बृज के विख्यात तीर्थराज विमल कुंड पर 1.25 लाख दीपों से दीपदान, इंद्रधनुषी छटा ने भक्तों को किया भावविभोर

हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

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कामां (भरतपुर)। देवोत्थान एकादशी के पावन अवसर पर ब्रजभूमि के प्रसिद्ध तीर्थराज विमल कुंड पर आयोजित दीपदान महोत्सव ने एक अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य प्रस्तुत किया। लगभग 1.25 लाख दीपों से जगमगाए कुंड की इंद्रधनुषी छटा देखकर भक्त भावविभोर हो उठे। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालु शामिल हुए।

🌸 देवोत्थान एकादशी पर तीर्थराज विमल कुंड में दीपों की जगमगाहट

तीर्थराज विमल कुंड के विभिन्न घाटों — सूरज घाट, गंगाजी घाट, राधा दामोदर घाट, कांवरिया घाट, गऊ घाट, हरिकृपा घाट, गिर्राज जी घाट, विमल बिहारी घाट और विमला देवी घाट — को दीपों से सजाया गया। 80 पीपा सरसों का तेल और 70 किलो रूई की बत्ती से दीप प्रज्जवलित किए गए। जयपुर से आई टीम ने पूरे विमल कुंड को रंगीन रोशनियों से सजाया जिससे पूरा क्षेत्र एक आध्यात्मिक आभा में नहाया नजर आया।

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🌼 ठाकुर जी के तैरते डोले ने लुभाया मन

महोत्सव का मुख्य आकर्षण विमल कुंड के मध्य तैरता ठाकुर जी का डोला रहा, जिसे फूलों से सजाया गया था। शाम 7 बजे वल्लभ संप्रदाय के गोस्वामी अनिरुद्ध लाल बाबा और विधायक नौक्षम चौधरी ने विश्राम घाट पर पहुंचकर ठाकुर जी की आरती की। दीपों की झिलमिलाहट में जब ठाकुर जी का डोला तैरता नजर आया, तो भक्तों ने “जय श्री कृष्ण” के जयघोष से वातावरण गुंजा दिया।

🪔 दीपदान समिति की भव्य तैयारी

दीपदान समिति के सचिव राजेन्द्र कटारा ने बताया कि आयोजन के लिए महीनों से तैयारी चल रही थी। लगभग सवा लाख दीप, 80 पीपा तेल और डेढ़ क्विंटल फूलों का उपयोग किया गया। विमल कुंड दीपदान महोत्सव को सफल बनाने में स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

🌠 ब्रजभूमि की संस्कृति का दिव्य प्रदर्शन

ब्रजभूमि में तीर्थराज विमल कुंड दीपदान न केवल धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि यह ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन भी है। यहां की परंपरा, भक्ति और सौंदर्य का संगम देखने को मिला। कामां कस्बे सहित आस-पास के गांवों और दूर-दराज़ से आए भक्तों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे ब्रज की अनमोल धरोहर बताया।

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📸 आयोजन की झलक

सवा लाख दीपों से जगमगाते तीर्थराज विमल कुंड का दृश्य मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो।


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तीर्थराज विमल कुंड दीपदान महोत्सव कब आयोजित हुआ?

यह भव्य दीपदान महोत्सव देवोत्थान एकादशी के शुभ अवसर पर आयोजित हुआ।

दीपदान में कितने दीप जलाए गए?

लगभग 1.25 लाख दीपों को तीर्थराज विमल कुंड के विभिन्न घाटों पर प्रज्जवलित किया गया।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण क्या रहा?

मध्य में तैरता ठाकुर जी का फूलों से सजा डोला आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।

इस आयोजन में कौन-कौन उपस्थित रहे?

गोस्वामी अनिरुद्ध लाल बाबा और विधायक नौक्षम चौधरी सहित हजारों भक्तों ने दीपदान महोत्सव में भाग लिया।













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