
रंग, राग और रिश्तों का संगम
देवरिया जिले के भाटपार रानी तहसील अंतर्गत ग्राम सभा जसुई स्थित बी डी एस इंटरनेशनल स्कूल का परिसर उस समय रंगों से सराबोर हो उठा, जब विद्यालय परिवार ने मिलकर होली मिलन समारोह का आयोजन किया। यह सिर्फ एक पर्व का उत्सव नहीं था, बल्कि बच्चों, शिक्षकों और प्रबंधन के बीच आत्मीयता, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण बन गया।
सुबह की हल्की धूप में विद्यालय का आँगन रंगों की कोमल आभा से भर गया। कहीं फूलों की वर्षा थी, तो कहीं गुलाल की सौम्य उड़ान। बच्चों की खिलखिलाहट और ढोलक की थाप ने वातावरण को ऐसा उत्सवमय बना दिया कि हर चेहरा मुस्कान से दमक उठा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
होली मिलन समारोह का मुख्य आकर्षण बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने पारंपरिक फाग गीतों पर नृत्य कर दर्शकों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों की ऊर्जा और आत्मविश्वास ने पूरे परिसर को तालियों की गूंज से भर दिया।
किसी ने “रंग बरसे” की धुन पर कदम थिरकाए तो किसी ने लोकगीतों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सामूहिक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल रंग खेलने का माध्यम नहीं, बल्कि आपसी सौहार्द और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर भी है।
फूलों और गुलाल से सजा आत्मीय मिलन
विद्यालय परिसर में इस बार होली का उत्सव संयम और सौम्यता के साथ मनाया गया। बच्चों और शिक्षकों ने एक-दूसरे को फूलों और गुलाल से रंग लगाकर शुभकामनाएं दीं। कहीं भी कृत्रिम रंगों या अनुशासनहीनता का स्थान नहीं था।
विद्यालय के प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह और चेयरमैन संदीप कुमार सिंह ने स्वयं उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में ऐसी सांस्कृतिक गतिविधियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
अकादमिक कोऑर्डिनेटर अजीत कुमार सिंह और प्रिंसिपल ज्ञानेंद्र कुमार राय ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया। शिक्षिका ज्योति चौरसिया, नेहा सिंह, सरस्वती शाही, दीपेन गुरांग, वर्गिमा परवीन, निशु पांडे, दिव्या तिवारी, पूनम यादव, रजनीकांत सिंह, सूर्यकांत यादव, सब्बू परवीन, महिमा पांडे और चंद्रभान सहित समस्त स्टाफ ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षकों ने बच्चों के साथ मिलकर रंगों की इस खुशियों भरी बेला का आनंद लिया। कहीं शिक्षक बच्चों के साथ नृत्य में शामिल हुए तो कहीं वे उन्हें सुरक्षित और संयमित तरीके से उत्सव मनाने की सीख देते नजर आए।
विद्यालय बना संस्कृति का रंगमंच
होली मिलन समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों के निर्माण का भी सशक्त मंच है। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने टीमवर्क, आत्मविश्वास और अनुशासन का परिचय दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में रंगों के साथ-साथ सकारात्मक सोच और सामूहिकता की भावना भी स्पष्ट दिखाई दी। बच्चों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “होली है” की शुभकामनाएं दीं और उत्सव की सच्ची भावना को जीवंत किया।
रंगों में समाया शिक्षा का संदेश
इस समारोह ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होती। त्योहारों के माध्यम से बच्चों को सामाजिक समरसता, परंपराओं के सम्मान और सामूहिक जीवन की अनुभूति कराई जा सकती है।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर छुपी प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उनमें आत्मीय संबंधों की नींव मजबूत करते हैं। रंगों का यह उत्सव आने वाले दिनों में विद्यार्थियों के मन में एक मधुर स्मृति बनकर रहेगा।
उत्सव का समापन, यादों की शुरुआत
कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और मिठाइयों का वितरण किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास का वातावरण बना रहा। बच्चों के चेहरे पर रंगों के साथ-साथ संतोष और खुशी की चमक भी दिखाई दी।
बी डी एस इंटरनेशनल स्कूल जसुई का यह होली मिलन समारोह केवल एक दिन का आयोजन नहीं था, बल्कि यह शिक्षा, संस्कृति और सौहार्द का ऐसा रंगीन अध्याय बन गया, जिसे विद्यालय परिवार लंबे समय तक याद रखेगा।
FAQ
होली मिलन समारोह कहाँ आयोजित किया गया?
यह समारोह देवरिया जिले के भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा जसुई स्थित बी डी एस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषता क्या रही?
बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य और फूलों व गुलाल के साथ सौम्य तरीके से मनाया गया उत्सव मुख्य आकर्षण रहा।
कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित रहे?
विद्यालय के प्रबंधक, चेयरमैन, प्रिंसिपल, अकादमिक कोऑर्डिनेटर और समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यक्रम में मौजूद रहे।









