अवध राज खरवार हत्याकांड : हत्यारे बख्से नहीं जाएंगे—विधायक सभा कुंवर कुशवाहा

अवध राज खरवार हत्याकांड के बाद भाटपार रानी में धरना प्रदर्शन, विधायक सभा कुंवर कुशवाहा की मौजूदगी और अंतिम संस्कार की तैयारी करते ग्रामीण

इरफान अली लारी की रिपोर्ट
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अवध राज खरवार हत्याकांड ने देवरिया जनपद के भाटपार रानी तहसील क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, सामाजिक संवेदनशीलता और अपराध नियंत्रण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घाटी चौराहे पर चाय-पकौड़ी की छोटी-सी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले अवध राज खरवार की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा गांव और आसपास का क्षेत्र न्याय की मांग को लेकर एकजुट दिखाई दिया।

समाचार सार: मामूली विवाद के बाद शराब के नशे में धुत तीन युवकों ने चाय-पकौड़ी दुकानदार अवध राज खरवार की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हुई। शव गांव पहुंचते ही धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि सभी दोषियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

घाटी चौराहे से शुरू हुआ मामूली विवाद, जानलेवा हमले में बदला

भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के ग्राम कुकुर घाटी निवासी अवध राज खरवार रोज़ की तरह घाटी चौराहे पर अपनी चाय और पकौड़ी की दुकान चला रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार की शाम तीन युवक पास की अंग्रेजी शराब की दुकान से शराब खरीदकर पहले वहीं बैठे और शराब पी। इसके बाद वे अवध राज की दुकान पर पहुंचे, पकौड़ी ली और खाने के बाद जब दुकानदार ने पैसे मांगे तो तीनों युवक उनसे उलझ गए।

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बात बढ़ने पर तीनों मनबढ़ युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट पर उतारू हो गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जाते-जाते तीनों युवक जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से निकल गए। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह विवाद कुछ ही घंटों बाद एक निर्मम हत्या में बदल जाएगा।

रात में दोबारा हमला, ईंट से कुचलकर छोड़ा अधमरा

गुरुवार की रात करीब आठ बजे के बाद वही तीनों युवक बाइक से दोबारा घाटी चौराहे पर पहुंचे। इस बार उनके इरादे बेहद खौफनाक थे। उन्होंने अवध राज खरवार पर अचानक हमला बोल दिया और बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमलावरों ने ईंट से उनके सिर और शरीर पर कई वार किए।

अवध राज को अधमरी हालत में छोड़कर तीनों आरोपी फरार हो गए। खून से लथपथ पड़े अवध राज को देखकर स्थानीय लोगों और परिजनों में हड़कंप मच गया। तत्काल उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटनी ले जाया गया।

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इलाज के दौरान मौत, गोरखपुर रेफर के बाद टूटा परिवार

सीएचसी भटनी में हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद स्थिति और नाजुक होने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। परिजनों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान अवध राज खरवार ने दम तोड़ दिया।

अवध राज की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे कुकुर घाटी में मातम पसर गया। एक मेहनतकश दुकानदार की इस तरह निर्मम हत्या से लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया।

शव गांव पहुंचते ही धरना-प्रदर्शन, न्याय की मांग

रविवार की सुबह जब अवध राज खरवार का शव गांव लाया गया, तो परिजनों और ग्रामीणों का सब्र टूट गया। परिजनों ने शव को रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मांग साफ थी—हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय।

धरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। मौके पर उप जिलाधिकारी रत्नेश तिवारी पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

विधायक का आश्वासन: अपराधी नहीं बचेंगे

कुछ ही देर बाद विधायक सभा कुंवर कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि अवध राज खरवार हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी और उन पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

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विधायक और प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों ने अनशन समाप्त किया और अंततः अवध राज खरवार का अंतिम संस्कार किया गया।

पुलिस जांच में जुटी, गांव में पसरा सन्नाटा

फिलहाल स्थानीय पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे। इस घटना के बाद गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है।

घटना के समय और बाद में भाजपा नेता अश्वनी कुमार सिंह, मंडल अध्यक्ष घाटी अनिल शाही, संजय सिंह सैंथवार, राघवेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान हरबंस यादव, हरिकेश कुशवाहा, अनिरुद्ध कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

एक हत्या, कई सवाल

अवध राज खरवार हत्याकांड सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ती हिंसा, नशे के दुष्प्रभाव और कानून के डर के कमजोर होते प्रभाव का आईना भी है। अब सबकी निगाहें पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक फैसलों पर टिकी हैं—क्या पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिलेगा, या यह मामला भी लंबी फाइलों में उलझ कर रह जाएगा।

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