छप्पर वाले घर में NIA–ATS–STF की संयुक्त छापेमारी से हड़कंप, गांव से लेकर प्रशासन तक हलचल

बाराबंकी के खोर एत्महादपुर गांव में छप्पर वाले घर पर NIA, ATS और STF की संयुक्त छापेमारी, जांच एजेंसियों की कार्रवाई से इलाके में हलचल

✍️दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट
IMG-20260212-WA0009
previous arrow
next arrow

छप्पर वाले घर में NIA–ATS–STF की संयुक्त छापेमारी मंगलवार सुबह बाराबंकी जिले में उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और विशेष कार्य बल (STF) की टीमों ने एक साथ बदोसराय थाना क्षेत्र के खोर एत्महादपुर गांव में दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई ने पूरे गांव को सकते में डाल दिया और देखते ही देखते यह मामला जिला प्रशासन से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

समाचार सार (हूक प्वाइंट):
बाराबंकी के खोर एत्महादपुर गांव में छप्पर वाले घर पर NIA, ATS और STF की संयुक्त रेड, अस्पताल से युवक की हिरासत, घर में घंटों तलाशी, कोई आपत्तिजनक बरामदगी नहीं—फिर भी गांव में दहशत और चर्चाओं का माहौल।

सुबह तीन गाड़ियों से पहुंचीं एजेंसियां, गांव में मची अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब आठ बजे तीन वाहनों में सवार होकर केंद्रीय एजेंसियों की टीमें स्थानीय पुलिस के साथ गांव में दाखिल हुईं। भारी संख्या में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को एक साथ देखकर ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। कुछ ही देर में टीम सीधे गांव निवासी राम लखन के छप्पर वाले घर पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

इसे भी पढें  महाशिवरात्रि एवं श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला-2026को लेकर लागू हुआ व्यापक यातायात डायवर्जन प्लान

आधुनिक मशीनों से छप्पर वाले घर की बारीकी से तलाशी

यह छापेमारी केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं थी। टीम अपने साथ मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक सर्चिंग उपकरण लेकर आई थी। घर के हर कोने, कमरे, छप्पर के नीचे के हिस्से और आसपास के परिसर की बारीकी से जांच की गई। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली इस कार्रवाई के बाद भी किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

अस्पताल से हिरासत में लिया गया युवक

इस छप्पर वाले घर में NIA–ATS–STF की संयुक्त छापेमारी से जुड़ा मानवीय पहलू भी सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक राम लखन की मां सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका ऑपरेशन हुआ है। राम लखन अस्पताल में मां की देखभाल कर रहा था, तभी एजेंसियों की टीम वहां पहुंची और उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर सीधे उसके गांव लाया गया।

साधारण ग्रामीण युवक की प्रोफाइल से बढ़ी हैरानी

राम लखन रावत की पृष्ठभूमि एक सामान्य ग्रामीण युवक की रही है। उसने सुंदरलाल डिग्री कॉलेज से स्नातक (BA) की पढ़ाई की है और वह दिल्ली की एक बाइक निर्माण कंपनी में नौकरी करता था। चार भाइयों और दो बहनों के संयुक्त परिवार से ताल्लुक रखने वाले राम लखन को गांव में अब तक किसी विवाद से जुड़ा नहीं माना जाता था। इसी वजह से ग्रामीण इस कार्रवाई को लेकर और ज्यादा हैरान हैं।

इसे भी पढें  चीफ वॉर्डन द्वारा MBBS डॉक्टर की पिटाई— वायरल वीडियो से उभरा एक गहराता सवाल

छोटे भाई ने बताई छापेमारी की पूरी कहानी

राम लखन के छोटे भाई शिवम ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे वह और उसकी बहन घर पर मौजूद थे। तभी अचानक 15 से 20 पुलिसकर्मी घर में दाखिल हुए। किसी तरह की जानकारी दिए बिना अधिकारियों ने तलाशी शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक घर का कोना-कोना देखा गया और फिर टीमें वहां से चली गईं।

पुलिस-प्रशासन अलर्ट, एजेंसियों को पूरा सहयोग

मामले को लेकर बाराबंकी पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि संबंधित स्थान पर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा रेड की गई है, लेकिन फिलहाल कार्रवाई के ठोस कारण और युवक की भूमिका को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर भी जांच जारी है और केंद्रीय एजेंसियों को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।

बरामदगी नहीं, फिर भी गांव में डर का माहौल

घंटों चली इस छप्पर वाले घर में NIA–ATS–STF की संयुक्त छापेमारी के बावजूद कोई आपत्तिजनक सामग्री न मिलने के बावजूद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं—कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा मामला तो नहीं, या फिर किसी इनपुट के आधार पर की गई एहतियाती कार्रवाई।

इसे भी पढें  बाराबंकी शिक्षिका संदिग्ध मौत: प्रिंसिपल के कमरे में फांसी पर लटका मिला शव, उत्पीड़न के आरोपों से शिक्षा विभाग में हड़कंप

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि आधिकारिक पुष्टि और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक यह मामला गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक चर्चा में बना हुआ है।

बाराबंकी के बंकी कस्बे में 85 वर्षीय शकुंतला देवी की संदिग्ध मौत के बाद घर के बाहर जांच करती पुलिस और मृतका की तस्वीर
बाराबंकी के बंकी कस्बे में बुजुर्ग महिला शकुंतला देवी की संदिग्ध हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, लूट की आशंका

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top