सलेमपुर की दोपहर उस दिन किसी सामान्य सरकारी आयोजन की नहीं, बल्कि फाल्गुन के रसरंग से भरी एक जीवंत सांस्कृतिक महफिल की साक्षी बनी। सिंचाई विभाग के प्रांगण में जब ढोलक की थाप गूंजी, तो लगा मानो मौसम ने स्वयं पायल बांध ली हो। राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में औपचारिकता से अधिक अपनापन, और राजनीति से अधिक रंगों की आत्मीयता दिखाई दी।
इस आयोजन की सबसे खास बात रही कि यहां पारंपरिक रंग और अबीर की जगह फूलों की होली खेली गई। गुलाब और गेंदा की पंखुड़ियों की फुहार के बीच जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और कार्यकर्ता एक साथ झूमते नजर आए। दृश्य ऐसा था जैसे राजनीति ने कुछ पल के लिए अपना औपचारिक चेहरा उतारकर फागुन की मुस्कान ओढ़ ली हो।
ढोलक की थाप पर सजी फाग की महफ़िल
कार्यक्रम की शुरुआत होली गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। आमंत्रित कलाकारों ने जब हारमोनियम की मधुर तान और ढोलक की दमकती ताल पर पारंपरिक फाग गाया, तो पूरा प्रांगण उत्साह से भर उठा। उपस्थित लोग “होली खेले रघुवीरा…” की धुन पर थिरकते दिखाई दिए। माहौल में उल्लास, सौहार्द और उत्सव की ऊर्जा स्पष्ट झलक रही थी।
भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एक-दूसरे को फूलों से होली खेलकर शुभकामनाएं दीं। मंच से वक्ताओं ने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी मतभेद भुलाकर सद्भाव को मजबूत करने का अवसर है।
राज्यमंत्री का संदेश: होली प्रेम और सकारात्मकता का पर्व
राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि होली का त्योहार प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है, जिसे हमें अपने दैनिक जीवन में भी आत्मसात करना चाहिए।
देवरिया लोकसभा के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि सलेमपुर में कार्यकर्ताओं के बीच होली खेलकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने सलेमपुर से अपने भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें अपने परिवार जैसा स्नेह मिलता है। विधान परिषद सदस्य रतन पाल सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और मनोबल को मजबूत करते हैं।
जब मंच पर गूंजे नेताओं के स्वर
कार्यक्रम में उस समय विशेष उत्साह का माहौल बन गया जब राज्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वयं होली गीत गाकर कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। नेताओं के स्वर में फाग की मिठास सुनकर कार्यकर्ता तालियों और हंसी के साथ झूम उठे। उस क्षण राजनीतिक पदानुक्रम गौण हो गया और सामने केवल सामूहिक उत्सव का आनंद था।
कार्यक्रम में एसडीएम दिशा श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार, तहसीलदार अलका सिंह सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमरेश सिंह, जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सामाजिक प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
सलेमपुर की फिज़ा में घुला फागुन
फूलों की होली ने इस आयोजन को विशिष्ट बना दिया। जहां आमतौर पर रंगों की बौछार होती है, वहीं यहां पंखुड़ियों की कोमल वर्षा ने सौम्यता और स्नेह का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत तक पूरा प्रांगण फागुन की खुशबू से महक उठा। कार्यकर्ता अपने नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाते रहे और उत्सव का आनंद लेते रहे।
सलेमपुर का यह होली मिलन समारोह केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बनकर उभरा। यहां रंगों से अधिक रिश्तों को रंगने का प्रयास दिखाई दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होली मिलन समारोह कहां आयोजित हुआ?
यह समारोह सलेमपुर के सिंचाई विभाग प्रांगण में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की विशेषता क्या रही?
इस आयोजन में पारंपरिक रंगों की बजाय फूलों की होली खेली गई, जिससे सौहार्द का संदेश दिया गया।
किन प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया?
राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, एमएलसी रतन पाल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश क्या रहा?
होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है, जिसे आपसी सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए।








