बकाया चुकता कर लें।









