बहराइच में आतंक का अंत : 11 मासूमों समेत 13 लोगों की जान लेने वाले आदमखोर भेड़िये का खात्मा

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज वन क्षेत्र में पाया गया आदमखोर भेड़िया, जिसके खिलाफ वन विभाग ने विशेष अभियान चलाया
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
IMG-20260212-WA0009
previous arrow
next arrow

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बीते कई महीनों से खौफ और दहशत का पर्याय बन चुके आदमखोर भेड़िये का आखिरकार अंत हो गया है। कैसरगंज वन क्षेत्र में गुरुवार देर शाम वन विभाग की गश्ती टीम ने विशेष अभियान के तहत एक और आदमखोर भेड़िये को मार गिराया। सितंबर से दिसंबर के बीच हुए सिलसिलेवार हमलों में 11 मासूम बच्चों समेत कुल 13 लोगों की मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद शासन और प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था।

सितंबर से शुरू हुआ मौत का सिलसिला

बहराइच जिले में भेड़ियों के हमले सितंबर महीने से सामने आने लगे थे। शुरुआत में इसे सामान्य वन्यजीव गतिविधि माना गया, लेकिन जैसे-जैसे हमलों की संख्या बढ़ी और मासूम बच्चों को निशाना बनाया जाने लगा, स्थिति भयावह होती चली गई। गांवों में मातम पसरा रहा और लोगों के मन में यह सवाल गूंजता रहा कि अगला शिकार कौन होगा।

इसे भी पढें  गांगूदेवर ग्राम पंचायत विकास मॉडल: एक गांव की कहानी, जो गणतंत्र दिवस पर पहुंची राष्ट्रीय मंच तक

शाम ढलते ही गांवों में छा जाता था सन्नाटा

ग्रामीणों के लिए शाम का समय सबसे ज्यादा डरावना बन गया था। सूरज ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता था। बच्चे घरों में कैद हो जाते थे और माता-पिता रात-रात भर जागकर पहरा देते थे। खेतों में जाना, शौच के लिए बाहर निकलना और सामान्य दिनचर्या तक प्रभावित हो गई थी।

मामला पहुंचा शासन स्तर तक

लगातार बढ़ती मौतों और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग को आदेश दिया गया कि आदमखोर भेड़ियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाए। इसके बाद कैसरगंज वन क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में विशेष अभियान शुरू किया गया।

ड्रोन, कैमरा ट्रैप और शार्प शूटर तैनात

अभियान के तहत आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया। ड्रोन कैमरों से जंगल और गांवों की निगरानी की गई, जगह-जगह कैमरा ट्रैप लगाए गए और प्रशिक्षित शार्प शूटरों को तैनात किया गया। वन विभाग की टीमें दिन-रात गश्त करती रहीं।

इसे भी पढें  मर्मांतक घटना : बेटियों को मारने से पहले बेटों का गला रेत कर पत्नी संग खुद घर में हो गया बंद और लगा ली आग…सब स्वाहा

कैसरगंज वन क्षेत्र में निर्णायक कार्रवाई

गुरुवार देर शाम कैसरगंज वन रेंज के भिरगु पुरवा गांव के पास गश्त के दौरान झाड़ियों में हलचल दिखाई दी। टीम ने इलाके को घेर लिया। तभी एक भेड़िया आबादी की ओर बढ़ता नजर आया। हालात की गंभीरता को देखते हुए शार्प शूटर को तुरंत अलर्ट किया गया और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गोली चलाने का फैसला लिया गया। गोली लगते ही भेड़िये की मौके पर ही मौत हो गई।

अब तक नौ आदमखोर भेड़िये ढेर

वन विभाग के अनुसार, इस विशेष अभियान में अब तक कुल नौ आदमखोर भेड़ियों को मार गिराया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है और अंतिम पुष्टि के बाद ही अभियान को समाप्त किया जाएगा।

पोस्टमार्टम से होगी अंतिम पुष्टि

प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरसा ने बताया कि मारे गए भेड़िये का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि वह उसी आदमखोर झुंड का हिस्सा था, जिसने अब तक की घटनाओं को अंजाम दिया।

ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

नौवें भेड़िये के मारे जाने के बाद ग्रामीणों में राहत का माहौल है। हालांकि वन विभाग ने साफ किया है कि एहतियात पूरी तरह जारी रहेगी और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बहराइच में भेड़ियों का आतंक कब शुरू हुआ?

सितंबर महीने से लगातार भेड़ियों के हमले सामने आने लगे थे।

अब तक कितने लोगों की मौत हो चुकी है?

अब तक 11 मासूम बच्चों समेत कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

क्या अभियान अभी भी जारी है?

हां, अंतिम आदमखोर भेड़िये की पुष्टि होने तक अभियान जारी रहेगा।

ग्रामीणों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

बच्चों को अकेले बाहर न भेजें, रात में सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।


नए साल की रात उत्तर प्रदेश में पुलिस चेकिंग, लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र में कार हादसा और जश्न के बीच बढ़ी अव्यवस्था का दृश्य
नए साल 2026 की रात उत्तर प्रदेश में जश्न के बीच पुलिस सतर्कता और लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र में हुआ दर्दनाक सड़क हादसा। एआई इमेज। पूरी खबर पढने के लिए फोटो को क्लिक करें☝☝☝☝☝

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top