महाराजा सूरजमल जन संस्थान कामां में अध्यक्ष पद का चुनाव, प्रेम सिंह एडवोकेट बने नए अध्यक्ष

महाराजा सूरजमल जन संस्थान कामां में अध्यक्ष पद का चुनाव, साफा और माला पहनाए गए प्रेम सिंह एडवोकेट ऐंचवाड़ा के साथ समाज के लोग

हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

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यह सिर्फ़ एक अध्यक्षीय चुनाव नहीं था—कामां में हुआ यह फैसला जाट समाज की उस परंपरा को सामने लाया, जहाँ नेतृत्व टकराव से नहीं, सहमति और सम्मान से चुना जाता है।
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महाराजा सूरजमल जन संस्थान कामां में अध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को अत्यंत शांतिपूर्ण, गरिमामय और सर्वसम्मति के वातावरण में संपन्न हुआ। यह चुनाव केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं रहा, बल्कि जाट समाज की परंपरागत एकजुटता, आपसी विश्वास और सामाजिक समर्पण का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। महाराजा सूरजमल धर्मशाला में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज के बुजुर्गों, युवाओं, पंच-सरपंचों और प्रमुख सामाजिक हस्तियों की व्यापक उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

सर्वसम्मति से हुआ अध्यक्ष का चयन

महाराजा सूरजमल जन संस्थान कामां के अध्यक्ष पद के लिए किसी प्रकार का विरोध, मतभेद या गुटबंदी देखने को नहीं मिली। लंबे विमर्श और सामाजिक सहमति के बाद प्रेम सिंह एडवोकेट ऐंचवाड़ा को सर्वसम्मति से संस्थान का नया अध्यक्ष चुना गया। यह निर्णय इस बात का प्रमाण रहा कि समाज नेतृत्व चयन में योग्यता, अनुभव और सामाजिक स्वीकार्यता को प्राथमिकता देता है।

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चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुरानी कार्यकारिणी को औपचारिक रूप से भंग किया गया और नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की गई। सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ नए अध्यक्ष का स्वागत किया, जिससे माहौल में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला।

सम्मान समारोह में बंधा सामाजिक विश्वास

चुनाव के उपरांत आयोजित सम्मान समारोह में समाज के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति हरेकिशन बाबूजी बादीपुर ने प्रेम सिंह एडवोकेट को साफा बांधकर, माला पहनाकर और आशीर्वचन देकर समाज की ओर से औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी। यह क्षण केवल व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि सामाजिक भरोसे और उत्तरदायित्व के हस्तांतरण का प्रतीक रहा।

इस दौरान उपस्थित समाजजनों ने एक स्वर में नए अध्यक्ष को बधाई दी और संस्थान को नई दिशा देने की अपेक्षा जताई। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, मर्यादा और परंपरा का सुंदर संतुलन देखने को मिला।

संरक्षक का संदेश: एकता ही सबसे बड़ी ताकत

संस्थान के संरक्षक लाला चाहर जी ने नए अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह चुनाव जाट समाज की आंतरिक मजबूती और आपसी एकता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि जब समाज बिना विवाद के नेतृत्व चुनता है, तब वह आगे बढ़ने की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रेम सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में महाराजा सूरजमल जन संस्थान सामाजिक सरोकारों को और मजबूती से आगे बढ़ाएगा।

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प्रमुख हस्तियों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति

कार्यक्रम में कामां और आसपास के क्षेत्रों से समाज के अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इनमें नेतराम फौजदार, बलवीर, लाल सिंह, रत्ती, अनूप, ओमवीर मानसिंह सरपंच, देवेंद्र सरपंच, महेंद्र सिंह फौजी, शमशेर, खेमचंद इकलेरा, बबलेश, बृजेश, बंसी मास्टर, लखन सरपंच, नत्थी मास्टर, श्याम नारायण मास्टर, बिजेंद्र पीटीआई, प्रहलाद मास्टर, ओम प्रकाश सरपंच और वीरेंद्र सरपंच सहित बड़ी संख्या में पंच, सरपंच और युवा सदस्य मौजूद रहे।

इन सभी की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि महाराजा सूरजमल जन संस्थान केवल एक संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक उत्तरदायित्व का केंद्र है।

महाराजा सूरजमल के आदर्शों की याद

चुनाव के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के जीवन, उनके त्याग, न्यायप्रियता और समाज के प्रति समर्पण को याद किया। यह कहा गया कि संस्थान का उद्देश्य केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को शिक्षा, संगठन और सामाजिक न्याय की दिशा में प्रेरित करना भी है।

नए अध्यक्ष से अपेक्षा जताई गई कि वे महाराजा सूरजमल के आदर्शों को व्यवहार में उतारते हुए युवाओं को समाज से जोड़ेंगे और संस्थान को सक्रिय भूमिका में आगे बढ़ाएंगे।

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नए अध्यक्ष की प्राथमिकताएँ और दृष्टिकोण

प्रेम सिंह एडवोकेट ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि वे सभी वरिष्ठों और युवाओं को साथ लेकर चलेंगे तथा संस्थान को पारदर्शिता, सहभागिता और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा, सामाजिक समरसता, युवा सहभागिता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को उनकी प्राथमिकताओं में रखा जाएगा।

एक चुनाव, जो बना सामाजिक संदेश

महाराजा सूरजमल जन संस्थान कामां का यह अध्यक्षीय चुनाव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि समाज के भीतर विश्वास, सहमति और एकजुटता का संदेश लेकर सामने आया। आज के दौर में जब सामाजिक संस्थाएं आंतरिक मतभेदों से जूझती नजर आती हैं, वहां यह चुनाव एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में नए अध्यक्ष को जाट समाज और संस्थान परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह विश्वास जताया गया कि आने वाले समय में संस्थान सामाजिक सरोकारों में और प्रभावी भूमिका निभाएगा।

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