6 दिसंबर को अलर्ट मोड: श्रीकृष्ण जन्मभूमि–ईदगाह परिसर के अलावा मथुरा में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

📝 ठाकुर के के सिंह की रिपोर्ट – मथुरा से
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मथुरा: आगामी 6 दिसंबर की ऐतिहासिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मथुरा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित भीड़, कार्यक्रमों और क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। मंगलवार को जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर, शाही ईदगाह तथा आसपास के सभी इलाकों का पैदल निरीक्षण किया और सुरक्षा प्रबंधों को परखा। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

पूरा मथुरा जोन–सेक्टर में बांटा, RAF–PAC सहित भारी फोर्स तैनात

एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को शून्य त्रुटि पर रखते हुए पूरे जनपद को अनेक जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह की सुरक्षा पर विशेष फोकस रखते हुए RAF, PAC, स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पड़ोसी जनपदों से अतिरिक्त बल भी बुलाया गया है। चप्पे-चप्पे पर तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को पनपने से पहले ही रोका जा सके। सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं निगरानी रखेंगे।

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ड्रोन, CCTV और खुफिया टीम अलर्ट — होटल और ढाबों की सघन चेकिंग

प्रशासन ने सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का पूरा इस्तेमाल शुरू कर दिया है। क्षेत्र में लगे सैकड़ों CCTV कैमरों के अलावा ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। खुफिया इकाई LIU को हाई अलर्ट पर रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी होटल, गेस्ट हाउस, ढाबे और धर्मशालाओं में आने-जाने वाले लोगों की कड़ाई से जांच की जा रही है। मुख्य मार्गों पर पैदल गश्त और मोटर बाइक गश्त चौबीसों घंटे संचालित है।

एसएसपी की सख्त चेतावनी — “कानून हाथ में लिया तो होगी तुरंत गिरफ्तारी”

एसएसपी श्लोक कुमार ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था से समझौता बिल्कुल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा — “किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यदि कोई ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी बढ़ा दी है ताकि कोई भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट वायरल न हो सके।

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धारा BNS 163 (निषेधाज्ञा) लागू — बिना अनुमति 5 से अधिक लोग जमा नहीं हो सकेंगे

जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि जनपद में पहले से लागू धारा BNS 163 (निषेधाज्ञा) का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके तहत बिना अनुमति पांच से अधिक लोगों का एक स्थान पर जमा होना प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल बनाई गई है जो हर पोस्ट और टिप्पणी पर नजर रख रही है। डीएम ने स्पष्ट किया — “शांति और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी व्यक्ति माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

कुल मिलाकर, मथुरा जिला प्रशासन और पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ आगामी 6 दिसंबर के मद्देनज़र सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दे रहे हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती, तकनीकी निगरानी, खुफिया चेतावनी और सार्वजनिक निर्देशों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शहर में पूर्ण शांति, भाईचारा और सौहार्द बना रहे

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❓ क्लिक करें और जवाब देखें – सवाल–जवाब (FAQ)

🔹 6 दिसंबर को लेकर प्रशासन किस कारण सतर्क है?

मथुरा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व होने के कारण किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

🔹 क्या श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह क्षेत्र में विशेष सुरक्षा तैनात है?

हाँ, RAF, PAC, स्थानीय पुलिस और पड़ोसी जिलों से आए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

🔹 क्या बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा हो सकती है?

नहीं, धारा BNS 163 के तहत बिना अनुमति 5 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है।

🔹 सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?

अफवाह, भड़काऊ या गलत पोस्ट करने वालों पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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