बारिश से बदला मौसम एक बार फिर उत्तर भारत में सर्दी की धार को तेज करता दिख रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव, तेज हवाओं और रुक-रुक कर हुई बारिश ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कोहरा, ठंड और शीतलहर जैसी परिस्थितियों को दोबारा सक्रिय कर दिया है। राजधानी लखनऊ से लेकर पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों तक मौसम का मिज़ाज लगातार बदल रहा है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात, स्वास्थ्य और कृषि पर भी असर पड़ रहा है।
बारिश और तेज हवाओं के बाद उत्तर प्रदेश में कोहरे और ठंड की वापसी हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक घने से अत्यंत घने कोहरे, तापमान में गिरावट और शीत दिवस की चेतावनी जारी की है, जबकि अगले सप्ताह एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत दिए गए हैं।
देशभर में ठंड और कोहरे का व्यापक असर
देश के उत्तरी और पूर्वोत्तर हिस्सों में इस समय ठंड और घने कोहरे का प्रभाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। भारत मौसम विभाग के अनुसार बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, असम और मेघालय जैसे राज्यों में रात और सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। कई इलाकों में कोहरा इतना घना हो सकता है कि सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो जाए।
उत्तर प्रदेश में क्यों बदला मौसम का मिज़ाज
उत्तर प्रदेश में जनवरी के अंतिम सप्ताह से अब तक तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुके हैं। इन विक्षोभों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ी और तापमान में गिरावट आई, जिससे कोहरे की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। मंगलवार की सुबह कोहरे के बाद दिन में अचानक काले बादल छा गए और कई इलाकों में दिन के समय ही अंधेरे जैसा माहौल बन गया।
तेज हवाओं ने बढ़ाई ठंड की धार
बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने ठंड की वापसी को और तेज कर दिया। इन पछुआ हवाओं ने वातावरण को ठंडा बना दिया, जिससे लोगों को फिर से सर्द कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की दिशा बदलने से रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। लखनऊ, आगरा, बुलंदशहर, कानपुर, गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहरी इलाकों में कोहरे का असर विशेष रूप से देखा जा रहा है। अमौस स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद फिलहाल बारिश थमेगी, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा।
अगले दिनों में तापमान का उतार-चढ़ाव
आने वाले तीन दिनों में पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से रात के तापमान में लगभग 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठंड का अहसास बना रहेगा। 6, 7 और 8 फरवरी को 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
घना कोहरा और शीत दिवस का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों के लिए घने से अत्यंत घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही शुक्रवार को कुछ इलाकों में शीत से अत्यंत शीत दिवस की चेतावनी दी गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने से वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
फिर सक्रिय हो सकता है पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विज्ञानियों के अनुसार 8 फरवरी के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। यह नया विक्षोभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रभावित कर सकता है, जहां हल्की से मध्यम बारिश के आसार बन रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो तापमान में एक बार फिर गिरावट देखी जा सकती है और कोहरे की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लखनऊ समेत प्रदेश में तापमान का हाल
बारिश के कारण राजधानी लखनऊ का अधिकतम तापमान करीब 20.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 14 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम साफ होने और धूप निकलने पर दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, लेकिन पछुआ हवाओं के कारण रात का पारा 11 से 12 डिग्री तक गिरने की संभावना है।
जनजीवन पर मौसम का प्रभाव
ठंड और कोहरे की वापसी से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को कोहरे के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। चिकित्सकों का सुझाव है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें।








