समान न्याय संघर्ष समिति का मांगपत्र अभियान अब जनपद स्तर से निकलकर जन-आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
UGC Regulation 2026 सहित अन्य कथित अन्यायपूर्ण कानूनों के विरोध में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत
तहसील परिसर भाटपाररानी में लगाए गए विशेष कैंप में अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की
भारी भागीदारी देखने को मिली। इस कैंप के माध्यम से लगभग 1400 से अधिक मांगपत्र भरे गए, जिन्हें आगामी
16 फरवरी को देवरिया में आयोजित होने वाली महापंचायत के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया तक भेजे जाने की तैयारी है।
UGC Regulation 2026 के विरोध में समान न्याय संघर्ष समिति का मांगपत्र अभियान अब तहसीलों से निकलकर
राष्ट्रपति भवन तक आवाज़ पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
तहसील परिसर में दिनभर चला मांगपत्र अभियान
भाटपाररानी तहसील परिसर में लगाए गए इस कैंप का उद्देश्य केवल हस्ताक्षर जुटाना नहीं था, बल्कि
लोगों को UGC Regulation 2026 और उससे जुड़े प्रावधानों के संभावित प्रभावों के बारे में जागरूक करना भी था।
समान न्याय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों से संवाद करते हुए
बताया कि यह रेगुलेशन किस प्रकार शिक्षा, नियुक्तियों और सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
इसी क्रम में लोगों ने अपने विचार लिखित रूप में मांगपत्र के माध्यम से दर्ज कराए।
1400 से अधिक मांगपत्र, प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
कैंप के दौरान भरे गए लगभग 1400 से अधिक मांगपत्रों को आगामी 16 फरवरी को देवरिया के चंडिका छात्रावास
मैदान में होने वाली महापंचायत में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात जिला प्रशासन के माध्यम से
इन सभी मांगपत्रों को महामहिम राष्ट्रपति महोदया को भेजा जाएगा।
इसी क्रम में उपस्थित लोगों ने उपजिलाधिकारी भाटपाररानी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा,
जिसमें UGC Regulation 2026 को वापस लेने और अन्य कथित अन्यायपूर्ण कानूनों को समाप्त करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
अधिवक्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों की रही सक्रिय भूमिका
इस मांगपत्र अभियान में तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
अधिवक्ताओं ने न केवल स्वयं मांगपत्र भरे, बल्कि आम नागरिकों को कानूनी दृष्टिकोण से इसके महत्व को भी समझाया।
कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि यह अभियान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है,
बल्कि समाज के विभिन्न तबकों की साझा चिंता को अभिव्यक्त करता है।
इन प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति
मांगपत्र भरने वालों में प्रमुख रूप से शशिभूषण चौबे, सुनील पांडेय अध्यक्ष तहसील बार एसोसिएशन,
द्विजेंद्र पांडेय, ज्ञान चंद्र मिश्र, सूरज सिंह सेंगर, लोकेश दुबे, नित्यानंद उपाध्याय, ओंकार नाथ सिंह,
सच्चिदा सिंह राना, आनंद श्रीवास्तव सोनू, अरुण कुमार मिश्र, आस्तिक त्रिपाठी, बादल सिंह, राजू सिंह,
बजरंगी राय, मालूक सिंह, धनंजय पाण्डेय, बृजबिहारी पांडेय जिलाध्यक्ष सर्वजन हित पार्टी, शिवसहाय तिवारी,
सुभनजय सिंह, अतुल सिंह, कृष्णकांत सिंह, सुशील पांडेय, सुनील सिंह, छोटे पांडेय, रविशंकर तिवारी,
बीडी पांडेय, अंगद सिंह, राममूर्ति सिंह, भूपेंद्र नाथ पांडेय, रणजीत सिंह, संजय सिंह, हार्दिक पांडेय सहित
बड़ी संख्या में अधिवक्ता और आम नागरिक मौजूद रहे।
महापंचायत से राष्ट्रपति तक पहुंचेगी आवाज़
समान न्याय संघर्ष समिति का कहना है कि 16 फरवरी को देवरिया में आयोजित महापंचायत इस अभियान का
अगला महत्वपूर्ण चरण होगी। समिति का लक्ष्य है कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से
अपनी बात देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाई जाए।
भाटपाररानी तहसील में मिले जनसमर्थन से यह स्पष्ट है कि UGC Regulation 2026 को लेकर
जमीनी स्तर पर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
समान न्याय संघर्ष समिति का मांगपत्र अभियान भाटपाररानी तहसील में जोर पकड़ता दिखा।
UGC Regulation 2026 के विरोध में 1400 से अधिक मांगपत्र भरे गए, जिन्हें 16 फरवरी की महापंचायत के बाद
राष्ट्रपति महोदया को भेजा जाएगा।








