कैथवाड़ा पुलिस ने साइबर क्राइम के बड़े गिरोह का किया भंडाफोड़, 9 साइबर ठग गिरफ्तार

🌐 हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
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भरतपुर। डीग जिले की कैथवाड़ा पुलिस ने साइबर क्राइम के संगठित नेटवर्क को नेस्तनाबूद करते हुए शनिवार को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी में लिप्त 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा गिरोह जाजमका गांव के पहाड़ी क्षेत्र की तलहटी में डेरा जमाकर लंबे समय से लाखों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।

थाना प्रभारी तारा चंद शर्मा के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पहाड़ी इलाके में कुछ युवक मोबाइल नेटवर्क के जरिए साइबर ठगी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने देर रात इलाके में रणनीतिक तरीके से घेरा बनाकर दबिश दी। मौके पर मौजूद सभी युवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। तलाशी में उनके कब्जे से 9 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और डिजिटल लेनदेन के रिकॉर्ड भी जब्त किए गए।

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जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी लड़की की प्रोफाइल बनाकर उम्रदराज पुरुषों को जाल में फंसाते थे। शुरुआत में ‘हाय-हेलो, कैसे हैं’ जैसे मैसेज भेजकर बातचीत का माहौल बनाते और विश्वास जीतते थे। इसके बाद व्यक्ति को निजी बातचीत के बहाने वॉट्सऐप कॉल पर ले आते। वीडियो कॉल पर फर्जी अश्लील कंटेंट दिखाते और उसी समय स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते

फिर आरोपी पीड़ितों को धमकी देते कि उनका वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। सामाजिक बदनामी के डर से ज्यादा उम्र के लोग चुपचाप पैसे ट्रांसफर कर देते थे। कई बार लाखों रुपये तक ऐंठे जा चुके थे। पुलिस का अनुमान है कि यह गिरोह प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सैकड़ों लोगों से ठगी कर चुका है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क के सरगना, बैंक अकाउंट, डिजिटल वॉलेट और दूसरे राज्यों में जुड़े सहयोगियों की जानकारी हासिल की जा सके। पुलिस की साइबर सेल भी अब इस केस की जांच में शामिल हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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❓ साइबर ठगी कैसे की जाती थी?

सोशल मीडिया पर लड़की की नकली प्रोफाइल बनाकर बातचीत शुरू की जाती थी, फिर वीडियो कॉल पर फर्जी अश्लील वीडियो दिखाकर उसकी स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर पीड़ित को ब्लैकमेल किया जाता था।

❓ पुलिस ने छापेमारी कहां की?

जाजमका गांव के पहाड़ों की तलहटी में जहां आरोपी ऑनलाइन ठगी के लिए नेटवर्क सिग्नल मिलते ही बैठकर कॉल व चैट करते थे।

❓ आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने 9 मोबाइल फोन, कई फर्जी सिम कार्ड, डिजिटल पेमेंट लेनदेन का रिकॉर्ड और निजी वीडियो प्राप्त करने के सबूत बरामद किए।

❓ आगे पुलिस क्या कार्रवाई करेगी?

पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए साइबर सेल को शामिल किया गया है, बैंक लेनदेन, ऑनलाइन वॉलेट और बाहरी राज्यों के संपर्कों की जांच चल रही है।


⚠️ यदि आपके साथ साइबर ठगी हुई है तो नजदीकी साइबर थाना या 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करें।

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