उत्तर प्रदेश मौसम फिर बदला मिज़ाज, बारिश–कोहरा–हवाओं से अस्थिरता बरकरार

उत्तर प्रदेश में बदलता मौसम, कहीं बारिश और बिजली तो कहीं घना कोहरा और धूप का दृश्य

✍️अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
IMG-20260212-WA0009
previous arrow
next arrow

उत्तर प्रदेश मौसम एक बार फिर करवट बदल रहा है। बीते दिनों बारिश और ओलावृष्टि के बाद सोमवार को भी प्रदेश का मौसम स्थिर रहने के संकेत नहीं दे रहा। कहीं काले बादल छाए रहेंगे, कहीं हल्की से मध्यम बारिश होगी तो कई जिलों में घना कोहरा लोगों की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों के चलते आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में उतार–चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा।

‌समाचार सार : बारिश के बाद ठंड ने फिर बदला रुख—कहीं कोहरा, कहीं गरज-चमक और 5 फरवरी से नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक।

सोमवार को कैसा रहेगा उत्तर प्रदेश का मौसम?

लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम केंद्र के अनुसार 2 फरवरी (सोमवार) को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में अचानक बदलाव महसूस होगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति फसलों, सड़क यातायात और हवाई सेवाओं पर भी आंशिक प्रभाव डाल सकती है।

इसे भी पढें  कहीं बारिश, कहीं ओले तो कहीं गर्मी का एहसास— बदले मौसम के मिज़ाज ने किया सबको बेहाल

मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 3 और 4 फरवरी को प्रदेश के दोनों हिस्सों—पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी—में घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। खासकर सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम हो सकती है।

इन जिलों में कोहरे की सफेद चादर बढ़ाएगी परेशानी

सोमवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुरादाबाद, हापुड़, संभल, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया और संतकबीरनगर में कोहरा यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे के कारण सुबह के समय हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना

बादलों की आवाजाही के बीच आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, कानपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली और उन्नाव में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक देखी जा सकती है।

इसे भी पढें   प्रदेश स्कूल शीतकालीन अवकाश 2025सर्दी की गलन से ठिठुर रहा प्रदेश ; 31 दिसंबर से  स्कूल बंद, जानिए कब-कहाँ खुलेंगे 

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश रबी फसलों के लिए कुछ हद तक लाभकारी हो सकती है, लेकिन तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर सरसों और सब्जी की फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी।

पूर्वांचल के इन जिलों में खिली रहेगी धूप

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या में धूप निकल सकती है, जिससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

हालांकि सुबह और रात के समय ठंडक बनी रहेगी, लेकिन दिन में धूप निकलने से लोगों को राहत महसूस होगी।

लखनऊ और नोएडा में मौसम का ताजा हाल

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में सोमवार को हल्के बादल छाए रहेंगे। न्यूनतम तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले 24 घंटों में मौसम में हल्का बदलाव संभव है।

इसे भी पढें  उत्तर प्रदेश में जनवरी की ठंडऔर शीतलहर का बढ़ता खतरा

नोएडा: नोएडा और आसपास के इलाकों में काले बादल छाए रह सकते हैं। हल्का कोहरा पड़ने की संभावना है। न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

तापमान में उतार–चढ़ाव क्यों बना रहेगा?

बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार 5 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से अगले तीन दिनों के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है।

हालांकि इसके बाद तापमान में बड़े बदलाव की संभावना कम है, लेकिन ठंड और हल्की गर्मी के बीच यह उतार–चढ़ाव फरवरी के मध्य तक बना रह सकता है।

आम लोगों के लिए क्या है सलाह?

मौसम विभाग ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि कोहरे और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करें और मौसम से जुड़ी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार फसल प्रबंधन करने की सलाह दी गई है।

रामवाटिका प्रांगण में RSS के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित हिन्दू सम्मेलन में मंचासीन वक्ता और उपस्थित जनसमूह
RSS के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रामवाटिका प्रांगण में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में संत, संघ पदाधिकारी, मातृशक्ति और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top