आजमगढ़ में निरहुआ का जन्मदिन इस बार सिर्फ व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सियासी संदेशों, विकास के दावों और आगामी चुनावी संकेतों का मंच बन गया। भाजपा के पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ के जन्मदिन के अवसर पर लालगंज के निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव सहित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसी क्रम में आजमगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे निरहुआ ने भंवरनाथ स्थित प्राचीन भोलेनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर जनसेवा की कामना की।
आजमगढ़ में निरहुआ का जन्मदिन भाजपा के लिए शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश का अवसर बना। भंवरनाथ मंदिर में पूजा के बाद पूर्व सांसद ने बाईपास सड़क, विकास कार्यों और SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया और 2027 में भाजपा की जीत का दावा किया।
भंवरनाथ मंदिर में पूजा, जनसेवा का आशीर्वाद
जिले में पहुंचते ही पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ सीधे भंवरनाथ स्थित भोलेनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर बाबा से आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद समर्थकों और स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर उन्हें इतनी शक्ति दें कि वे अधिक से अधिक जनता की सेवा कर सकें। उनके अनुसार राजनीति का मूल उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना होना चाहिए।
मंदिर दर्शन के बाद निरहुआ ने यह भी कहा कि आजमगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत उन्हें हमेशा ऊर्जा देती है। यही कारण है कि वे हर महत्वपूर्ण अवसर पर यहां आकर आत्मिक संतुलन और जनसेवा के संकल्प को दोहराते हैं।
जन्मदिन बना सियासी संवाद का मंच
हालांकि यह अवसर जन्मदिन का था, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं से यह पूरी तरह अछूता नहीं रहा। लालगंज के निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव और भाजपा पदाधिकारियों ने निरहुआ को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक इस मौके पर मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि आजमगढ़ में निरहुआ का जन्मदिन पार्टी के लिए एकजुटता का संदेश भी था।
चालान दक्षिण-पूर्व बाईपास: श्रेय की राजनीति पर जवाब
आजमगढ़ में प्रस्तावित 15 किलोमीटर लंबे चालान दक्षिण-पूर्व बाईपास को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर निरहुआ ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच, जब वे आजमगढ़ के सांसद थे, उसी दौरान इस सड़क की आवश्यकता को लेकर मांग उठाई गई थी और इसका डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भी उसी समय तैयार कराई गई।
उनके अनुसार केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इस परियोजना को स्वीकृति मिलना विकास की निरंतरता का प्रमाण है। निरहुआ ने यह भी कहा कि विकास कार्य किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया की देन होते हैं, जिसे सरकार आगे बढ़ाती है।
सपा के श्रेय दावे पर तीखा लेकिन संतुलित तंज
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव से जुड़े सवाल पर निरहुआ ने कहा कि श्रेय लेने की राजनीति से ज्यादा जरूरी है कि जनता को सुविधा मिले। उन्होंने टिप्पणी की कि धर्मेंद्र यादव पढ़े-लिखे नेता हैं और संभव है कि वे स्वयं इस तरह का श्रेय लेने से बचें, लेकिन उनके समर्थक ऐसा कर रहे हों। यह बयान समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला न होकर एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया।
विश्वविद्यालय और संगीत महाविद्यालय का उल्लेख
पूर्व सांसद ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने आजमगढ़ को विश्वविद्यालय और संगीत महाविद्यालय जैसी संस्थाएं दीं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए शैक्षणिक और सांस्कृतिक धरोहर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि यह विकास सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को दिशा देने वाला है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना
निरहुआ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति दे रही हैं। उनका दावा था कि इसी विकास मॉडल के चलते 2027 के विधानसभा चुनाव में भी आजमगढ़ में कमल खिलेगा।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोपों का जवाब
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर निरहुआ ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। कई स्थानों पर एक ही परिवार के पते पर वास्तविक संख्या से अधिक नाम दर्ज थे, जिससे मतदाता सूची में विसंगतियां पैदा हो रही थीं।
उनके अनुसार SIR प्रक्रिया का उद्देश्य किसी का वोट काटना नहीं, बल्कि सूची को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। आजमगढ़ में निरहुआ का जन्मदिन के अवसर पर दिया गया यह बयान साफ संकेत देता है कि भाजपा इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
रेल परियोजनाओं के संकेत, भविष्य की तैयारी
पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि आने वाले समय में आजमगढ़ को रेल से जुड़ी बड़ी सौगात मिल सकती है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि विपक्ष चाहे तो रेल मंत्री के साथ भी फोटो खिंचवा ले, लेकिन असलियत सामने आने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। उनका दावा था कि वे जल्द ही नितिन गडकरी को आजमगढ़ लाने की कोशिश करेंगे, ताकि विकास कार्यों की सच्चाई जनता के सामने रखी जा सके।
कार्यकर्ताओं की मौजूदगी, संगठन को मिला संदेश
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। जन्मदिन के बहाने हुए इस आयोजन ने संगठन को यह संदेश दिया कि पार्टी जमीनी स्तर पर सक्रिय है और नेतृत्व कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद में है।
राजनीतिक अर्थ और आगे की राह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आजमगढ़ में निरहुआ का जन्मदिन केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि आगामी चुनावों की तैयारी का एक संकेत भी है। विकास के मुद्दे, SIR प्रक्रिया पर स्पष्ट रुख और संगठनात्मक मजबूती—ये सभी बिंदु भाजपा की रणनीति को दर्शाते हैं।
निष्कर्ष: उत्सव, संदेश और रणनीति
कुल मिलाकर, आजमगढ़ में निरहुआ का जन्मदिन एक ऐसे मंच के रूप में सामने आया जहां धार्मिक आस्था, विकास के दावे और राजनीतिक संदेश एक साथ दिखाई दिए। यह कार्यक्रम न केवल समर्थकों के लिए उत्साहवर्धक रहा, बल्कि विपक्ष के लिए भी आने वाले समय की सियासी चुनौती का संकेत बन गया।







