मालवीय चैलेंज कप दूसरा सेमीफाइनल भाटपार रानी के खेल प्रेमियों के लिए रोमांच और उत्साह से भरा रहा। टूर्नामेंट के इस अहम मुकाबले में गोरखपुर की टीम ने सिवान को हराकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की, बल्कि फाइनल में अपनी जगह भी पक्की कर ली। यह मैच केवल रन और विकेट का खेल नहीं था, बल्कि रणनीति, अनुशासन और टीम वर्क का ऐसा उदाहरण बना, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।
टॉस से ही बना दबाव, सिवान की टीम लड़खड़ाई
मालवीय चैलेंज कप दूसरे सेमीफाइनल में सिवान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। शुरुआती ओवरों में सिवान के बल्लेबाजों ने संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन गोरखपुर के गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन और लेंथ से शुरुआत से ही दबाव बना दिया। नतीजा यह रहा कि सिवान की पूरी टीम 17.1 ओवर में मात्र 86 रन पर ऑल आउट हो गई।
सिवान की ओर से नवनीत ने सर्वाधिक 22 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज टिककर क्रीज पर खड़े नहीं रह सके। एक के बाद एक विकेट गिरने से सिवान की पारी बिखरती चली गई और स्कोर बोर्ड पर रन रुकते चले गए।
आदित्य मिश्रा की घातक गेंदबाज़ी
गोरखपुर की इस जीत के हीरो रहे आदित्य मिश्रा, जिन्होंने अपनी सटीक और आक्रामक गेंदबाजी से सिवान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। आदित्य मिश्रा ने चार महत्वपूर्ण विकेट झटकते हुए मैच का रुख पूरी तरह गोरखपुर के पक्ष में मोड़ दिया। उनकी गेंदों में स्विंग और उछाल दोनों देखने को मिला, जिससे सिवान के बल्लेबाज खुलकर खेलने में असहज नजर आए।
छोटा लक्ष्य, लेकिन पूरी सतर्कता के साथ पीछा
87 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गोरखपुर की टीम ने आक्रामक लेकिन संतुलित शुरुआत की। हालांकि लक्ष्य छोटा था, फिर भी गोरखपुर ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई। टीम ने 12 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
गोरखपुर की ओर से अखिल ने 32 रनों की उपयोगी पारी खेली, जिसने रन चेज़ को आसान बना दिया। दूसरी ओर सिवान के विशाल शाही ने दो विकेट लेकर कुछ देर के लिए मुकाबले में रोमांच जरूर पैदा किया, लेकिन लक्ष्य कम होने के कारण गोरखपुर की जीत पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
पांच विकेट से जीत, गोरखपुर का आत्मविश्वास चरम पर
अंततः गोरखपुर की टीम ने यह सेमीफाइनल मुकाबला पांच विकेट से जीत लिया। यह जीत सिर्फ स्कोर बोर्ड की जीत नहीं थी, बल्कि टीम के आत्मविश्वास, अनुशासन और रणनीतिक मजबूती का प्रमाण भी थी। पूरे मैच के दौरान गोरखपुर के खिलाड़ियों में एकजुटता और जीत की भूख साफ दिखाई दी।
मैन ऑफ द मैच बने आदित्य मिश्रा
शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए आदित्य मिश्रा को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। उनके चार विकेट न केवल मैच का टर्निंग पॉइंट बने, बल्कि उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में दबाव को कैसे अवसर में बदला जाता है।
मुख्य अतिथि और आयोजन समिति की भूमिका
इस सेमीफाइनल मैच के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीश चंद तिवारी रहे। आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष बिजेंद्र यादव, उपाध्यक्ष शुभम गुप्ता और सचिव जेपी यादव की सक्रिय भूमिका देखने को मिली। वहीं अंपायर के रूप में दिलीप साहनी और जींस श्रीवास्तव ने मैच को निष्पक्ष और अनुशासित ढंग से संपन्न कराया।
फाइनल में आजमगढ़ बनाम गोरखपुर
मालवीय चैलेंज कप का फाइनल मुकाबला अब 7 फरवरी 2026, शनिवार को खेला जाएगा, जिसमें आजमगढ़ और गोरखपुर की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों ही टीमों ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है।
खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होगा और मालवीय चैलेंज कप को एक यादगार विजेता मिलेगा। भाटपार रानी का मैदान एक बार फिर क्रिकेट के जुनून और उत्साह से सराबोर होने को तैयार है।








